{"_id":"1710c4febeeeb3d77bcee11be7b3367a","slug":"punjab-jalandhar-st-ct","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलित उत्पीड़न के केसों में वृद्धि चिंताजनक : वेरका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दलित उत्पीड़न के केसों में वृद्धि चिंताजनक : वेरका
अमर उजाला,जालंधर
Updated Sat, 25 Jan 2014 09:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजकुमार वेरका ने जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला के केसों की सर्किट हाउस में लगाए गए सुनवाई कैंप के दौरान पंजाब में दलित उत्पीड़न के बढ़ रहे केसों पर चिंता जाहिर की है।
शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉक्टर वेरका ने बताया कि पंजाब में दलित उत्पीड़न के मामलों का बढ़ना चिंता का विषय है। आयोग इसको गंभीरता से ले रहा है। वेरका ने कहा कि फिरोजपुर के सांसद शेर सिंह घुबाया जो अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं ने भी एक शिकायत आयोग के समक्ष दी है और इंसाफ की मांग की है।
यह खुशी की बात है कि अब आयोग द्वारा किए जा रहे केसों के निपटारों से हर वर्ग का विश्वास बढ़ा है। जहां जल्दी न्याय मिल रहा है वहीं आयोग की भी कोशिश रहती है कि दलित उत्पीड़न के मामलों पर ठोस कार्रवाई करके इन पर अंकुश लगाया जाए। शिकायतकर्ता सांसद शेर सिंह के मामले में भी आयोग ने डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी फिरोजपुर को 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
शादीशुदा व्यक्ति कर गया शारीरिक शोषण
आयोग के समक्ष जिला गुरदासपुर निवासी एक शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि बूटा सिंह वासी डाकखाना मल्लियां जाट समुदाय से संबंध रखता है। उसने पिछले चार पांच सालों से शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और बाद में उसे पता चला कि वो शादीशुदा है। इस दौरान बूटा सिंह ने उसके पासपोर्ट में अपना पति के तौर पर नाम लिखवाया और बैंक अकाउंट तक खुलवाए। बूटा सिंह ने शादी का एक जाली प्रमाण पत्र दिखा कर उससे शारीरिक शोषण करता रहा।
आयोग के सामने पीड़िता ने बताया कि जालंधर के पुलिस अधिकारी दलजिंदर सिंह ने उसकी शिकायत को पड़ताल करने के बाद सही पाया था और बूटा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी लेकिन तत्कालीन पुलिस कमिश्नर गौरव यादव ने इस रिपोर्ट से असहमति जताई थी और उसको इंसाफ नहीं मिल पाया। इस केस में आयोग के समक्ष जालंधर के डीसीपी राहुल एस पेश हुए। डॉक्टर वेरका ने पीड़िता और डीसीपी को सुनने के बाद एडीजीपी क्राइम को केस की जांच करने के आदेश दिए और 15 दिन में रिपोर्ट फाइल करने के आदेश दिए।
मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच न करवाने का बयान मेरा निजी : वेरका
वेरका से जब यह पूछा गया कि पूरी कांग्रेस ड्रग तस्करी मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच करवाने की मांग को लेकर शोर मचा रही है वहीं उनके द्वारा जारी किया बयान कि मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है, कांग्रेस के खिलाफ है। इस पर वेकरा ने कहा कि वह उनका निजी बयान था। हाईकमान व प्रदेश कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग कर रही है तो वह पार्टी के साथ हैं।
शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉक्टर वेरका ने बताया कि पंजाब में दलित उत्पीड़न के मामलों का बढ़ना चिंता का विषय है। आयोग इसको गंभीरता से ले रहा है। वेरका ने कहा कि फिरोजपुर के सांसद शेर सिंह घुबाया जो अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं ने भी एक शिकायत आयोग के समक्ष दी है और इंसाफ की मांग की है।
विज्ञापन
यह खुशी की बात है कि अब आयोग द्वारा किए जा रहे केसों के निपटारों से हर वर्ग का विश्वास बढ़ा है। जहां जल्दी न्याय मिल रहा है वहीं आयोग की भी कोशिश रहती है कि दलित उत्पीड़न के मामलों पर ठोस कार्रवाई करके इन पर अंकुश लगाया जाए। शिकायतकर्ता सांसद शेर सिंह के मामले में भी आयोग ने डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी फिरोजपुर को 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
शादीशुदा व्यक्ति कर गया शारीरिक शोषण
आयोग के समक्ष जिला गुरदासपुर निवासी एक शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि बूटा सिंह वासी डाकखाना मल्लियां जाट समुदाय से संबंध रखता है। उसने पिछले चार पांच सालों से शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और बाद में उसे पता चला कि वो शादीशुदा है। इस दौरान बूटा सिंह ने उसके पासपोर्ट में अपना पति के तौर पर नाम लिखवाया और बैंक अकाउंट तक खुलवाए। बूटा सिंह ने शादी का एक जाली प्रमाण पत्र दिखा कर उससे शारीरिक शोषण करता रहा।
आयोग के सामने पीड़िता ने बताया कि जालंधर के पुलिस अधिकारी दलजिंदर सिंह ने उसकी शिकायत को पड़ताल करने के बाद सही पाया था और बूटा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी लेकिन तत्कालीन पुलिस कमिश्नर गौरव यादव ने इस रिपोर्ट से असहमति जताई थी और उसको इंसाफ नहीं मिल पाया। इस केस में आयोग के समक्ष जालंधर के डीसीपी राहुल एस पेश हुए। डॉक्टर वेरका ने पीड़िता और डीसीपी को सुनने के बाद एडीजीपी क्राइम को केस की जांच करने के आदेश दिए और 15 दिन में रिपोर्ट फाइल करने के आदेश दिए।
मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच न करवाने का बयान मेरा निजी : वेरका
वेरका से जब यह पूछा गया कि पूरी कांग्रेस ड्रग तस्करी मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच करवाने की मांग को लेकर शोर मचा रही है वहीं उनके द्वारा जारी किया बयान कि मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है, कांग्रेस के खिलाफ है। इस पर वेकरा ने कहा कि वह उनका निजी बयान था। हाईकमान व प्रदेश कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग कर रही है तो वह पार्टी के साथ हैं।