{"_id":"86de4f5990cad1000dc70bfbe4d6089a","slug":"teacher-salary-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"कबड्डी पर करोड़ों खर्च, अध्यापकों को वेतन नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कबड्डी पर करोड़ों खर्च, अध्यापकों को वेतन नहीं
अमर उजाला, जालंधर
Updated Sun, 01 Dec 2013 10:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब सरकार विश्वकप कबड्डी पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उधर एडेड स्कूलों के प्राइमरी अध्यापकों को आठ माह से वेतन नहीं मिला है।
वेतन न मिलने से अध्यापकों के घरों में चूल्हे की आंच धीमी पड़ने लगी है। उन्हें खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। यही नहीं दूसरे एडेड स्कूलों के अध्यापकों को सितंबर के बाद वेतन नहीं मिला है।
यह भी पता चला है कि आर्थिक संकट में जूझ रही बादल सरकार ने कर्मचारियों के बकाया बिल क्लीयर करने को हरी झंडी दे दी है।
एडेड प्राइमरी स्कूलों में तैनात अध्यापिका हरजिन्द्र कौर, रजनी शर्मा, पूनम शर्मा, गगनदीप और हरपाल कौर का कहना है कि एक तरफ राज्य सरकार शिक्षा का अधिकार कानून लागू करने की बात कर रही है तो दूसरी तरफ अध्यापकों का शोषण किया जा रहा है।
इन स्कूलों में अध्यापकों के पद खाली हैं, जिन्हें सरकार भरना नहीं चाहती है। इस समय रामगढ़िया कन्या प्राइमरी स्कूल में 168 छात्रों पर केवल 3 अध्यापक, आदर्श शिक्षा केंद्र पंजपीर में 96 छात्रों पर केवल एक अध्यापक, आदर्श शिक्षा केंद्र विजय नगर में 150 छात्रों पर केवल 3 अध्यापक तथा रामदास प्राइमरी स्कूल में 97 छात्रों को केवल 2 अध्यापक ही पढ़ा रहे हैं। जिला में आठ स्कूल हैं, जिनमें महज 25 अध्यापक तैनात हैं। यह 25 अध्यापक 2000 छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं।
विज्ञापन
दो ही जिलों को रिलीज हुआ वेतन : बैंस
एडेड स्कूल यूनियन के जिलाध्यक्ष अरविंद बैंस और पीआरओ मनीश अग्रवाल का आरोप है कि राज्य सरकार एडेड स्कूलों के कर्मचारियों को वेतन जारी करने के बयान दे रही है।
हकीकत यह है कि उन्हें अभी वेतन नहीं मिला है। पटियाला तथा संगरूर जिला के कर्मचारियों का ही वेतन रिलीज किया है। प्राइमरी अध्यापकों को मार्च माह के बाद से वेतन नहीं मिला है।
पांचवें पे-स्केल के बकाया की पहली किस्त भी नहीं मिल सकी है जबकि सरकारी कर्मचारियों को सरकार तीसरी किस्त जारी करने जा रही है। यूनियन ने इस नीति को एडेड स्कूलों के कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार बताया है।
बकाया जारी करने के निर्देश मिले : कुलदीप
खजाना अधिकारी कुलदीप कुमार एडेड स्कूलों के वेतन पर ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि सरकारी कर्मचारियों के जैसे-जैसे बिल आ रहे हैं, उन्हें क्लीयर किया जा रहा है। उन्होंने इस बात को जरूर माना कि सरकार की तरफ से 19 नवंबर तक आने वाले सभी बकाया को जारी करने के निर्देश जारी हो चुके हैं। इस पर काम चल रहा है।
विज्ञापन
वेतन न मिलने से अध्यापकों के घरों में चूल्हे की आंच धीमी पड़ने लगी है। उन्हें खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। यही नहीं दूसरे एडेड स्कूलों के अध्यापकों को सितंबर के बाद वेतन नहीं मिला है।
यह भी पता चला है कि आर्थिक संकट में जूझ रही बादल सरकार ने कर्मचारियों के बकाया बिल क्लीयर करने को हरी झंडी दे दी है।
एडेड प्राइमरी स्कूलों में तैनात अध्यापिका हरजिन्द्र कौर, रजनी शर्मा, पूनम शर्मा, गगनदीप और हरपाल कौर का कहना है कि एक तरफ राज्य सरकार शिक्षा का अधिकार कानून लागू करने की बात कर रही है तो दूसरी तरफ अध्यापकों का शोषण किया जा रहा है।
विज्ञापन
इन स्कूलों में अध्यापकों के पद खाली हैं, जिन्हें सरकार भरना नहीं चाहती है। इस समय रामगढ़िया कन्या प्राइमरी स्कूल में 168 छात्रों पर केवल 3 अध्यापक, आदर्श शिक्षा केंद्र पंजपीर में 96 छात्रों पर केवल एक अध्यापक, आदर्श शिक्षा केंद्र विजय नगर में 150 छात्रों पर केवल 3 अध्यापक तथा रामदास प्राइमरी स्कूल में 97 छात्रों को केवल 2 अध्यापक ही पढ़ा रहे हैं। जिला में आठ स्कूल हैं, जिनमें महज 25 अध्यापक तैनात हैं। यह 25 अध्यापक 2000 छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं।
विज्ञापन
दो ही जिलों को रिलीज हुआ वेतन : बैंस
एडेड स्कूल यूनियन के जिलाध्यक्ष अरविंद बैंस और पीआरओ मनीश अग्रवाल का आरोप है कि राज्य सरकार एडेड स्कूलों के कर्मचारियों को वेतन जारी करने के बयान दे रही है।
हकीकत यह है कि उन्हें अभी वेतन नहीं मिला है। पटियाला तथा संगरूर जिला के कर्मचारियों का ही वेतन रिलीज किया है। प्राइमरी अध्यापकों को मार्च माह के बाद से वेतन नहीं मिला है।
पांचवें पे-स्केल के बकाया की पहली किस्त भी नहीं मिल सकी है जबकि सरकारी कर्मचारियों को सरकार तीसरी किस्त जारी करने जा रही है। यूनियन ने इस नीति को एडेड स्कूलों के कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार बताया है।
बकाया जारी करने के निर्देश मिले : कुलदीप
खजाना अधिकारी कुलदीप कुमार एडेड स्कूलों के वेतन पर ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि सरकारी कर्मचारियों के जैसे-जैसे बिल आ रहे हैं, उन्हें क्लीयर किया जा रहा है। उन्होंने इस बात को जरूर माना कि सरकार की तरफ से 19 नवंबर तक आने वाले सभी बकाया को जारी करने के निर्देश जारी हो चुके हैं। इस पर काम चल रहा है।