{"_id":"57b456bc4f1c1bd26e6ebdca","slug":"sunil-jakhar-congress-leader-blue-card-scam-blue-card-ferozepur-jalandhar-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनीतिकरण से नीले कार्ड बनाने में उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियां : जाखड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनीतिकरण से नीले कार्ड बनाने में उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियां : जाखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Wed, 17 Aug 2016 07:11 PM IST
विज्ञापन
सुनील जाखड़।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व मुख्य प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे का जीवन बीताने वाले परिवारों के नीले कार्ड बना कर राहत देने की योजना का न केवल राजनीतिकरण हो गया है बल्कि इस बारे में निर्धारित सभी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
संबंधित विभाग में पड़ी फाइलों पर शिरोमणि अकाली दल अंकित है, जिससे स्पष्ट होता है कि पक्का सीड फार्म आदि के फार्म सतारूढ़ दल द्वारा थोक में जमा करवाए गए। फाइलों व फार्मों के अवलोकन से पता चलता है कि इन पर पटवारी, ब्लाक विकास व पंचायत अधिकारी व एसडीएम के हस्ताक्षर तो मौजूद हैं लेकिन न तो किसी आवेदक ने और न ही राजस्व विभाग के किसी अधिकारी ने हस्ताक्षर के साथ तारीख अंकित की है।
जाखड़ ने कहा कि नीले कार्डों के मामले पर 34 हजार में से 18 हजार आवेदकों को ही सत्तारूढ़ दलों की सिफारिश पर नीले कार्ड जारी करने पर दो बार रोष प्रदर्शन किया गया था। पहले भी विधानसभा में यह मामला उठाया था और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों ने आश्वासन दिया था कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाएंगे।
विज्ञापन
बावजूद नीले कार्ड बनाने मेें अनियमितताएं बरती जा रही हैं। कांग्रेसी पार्षदों के माध्यम से जमा करवाए गए 1200 फार्मों की स्थिति का तो कोई अता पता नहीं चल रहा जबकि जत्थेदारों द्वारा जमा करवाए गए फार्मों पर सरकारी अधिकारी आंख मूंद कर हस्ताक्षर कर रहे हैं। दूसरी ओर गरीबी रेखा से नीचे का जीवन बिताने वाले हजारों सुपात्र परिवार कार्ड बनवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
जाखड़ ने नीला कार्ड घोटाले की उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि सितंबर में बुलाए जा रहे विधान सभा सत्र में वह यह मामला प्रमुखता से उठाएंगे और कांग्रेसी विधायकों के सहयोग से सरकार को जांच के लिए मजबूर कर देंगे।
विज्ञापन
संबंधित विभाग में पड़ी फाइलों पर शिरोमणि अकाली दल अंकित है, जिससे स्पष्ट होता है कि पक्का सीड फार्म आदि के फार्म सतारूढ़ दल द्वारा थोक में जमा करवाए गए। फाइलों व फार्मों के अवलोकन से पता चलता है कि इन पर पटवारी, ब्लाक विकास व पंचायत अधिकारी व एसडीएम के हस्ताक्षर तो मौजूद हैं लेकिन न तो किसी आवेदक ने और न ही राजस्व विभाग के किसी अधिकारी ने हस्ताक्षर के साथ तारीख अंकित की है।
विज्ञापन
जाखड़ ने कहा कि नीले कार्डों के मामले पर 34 हजार में से 18 हजार आवेदकों को ही सत्तारूढ़ दलों की सिफारिश पर नीले कार्ड जारी करने पर दो बार रोष प्रदर्शन किया गया था। पहले भी विधानसभा में यह मामला उठाया था और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों ने आश्वासन दिया था कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाएंगे।
विज्ञापन
बावजूद नीले कार्ड बनाने मेें अनियमितताएं बरती जा रही हैं। कांग्रेसी पार्षदों के माध्यम से जमा करवाए गए 1200 फार्मों की स्थिति का तो कोई अता पता नहीं चल रहा जबकि जत्थेदारों द्वारा जमा करवाए गए फार्मों पर सरकारी अधिकारी आंख मूंद कर हस्ताक्षर कर रहे हैं। दूसरी ओर गरीबी रेखा से नीचे का जीवन बिताने वाले हजारों सुपात्र परिवार कार्ड बनवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
जाखड़ ने नीला कार्ड घोटाले की उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि सितंबर में बुलाए जा रहे विधान सभा सत्र में वह यह मामला प्रमुखता से उठाएंगे और कांग्रेसी विधायकों के सहयोग से सरकार को जांच के लिए मजबूर कर देंगे।