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कृषि बिल वापसी पर विपक्षी नेताओं ने कहा, पहले ही ले लिया जाना चाहिए था फैसला
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जालंधर। प्रधानमंत्री की तरफ से तीनों कृषि बिल वापस लिए जाने पर किसानों व जनता ने राहत की सांस ली है। इन बिल के रद्द होने की घोषणा को विपक्षी दलों ने पिछले 14 महीने से संघर्ष कर रहे किसानों की जीत बताया है।
कांग्रेस व आम आदमी पार्टी नेताओं ने इसे सच्चाई की जीत करार दिया है। डॉ. संजीव शर्मा, प्रवक्ता व सह अध्यक्ष डॉक्टर विंग, आप पंजाब का कहना है कि किसानों के संघर्ष को देखते हुए मोदी सरकार को यह फैसला पहले ही ले लेना चाहिए था। अगर मोदी सरकार पहले ही इन कानूनों को रद्द कर देती तो इतने किसान भाइयों को कुर्बानी न देनी पड़ती। आखिर सत्य की ही जीत हुई।
जगजीत कंबोज, प्रधान आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस, जालंधर यूनिट ने कहा कि किसानों की आज बहुत बड़ी जीत हुई है। हालांकि यह फैसला पहले आ जाना चाहिए था। किसानों के इस आंदोलन ने देश की जनता को एक बात सिखा दी है कि अगर सरकारें धक्का करती हैं तो एकजुट होकर शांतिमय आंदोलन कर सरकार के खिलाफ भी लड़ाई जीती जा सकती है।
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अल्पसंख्यक आयोग सदस्य, पंजाब नासिर सलमानी का कहना है कि केंद्र की अहंकारी सरकार को आखिरकार देश के अन्नदाता के आगे घुटने टेकने ही पड़े। इस लड़ाई में 700 के करीब किसानों ने शहादत पाई, जिसका हमें काफी दुख है।
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कांग्रेस व आम आदमी पार्टी नेताओं ने इसे सच्चाई की जीत करार दिया है। डॉ. संजीव शर्मा, प्रवक्ता व सह अध्यक्ष डॉक्टर विंग, आप पंजाब का कहना है कि किसानों के संघर्ष को देखते हुए मोदी सरकार को यह फैसला पहले ही ले लेना चाहिए था। अगर मोदी सरकार पहले ही इन कानूनों को रद्द कर देती तो इतने किसान भाइयों को कुर्बानी न देनी पड़ती। आखिर सत्य की ही जीत हुई।
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जगजीत कंबोज, प्रधान आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस, जालंधर यूनिट ने कहा कि किसानों की आज बहुत बड़ी जीत हुई है। हालांकि यह फैसला पहले आ जाना चाहिए था। किसानों के इस आंदोलन ने देश की जनता को एक बात सिखा दी है कि अगर सरकारें धक्का करती हैं तो एकजुट होकर शांतिमय आंदोलन कर सरकार के खिलाफ भी लड़ाई जीती जा सकती है।
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अल्पसंख्यक आयोग सदस्य, पंजाब नासिर सलमानी का कहना है कि केंद्र की अहंकारी सरकार को आखिरकार देश के अन्नदाता के आगे घुटने टेकने ही पड़े। इस लड़ाई में 700 के करीब किसानों ने शहादत पाई, जिसका हमें काफी दुख है।