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कांग्रेस करेगी चुनाव आयोग व राज्यपाल से शिकायत : जाखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Wed, 28 Dec 2016 07:40 PM IST
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सुनील जाखड़
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प्रदेश कांग्रेस उपप्रधान व प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने बताया कि पंजाब सरकार ने 22 दिसंबर को चोरी छिपे इंटेलिजेंस विंग में 22 कर्मचारियों की भर्ती कर दी। दस्तावेज दिखाए जिसके अनुसार एडिशनल डायरेक्टर जनरल पुलिस इंटेलिजेंस द्वारा 22 व्यक्तियों को इंटेलिजेंस असिस्टेंट पद पर कांस्टेबल रैंक में नियुक्ति देकर उनकी सीमा पट्टी क्षेत्र में पोस्टिंग के आर्डर भी हाथों हाथ थमा दिए गए।
इनमें से 21 नियुक्तियां उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के निर्वाचन क्षेत्र जलालाबाद में रहने वालों की हैं, जबकि एक अबोहर उपमंडल का निवासी है। नियुक्ति का लाभ पाने वालों में अरनीवाला नगर पंचायत प्रधान सुखदेव सिंह अरनीवाला, शिअद अजा विंग के प्रधान प्यारा सिंह व अरनीवाला सर्कल शिअद प्रधान निशान सिंह के अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य और अबोहर के निकटवर्ती गांव बहाववाला के जत्थेदार कौर सिंह के बेटे शामिल हैं।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब के इतिहास में अब तक हुई अनियमितताओं का रिकार्ड तोड़ते हुए गृह विभाग के मुखिया व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को चुनाव आचार संहिता लागू होने से कुछ समय पूर्व चोर दरवाजे से सरकारी नौकरियां प्रशासकीय प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाते हुए देने का जो इतिहास रचा है उसके विरुद्ध चुनाव आयोग व राज्यपाल से गुहार लगाते हुए ऐसे सभी राजनैतिक निर्णय तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग की जाएगी।
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जाखड़ ने कहा कि पुलिस कर्मियों की भर्ती के बहाने पंजाब सरकार ने साढ़े 6 लाख बेरोजगार युवकों व युवतियों से पैसे बटोरे जबकि 7 हजार से कम पुलिस कर्मी भर्ती किए जाने थे। शेष प्रक्रिया अभी अधूरी है लेकिन 22 दिसंबर को राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने पूरे पंजाब के युवाओं को नजर अंदाज करते हुए सीमावर्ती जिलों में नियुक्ति पत्र जारी कर दिए।
जाखड़ ने इस बात पर हैरानी जताई कि फाजिल्का के निकट बीते दिनों धुंध के कारण सड़क दुर्घटना में 12 सरकारी अध्यापक और एक गाड़ी चालक ने दम तोड़ दिया था। इनमें से केवल 6 को ही अब तक सरकारी नौकरी दी गई है जबकि राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बेटों को नौकरी देने के लिए अकाली सरकार अप्रत्याशित फुर्ती दिखा रही है। जाखड़ ने मांग की कि चुनाव आयोग सरकारी धांधलियों पर विराम लगाने के लिए बिना किसी देरी के चुनाव आचार संहिता लागू करे और सभी नियुक्तियों की समीक्षा की जाए।
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इनमें से 21 नियुक्तियां उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के निर्वाचन क्षेत्र जलालाबाद में रहने वालों की हैं, जबकि एक अबोहर उपमंडल का निवासी है। नियुक्ति का लाभ पाने वालों में अरनीवाला नगर पंचायत प्रधान सुखदेव सिंह अरनीवाला, शिअद अजा विंग के प्रधान प्यारा सिंह व अरनीवाला सर्कल शिअद प्रधान निशान सिंह के अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य और अबोहर के निकटवर्ती गांव बहाववाला के जत्थेदार कौर सिंह के बेटे शामिल हैं।
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जाखड़ ने कहा कि पंजाब के इतिहास में अब तक हुई अनियमितताओं का रिकार्ड तोड़ते हुए गृह विभाग के मुखिया व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को चुनाव आचार संहिता लागू होने से कुछ समय पूर्व चोर दरवाजे से सरकारी नौकरियां प्रशासकीय प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाते हुए देने का जो इतिहास रचा है उसके विरुद्ध चुनाव आयोग व राज्यपाल से गुहार लगाते हुए ऐसे सभी राजनैतिक निर्णय तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग की जाएगी।
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जाखड़ ने कहा कि पुलिस कर्मियों की भर्ती के बहाने पंजाब सरकार ने साढ़े 6 लाख बेरोजगार युवकों व युवतियों से पैसे बटोरे जबकि 7 हजार से कम पुलिस कर्मी भर्ती किए जाने थे। शेष प्रक्रिया अभी अधूरी है लेकिन 22 दिसंबर को राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने पूरे पंजाब के युवाओं को नजर अंदाज करते हुए सीमावर्ती जिलों में नियुक्ति पत्र जारी कर दिए।
जाखड़ ने इस बात पर हैरानी जताई कि फाजिल्का के निकट बीते दिनों धुंध के कारण सड़क दुर्घटना में 12 सरकारी अध्यापक और एक गाड़ी चालक ने दम तोड़ दिया था। इनमें से केवल 6 को ही अब तक सरकारी नौकरी दी गई है जबकि राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बेटों को नौकरी देने के लिए अकाली सरकार अप्रत्याशित फुर्ती दिखा रही है। जाखड़ ने मांग की कि चुनाव आयोग सरकारी धांधलियों पर विराम लगाने के लिए बिना किसी देरी के चुनाव आचार संहिता लागू करे और सभी नियुक्तियों की समीक्षा की जाए।