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मिनिस्टीरियल कर्मचारी यूनियन की कलम छोड़ हड़ताल जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मुक्तसर
Updated Tue, 15 Nov 2016 09:02 PM IST
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हड़ताल
- फोटो : demo
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मिनिस्टीरियल कर्मचारी यूनियन की ओर से मांगों की पूर्ति के लिए शुरू की गई कलम छोड़ हड़ताल लगातार जारी है। इस वजह से लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मियों ने मंगलवार को बैठक कर कलम छोड़ हड़ताल 17 नवंबर तक बढ़ा दी है। इस दौरान फैसला लिया गया कि 18 नवंबर को कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर शहर में रोष मार्च करेंगे।
यूनियन के अध्यक्ष वरिंदर ढोसीवाल नेे बताया कि राज्य सरकार उनकी मानी हुई मांगों को पूरा करने में आनाकानी कर रही है। मिनिस्टीरियल कर्मचारी 1995 के कानून अनुसार पदों को तुरंत मंजूर कर स्टाफ देने, सुपरिंटेंडेंट माल से तहसीलदार पदोन्नति के लिए तजुर्बे की शर्त पांच वर्ष के बजाय तीन वर्ष करने, शर्त पूरी करते सीनियर सहायक को नायब तहसीलदार पदोन्नति करने, सुपरिंटेंडेंट व निजी सहायक की पदोन्नति के अधिकार डीसी को देने, स्टेनो काडर की पदोन्नति पर लगाई फालतू शर्त हटाने, एक जनवरी 2006 से महंगाई की किस्त देने, महंगाई भत्ता वेतन में मर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
एसीपी कमेटी की रिपोर्ट 4-9-14 वर्षीय नौकरी पूरी होने पर हायर वेतन स्केल देने, 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के पुरानी पेंशन स्कीम देने, छीने भत्ते बहाल करने, काले कानून वापस लेने, कच्चे कर्मियों को रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं। इस अवसर पर महासचिव हरजिंदर सिंह सिद्धू, राज कुमार, खुशकरनजीत सिंह, गुरलाल सिंह, अशोक कुमार, मनदीप भंडारी, परमजीत सिंह, ओमपाल सिंह, बलविंदर सिंह, गुरमेल सिंह, बीरबल शर्मा और दलजीत सिंह मौजूद थे।
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यूनियन के अध्यक्ष वरिंदर ढोसीवाल नेे बताया कि राज्य सरकार उनकी मानी हुई मांगों को पूरा करने में आनाकानी कर रही है। मिनिस्टीरियल कर्मचारी 1995 के कानून अनुसार पदों को तुरंत मंजूर कर स्टाफ देने, सुपरिंटेंडेंट माल से तहसीलदार पदोन्नति के लिए तजुर्बे की शर्त पांच वर्ष के बजाय तीन वर्ष करने, शर्त पूरी करते सीनियर सहायक को नायब तहसीलदार पदोन्नति करने, सुपरिंटेंडेंट व निजी सहायक की पदोन्नति के अधिकार डीसी को देने, स्टेनो काडर की पदोन्नति पर लगाई फालतू शर्त हटाने, एक जनवरी 2006 से महंगाई की किस्त देने, महंगाई भत्ता वेतन में मर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
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एसीपी कमेटी की रिपोर्ट 4-9-14 वर्षीय नौकरी पूरी होने पर हायर वेतन स्केल देने, 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के पुरानी पेंशन स्कीम देने, छीने भत्ते बहाल करने, काले कानून वापस लेने, कच्चे कर्मियों को रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं। इस अवसर पर महासचिव हरजिंदर सिंह सिद्धू, राज कुमार, खुशकरनजीत सिंह, गुरलाल सिंह, अशोक कुमार, मनदीप भंडारी, परमजीत सिंह, ओमपाल सिंह, बलविंदर सिंह, गुरमेल सिंह, बीरबल शर्मा और दलजीत सिंह मौजूद थे।
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