{"_id":"584577d54f1c1b885d447d94","slug":"sunil-jakhar-congress-leader-farmers-water-provide-congress-leader-jakhar-ferozepur-jalandhar","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपनहर बंद होने से गेहूं की बिजाई प्रभावित : जाखड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपनहर बंद होने से गेहूं की बिजाई प्रभावित : जाखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Mon, 05 Dec 2016 07:52 PM IST
विज्ञापन
सुनील जाख्ाड़।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि एक माह से नवीनीकरण के नाम पर पंजावा माइनर (उपनहर) बंद रहने के कारण टेल पर बसे अनेक गांवों के किसान गेहूं की बिजाई करने से वंचित रह गए हैं।
किल्लियांवाली, तेलुपुरा, हरीपुरा, खुइयां सरवर, दीवानखेडा, पंजकोसी व दानेवाला सतकोसी सहित कई गांवों को पानी पहुंचाने पर पंजावा उपनहर नवनिर्माण के बहाने बंद कर दी गई। इससे न केवल सैकड़ों किसान गेहूं की बिजाई करने से वंचित रह गए हैं बल्कि जलघरों में भी पानी उपलब्ध न होने के कारण पीने के पानी का संकट भी गहराता जा रहा है।
जाखड़ ने कहा कि सिंचाई विभाग को बिजाई से पूर्व नहरों की सफाई तथा पुनर्निर्माण जैसे कार्य निपटाने चाहिए थे लेकिन समुचित जल प्रबंधन ना होने के कारण लगभग हर वर्ष उपभोक्ताओं व किसानों को संकट का सामना करना पड़ता है। कुछ माह बाद पंजाब व राजस्थान के सिंचाई विभाग बीकानेर नहर तथा फिरोजपुर फीडर की मरम्मत के लिए एक माह की नहरीबंदी की योजना तय कर रहे हैं। यदि डाइवर्शन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो अगली फसल की बिजाई करना भी आसान नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
किल्लियांवाली, तेलुपुरा, हरीपुरा, खुइयां सरवर, दीवानखेडा, पंजकोसी व दानेवाला सतकोसी सहित कई गांवों को पानी पहुंचाने पर पंजावा उपनहर नवनिर्माण के बहाने बंद कर दी गई। इससे न केवल सैकड़ों किसान गेहूं की बिजाई करने से वंचित रह गए हैं बल्कि जलघरों में भी पानी उपलब्ध न होने के कारण पीने के पानी का संकट भी गहराता जा रहा है।
विज्ञापन
जाखड़ ने कहा कि सिंचाई विभाग को बिजाई से पूर्व नहरों की सफाई तथा पुनर्निर्माण जैसे कार्य निपटाने चाहिए थे लेकिन समुचित जल प्रबंधन ना होने के कारण लगभग हर वर्ष उपभोक्ताओं व किसानों को संकट का सामना करना पड़ता है। कुछ माह बाद पंजाब व राजस्थान के सिंचाई विभाग बीकानेर नहर तथा फिरोजपुर फीडर की मरम्मत के लिए एक माह की नहरीबंदी की योजना तय कर रहे हैं। यदि डाइवर्शन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो अगली फसल की बिजाई करना भी आसान नहीं होगा।
विज्ञापन