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दूसरे दिन भी नहीं हो पाया गुरदेव का संस्कार
ब्यूरो,अमर उजाला/(कोटकपूरा/फरीदकोट)
Updated Sat, 18 Jun 2016 10:15 PM IST
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कोटकपूरा के नाम चर्चा घर में शनिवार को गुरदेव सिंह की हत्या को लेकर जुटे डेरा सिरसा के अनुयायी।
- फोटो : अमर उजाला
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गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के नौजवान करियाना दुकानदार व डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायी गुरदेव सिंह का शनिवार को भी अंतिम संस्कार नहीं हो पाया।
उसकी मृतक देह को शुक्रवार शाम से डेरे के स्थानीय नाम चर्चा घर में रखा हुआ है और यहां पर राज्य भर से हजारों की तादाद में डेरा प्रेमी जुटे हुए हैं। इस दौरान दिन भर डेरे की 45 मेंबरी कमेटी के साथ पुलिस प्रशासन की कई बार मीटिंगें भी हुईं लेकिन डेरे प्रेमी आरोपियों की गिरफ्तारी होने की सूरत में ही गुरदेव सिंह का अंतिम संस्कार करने की बात पर अडे़ हुए हैं।
इससे पहले पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि शनिवार को डेरा प्रेमियों की तरफ से शहर के मुख्य चौक में रोष धरना दिया जा सकता है, लेकिन दिन भर चली अटकलों के बावजूद डेरा प्रेमी नाम चर्चा घर में ही डटे रहे और वहां पर सत्संग के साथ साथ गुरदेव सिंह की हत्या को लेकर पुलिस की ढीली कार्रवाई के खिलाफ खूब भड़ास निकाली गई।
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डेरे की 45 मेंबरी कमेटी के सदस्य महिंदरपाल बिट्टू ने कहा कि पुलिस प्रशासन झूठे आश्वासन देकर गुरदेव सिंह का अंतिम संस्कार करवाना चाहता है लेकिन वह आरोपियों के पकड़े जाने तक किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह के रोष धरने व प्रदर्शन करने की मंशा नहीं रखते लेकिन यदि पुलिस की कार्रवाई इस तरह से थीमी ही चलती रही तो संगत के गुस्से को ठंडा रख पाना संभव नहीं होगा। उधर डेरा प्रेमियों के आक्रोश को देखते जिला पुलिस पहले से भी काफी सतर्क हो चुकी है और जगह जगह भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
गौरतलब है कि गुरदेव सिंह को बीती 13 जून को अज्ञात कार सवारों ने गोली मार दी थी और पांच दिन लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उपचाराधीन रहने के बाद शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। वह बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला की दो घटनाओं का अहम गवाह था। इन दिनों इस मामले की जांच कर रही सीबीआई तीन बार उससे घटनाओं से जुडे़ तथ्य जुटा चुकी थी।
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उसकी मृतक देह को शुक्रवार शाम से डेरे के स्थानीय नाम चर्चा घर में रखा हुआ है और यहां पर राज्य भर से हजारों की तादाद में डेरा प्रेमी जुटे हुए हैं। इस दौरान दिन भर डेरे की 45 मेंबरी कमेटी के साथ पुलिस प्रशासन की कई बार मीटिंगें भी हुईं लेकिन डेरे प्रेमी आरोपियों की गिरफ्तारी होने की सूरत में ही गुरदेव सिंह का अंतिम संस्कार करने की बात पर अडे़ हुए हैं।
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इससे पहले पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि शनिवार को डेरा प्रेमियों की तरफ से शहर के मुख्य चौक में रोष धरना दिया जा सकता है, लेकिन दिन भर चली अटकलों के बावजूद डेरा प्रेमी नाम चर्चा घर में ही डटे रहे और वहां पर सत्संग के साथ साथ गुरदेव सिंह की हत्या को लेकर पुलिस की ढीली कार्रवाई के खिलाफ खूब भड़ास निकाली गई।
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डेरे की 45 मेंबरी कमेटी के सदस्य महिंदरपाल बिट्टू ने कहा कि पुलिस प्रशासन झूठे आश्वासन देकर गुरदेव सिंह का अंतिम संस्कार करवाना चाहता है लेकिन वह आरोपियों के पकड़े जाने तक किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह के रोष धरने व प्रदर्शन करने की मंशा नहीं रखते लेकिन यदि पुलिस की कार्रवाई इस तरह से थीमी ही चलती रही तो संगत के गुस्से को ठंडा रख पाना संभव नहीं होगा। उधर डेरा प्रेमियों के आक्रोश को देखते जिला पुलिस पहले से भी काफी सतर्क हो चुकी है और जगह जगह भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
गौरतलब है कि गुरदेव सिंह को बीती 13 जून को अज्ञात कार सवारों ने गोली मार दी थी और पांच दिन लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उपचाराधीन रहने के बाद शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। वह बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला की दो घटनाओं का अहम गवाह था। इन दिनों इस मामले की जांच कर रही सीबीआई तीन बार उससे घटनाओं से जुडे़ तथ्य जुटा चुकी थी।