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इन्हें आज भी मुआवजे का इंतजार
ब्यूरो, अमर उजाला/जालंध्ार
Updated Sat, 25 Jul 2015 10:29 PM IST
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कुल्लू में हुए हादसे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने
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मृतकों के परिवारों को वित्तीय मदद देने का ऐलान कर दिया है। वहीं दो साल
पहले एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 23 लोगों के परिजन आज भी मुआवजे का
इंतजार कर रहे हैं। सरकार की ओर से घोषित मुआवजे का इंतजार मृतकों के
परिजन आज भी कर रहे हैं। ये बातें पूर्व कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह
खैहरा मीडिया से बातचीत में कहीं।
खैहरा ने कहा कि 9 अक्तूबर 2013 को भुल्लथ हल्के के गांव फतेहपुर के 23 लोगों की मंगूवाल बैरियर के करीब हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के बाद पंजाब के मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणई ने मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख रुपये व घायलों को 25-25 हजार रुपये देने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि इस हादसे से संबधित परिवार दो साल बीत जाने के बाद भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
इस बारे में उन्होंने आरटीआई के जरिये जानकारी मांगी तो मुख्यमंत्री आफिस में जवाब मिला कि यह मामला मुख्यमंत्री आफिस में लंबित है। मगर यह केस रद्द नही किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नए मुआवजे के ऐलान तो कर रहे हैं लेकिन दो साल पुराने मुआवजे का ही कोई अता-पता नही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दरअसल सरकार उन केसों में मुआवजा जल्द देती है, जिससे फायदा हो। ऑर्बिट केस में मुआवजा जल्द ही दे दिया गया, क्योंकि यह मामला बादल परिवार से संबधित था। सुरजीत का केस इंटरनेशनल इश्यू बन चुका था, जिसके बाद पंजाब सरकार ने परिवार को 1 करोड़ रुपये व उसकी बेटी को सरकारी नौकरी भी दी। खैहरा ने कहा कि अगर इन परिवारों को जल्द ही आर्थिक मदद नहीं दी गई तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
गरीब लोगों की मदद करें एनआरआई
सुखपाल सिंहखैहरा ने कहा कि एनआरआई पंजाब में कबड्डी पर करोड़ों रुपये खर्च करने की बजाए गरीब परिवारों की मदद करें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पास कबड्डी पर करोड़ों रुपये लगाने के लिए हैं लेकिन गरीबों की मदद के लिए नही हैं।
खैहरा ने कहा कि 9 अक्तूबर 2013 को भुल्लथ हल्के के गांव फतेहपुर के 23 लोगों की मंगूवाल बैरियर के करीब हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के बाद पंजाब के मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणई ने मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख रुपये व घायलों को 25-25 हजार रुपये देने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि इस हादसे से संबधित परिवार दो साल बीत जाने के बाद भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
इस बारे में उन्होंने आरटीआई के जरिये जानकारी मांगी तो मुख्यमंत्री आफिस में जवाब मिला कि यह मामला मुख्यमंत्री आफिस में लंबित है। मगर यह केस रद्द नही किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नए मुआवजे के ऐलान तो कर रहे हैं लेकिन दो साल पुराने मुआवजे का ही कोई अता-पता नही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दरअसल सरकार उन केसों में मुआवजा जल्द देती है, जिससे फायदा हो। ऑर्बिट केस में मुआवजा जल्द ही दे दिया गया, क्योंकि यह मामला बादल परिवार से संबधित था। सुरजीत का केस इंटरनेशनल इश्यू बन चुका था, जिसके बाद पंजाब सरकार ने परिवार को 1 करोड़ रुपये व उसकी बेटी को सरकारी नौकरी भी दी। खैहरा ने कहा कि अगर इन परिवारों को जल्द ही आर्थिक मदद नहीं दी गई तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
गरीब लोगों की मदद करें एनआरआई
सुखपाल सिंहखैहरा ने कहा कि एनआरआई पंजाब में कबड्डी पर करोड़ों रुपये खर्च करने की बजाए गरीब परिवारों की मदद करें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पास कबड्डी पर करोड़ों रुपये लगाने के लिए हैं लेकिन गरीबों की मदद के लिए नही हैं।