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गुरु नानक पुरा रेलवे फाटक क्रास करती संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी की बस ट्रैक पर फंसी, ट्रेन आई तो उतरकर भागा चालक

Wed, 16 Mar 2022 10:27 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2022 10:27 PM IST
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The bus of Sant Baba Bhag Singh University, crossing the Guru Nanak Pura railway gate, got stuck on the track.
जालंधर। जालंधर के गुरु नानक पुरा रेलवे फाटक पर मंगलवार को बाद दोपहर क्रासिंग के दौरान संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी की बस रेलवे ट्रैक पर फंस गई। जिसके बाद बच्चों की जान तब सांसत में आ गई। जब उन्होंने ट्रेन को आते देखा तो ट्रेन रोकने की जद्दोजहद में लगे फाटक संचालक ने मुस्तैदी दिखाते हुए सिग्नल रेड कर ट्रेन को फाटक से करीब 150 मीटर की दूरी पर रुकवाया। जबकि पीछे से आ रही ट्रेन को लाइन क्लीयर मिली। वहीं डीआरएम का कहना है कि फाटक पर बस जरूर फंसी थी, लेकिन ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं थी।
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जानकारी के मुताबिक बस में 5-6 विद्यार्थी व चालक थे, जिन्होंने ट्रेन को आते देखा तो बस से उतरकर भागे। वहीं चश्मदीदों के अनुसार बस चालक बंद होते फाटक में जबरदस्ती बस लेकर आ गया और जैसे ही फाटक के अंदर पहुंचा फाटक बंद हो गया। थोड़ी देर बाद आ रही ट्रेन को देखकर हड़कंप मचा। इसकी सूचना आरपीएफ को मिली तो आनन-फानन में मौके पर पहुंच गए और बस को फाटक से निकालने के बाद सिग्नल ग्रीन किया गया। जालंधर के गुरु नानक पुरा फाटक पर खड़ी ट्रेन अमृतसर की ओर निकली, इसके बाद कार्यवाही शुरू हुई। आरपीएफ ने बस चालक का सारा रिकार्ड लेकर रिपोर्ट बनाकर डिवीजन को भेज दिया है। जब इस घटनाक्रम को लेकर स्टेशन मास्टर आरके बहल से बात की उन्होंने कहा कि संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। जबकि डीआरएम फाटक पर ट्रेन आने की बात स्वीकार करने को राजी नहीं थीं। उन्होंने कई कारण गिनाए, लेकिन हकीकत यही है कि ट्रेन फाटक पर पहुंची और मशक्कत के बाद 150 मीटर दूरी पर रुकी।
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डीआरएम फिरोजपुर डिवीजन सीमा शर्मा ने बताया कि फाटक पर बस जरूर फंसी थी, लेकिन कोई ट्रेन नहीं थी। बस चालक ने सभी की जिंदगियां खतरे में डालीं और बंद होते फाटक में जबरन प्रवेश किया। पूरे प्रकरण में पहले बस निकाली, फिर ग्रीन सिग्नल कर ट्रेन रवाना हुई। डीआरएम के मुताबिक जब तक गेट बंद नहीं है, सिग्नल डाउन नहीं होगा तो ट्रेन कैसे आ सकती है। फाटक संचालक ने लेबल क्रासिंग वाला बूम (डंडा) नीचे नहीं किया और न ही प्राइवेट नंबर एक्सचेंज हुआ जो जरूरी होता है तो ट्रेन कैसे आ सकती है। ये सिग्नल मूवमेंट पर टिका होता है तो ट्रेन आने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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