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एसआईटी ने शुरू की पड़ताल, बरगाड़ी बेअदबी मामले में सीबीआई ने पुलिस को सौपे दस्तावेज
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फरीदकोट। पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय की हिदायत पर सीबीआई से दस्तावेज मिलते ही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय की आदेश पर एसआईटी प्रमुख रणबीर सिंह खटड़ा को को हटाकर उनकी जगह सुरिंदरपाल सिंह परमार को जिम्मेवारी सौंपी है। यह जानकारी शुक्रवार को एसआईटी ने जेएमआईसी की अदालत को दी।
बरगाड़ी बेअदबी कांड से संबंधित तीन घटनाओं की जांच तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार ने सीबीआई को सौंप दी थी। लंबी छानबीन के बावजूद सीबीआई को कोई सुराग नहीं मिला था। इसके बाद साल 2018 के दौरान सिख जत्थेबंदियों की बरगाड़ी मोर्चा शुरू किए जाने के बाद हरकत में आई पंजाब पुलिस की एसआईटी ने राज्य के कुछ अन्य बेअदबी की घटनाओं की पड़ताल के दौरान डेरा सच्चा सौदा सिरसा की 45 मेंबरी कमेटी के सदस्य महिंदरपाल बिट्टू समेत कुल 10 डेरा अनुयायियों को गिरफ्तार करते हुए उनके बरगाड़ी कांड में शामिल का दावा किया था और अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी थी।
हसीबीआई ने पंजाब पुलिस की रिपोर्ट को नकारते हुए क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी। पिछले साल 22 अप्रैल को राज्य सरकार ने रणबीर सिंह खटड़ा की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन करते हुए उन्हें बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच सौंपी। एसआईटी ने 7 डेरा अनुयायियों को गिरफ्तार किया और डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अलावा डेरे की नेशनल कमेटी के तीन सदस्यों को भी नामजद करते हुए सभी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी।
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इस केस में आरोपी बनाए गए डेरा अनुयायी की याचिका का निपटारा करते हुए उच्च न्यायालय ने इसी साल 4 जनवरी को आदेश जारी किया था कि अब इस मामले की जांच पंजाब पुलिस की एसआईटी ही करेगी और सीबीआई से केस डायरी पुलिस को सौंपने के आदेश दिए थे। साथ ही एसआईटी प्रमुख को भी बदलने की हिदायत दी थी। सीबीआई से दस्तावेज मिलने पर एसआईटी ने नवनियुक्त प्रमुख की निगरानी में जांच शुरू कर दी है। हालांकि राज्य सरकार ने प्रमुख के पद से हटाए गए रणबीर सिंह खटड़ा को एसआईटी में बतौर सदस्य बरकरार है।
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बरगाड़ी बेअदबी कांड से संबंधित तीन घटनाओं की जांच तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार ने सीबीआई को सौंप दी थी। लंबी छानबीन के बावजूद सीबीआई को कोई सुराग नहीं मिला था। इसके बाद साल 2018 के दौरान सिख जत्थेबंदियों की बरगाड़ी मोर्चा शुरू किए जाने के बाद हरकत में आई पंजाब पुलिस की एसआईटी ने राज्य के कुछ अन्य बेअदबी की घटनाओं की पड़ताल के दौरान डेरा सच्चा सौदा सिरसा की 45 मेंबरी कमेटी के सदस्य महिंदरपाल बिट्टू समेत कुल 10 डेरा अनुयायियों को गिरफ्तार करते हुए उनके बरगाड़ी कांड में शामिल का दावा किया था और अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी थी।
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हसीबीआई ने पंजाब पुलिस की रिपोर्ट को नकारते हुए क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी। पिछले साल 22 अप्रैल को राज्य सरकार ने रणबीर सिंह खटड़ा की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन करते हुए उन्हें बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच सौंपी। एसआईटी ने 7 डेरा अनुयायियों को गिरफ्तार किया और डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अलावा डेरे की नेशनल कमेटी के तीन सदस्यों को भी नामजद करते हुए सभी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी।
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इस केस में आरोपी बनाए गए डेरा अनुयायी की याचिका का निपटारा करते हुए उच्च न्यायालय ने इसी साल 4 जनवरी को आदेश जारी किया था कि अब इस मामले की जांच पंजाब पुलिस की एसआईटी ही करेगी और सीबीआई से केस डायरी पुलिस को सौंपने के आदेश दिए थे। साथ ही एसआईटी प्रमुख को भी बदलने की हिदायत दी थी। सीबीआई से दस्तावेज मिलने पर एसआईटी ने नवनियुक्त प्रमुख की निगरानी में जांच शुरू कर दी है। हालांकि राज्य सरकार ने प्रमुख के पद से हटाए गए रणबीर सिंह खटड़ा को एसआईटी में बतौर सदस्य बरकरार है।