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पिम्स से खाली हाथ लौटे विधायक परगट सिंह, नहीं माने चिकित्सक
अमर उजाला, जालंधर
Updated Wed, 08 Jan 2014 10:52 PM IST
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पिम्स का संकट गहराया हुआ है और विधायक परगट सिंह को भी बुधवार को पिम्स से खाली हाथ लौटना पड़ा। वे चिकित्सकों को तीन माह का वेतन का पैकेज देने की घोषणा कर उनको मनाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन चिकित्सकों ने विधायक की मीठी गोली लेने से साफ इंकार कर दिया। चिकित्सकों ने कहा कि जब तक छह माह का वेतन जारी नहीं होता, चिकित्सक काम पर नहीं आएंगे।
विधायक परगट सिंह ने पिम्स पहुंचकर चिकित्सकों को अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल ने उनकी ड्यूटी पिम्स का मामला हल करने के लिए लगाई हुई है। वे सरकार की तरफ से उनकी बात सुनने के लिए आए हुए हैं। चिकित्सकों को उन्होंने कहा कि तीन माह का वेतन उनके खातों में डाल दिया गया है।
चिकित्सकों ने कहा कि जब तक छह माह की पूरी पगार नहीं मिलती, काम पर नहीं लौटेंगे। वहीं बुधवार को दो लेक्चरर ने मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर लगाने शुरू किए थे लेकिन हड़ताली डाक्टरों ने रुकवा दिया।
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विधायक परगट सिंह ने 300 बच्चों की पढ़ाई की दुहाई भी दी लेकिन चिकित्सक टस से मस नहीं हुए। वहीं पैरा मेडिकल स्टाफ व अन्य यूनियन भी एकजुट हो गई हैं और साफ कहा है कि जब तक चिकित्सकों व स्टाफ को छह माह की सेलेरी नहीं मिलती कोई काम पर नहीं लौटेगा।
परगट सिंह ने कहा कि अब वे रोजाना तीन-चार घंटे पिम्स आया करेंगे और हड़ताली डॉक्टरों को मनाने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने यह वादा भी किया कि 1 फरवरी तक सब कुछ क्लीयर कर लिया जाएगा।
फाइनांस कंट्रोलर ने कामकाज संभाला
पिम्स में नए फाइनांस कंट्रोलर दिनेश मिश्रा ने कामकाज बुधवार को संभाल लिया है। पिम्स की आर्थिक हालत काफी खस्ता हो चुकी है। दिनेश मिश्रा को खास तौर पर बंगलूरू से भेजा गया है।
मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे : परगट
वहीं विधायक परगट सिंह ने फोर्टिस की पिम्स में एंट्री की तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि अभी ऐसा कोई मामला नहीं है। पिम्स में अब हड़ताली चिकित्सक अपनी इंक्रीमेंट भी मांग रहे हैं। विधायक परगट सिंह का कहना है कि उनकी सारी मांगों को सीएम तक पहुंचाया जाएगा।
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विधायक परगट सिंह ने पिम्स पहुंचकर चिकित्सकों को अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल ने उनकी ड्यूटी पिम्स का मामला हल करने के लिए लगाई हुई है। वे सरकार की तरफ से उनकी बात सुनने के लिए आए हुए हैं। चिकित्सकों को उन्होंने कहा कि तीन माह का वेतन उनके खातों में डाल दिया गया है।
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चिकित्सकों ने कहा कि जब तक छह माह की पूरी पगार नहीं मिलती, काम पर नहीं लौटेंगे। वहीं बुधवार को दो लेक्चरर ने मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर लगाने शुरू किए थे लेकिन हड़ताली डाक्टरों ने रुकवा दिया।
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विधायक परगट सिंह ने 300 बच्चों की पढ़ाई की दुहाई भी दी लेकिन चिकित्सक टस से मस नहीं हुए। वहीं पैरा मेडिकल स्टाफ व अन्य यूनियन भी एकजुट हो गई हैं और साफ कहा है कि जब तक चिकित्सकों व स्टाफ को छह माह की सेलेरी नहीं मिलती कोई काम पर नहीं लौटेगा।
परगट सिंह ने कहा कि अब वे रोजाना तीन-चार घंटे पिम्स आया करेंगे और हड़ताली डॉक्टरों को मनाने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने यह वादा भी किया कि 1 फरवरी तक सब कुछ क्लीयर कर लिया जाएगा।
फाइनांस कंट्रोलर ने कामकाज संभाला
पिम्स में नए फाइनांस कंट्रोलर दिनेश मिश्रा ने कामकाज बुधवार को संभाल लिया है। पिम्स की आर्थिक हालत काफी खस्ता हो चुकी है। दिनेश मिश्रा को खास तौर पर बंगलूरू से भेजा गया है।
मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे : परगट
वहीं विधायक परगट सिंह ने फोर्टिस की पिम्स में एंट्री की तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि अभी ऐसा कोई मामला नहीं है। पिम्स में अब हड़ताली चिकित्सक अपनी इंक्रीमेंट भी मांग रहे हैं। विधायक परगट सिंह का कहना है कि उनकी सारी मांगों को सीएम तक पहुंचाया जाएगा।