{"_id":"57d554754f1c1b9421317b09","slug":"march-fury-labour-women-protest-labour-demand-muktsar-jalandhar-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजदूर महिलाओं ने बसंती चुनरी लेकर निकाला मार्च ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजदूर महिलाओं ने बसंती चुनरी लेकर निकाला मार्च
ब्यूरो/अमर उजाला, लंबी (मुक्तसर)
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:00 PM IST
विज्ञापन
मार्च
- फोटो : demo
मजदूर जत्थेबंदियों की ओर से मांगों के लिए 15 सितंबर से गांव लंबी में लगाए जा रहे तीन दिवसीय धरने को लेकर मजदूरों को लामबंद किया जा रहा है। इसके लिए गांवों में बसंती मार्च निकाला जा रहा है। इसके अधीन गांव सिंघेवाला, फतूहीवाला और गांव किल्लियांवाली की मजदूर महिलाओं ने रविवार को बसंती चुनरी लेकर मार्च निकाला।
इसकी अगुवाई कर रही गुरमेल कौर, तारावंती व कृष्णा देवी ने आरोप लगाया कि 190 परिवारों को कपास की चुगाई का अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। इस तरह गांव किल्लियांवाली में राम प्रकाश, छिंदरपाल कौर, संदीप कौर, बचनों देवी, राज कौर और सीमा रानी समेत 170 परिवारों को भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
मजदूर नेता जमीनी सुधार लागू कर बाकी जमीन एक सामान बांटने, कृषि आधारित रोजगार प्रमुख उद्योग लगाने, रोजगार का प्रबंध करने, पंजाब व गुजरात में गो रक्षा के नाम पर दलितों पर अत्याचार बंद करने, आरोपियों को सजा देने,
विज्ञापन
मजदूरों के कर्ज माफ करने, खुदकुशी पीड़ितों को पांच पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द उनकी मांगों को लागू न किया गया तो वह संघर्ष को तीव्र करेंगे।
विज्ञापन
इसकी अगुवाई कर रही गुरमेल कौर, तारावंती व कृष्णा देवी ने आरोप लगाया कि 190 परिवारों को कपास की चुगाई का अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। इस तरह गांव किल्लियांवाली में राम प्रकाश, छिंदरपाल कौर, संदीप कौर, बचनों देवी, राज कौर और सीमा रानी समेत 170 परिवारों को भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
विज्ञापन
मजदूर नेता जमीनी सुधार लागू कर बाकी जमीन एक सामान बांटने, कृषि आधारित रोजगार प्रमुख उद्योग लगाने, रोजगार का प्रबंध करने, पंजाब व गुजरात में गो रक्षा के नाम पर दलितों पर अत्याचार बंद करने, आरोपियों को सजा देने,
विज्ञापन
मजदूरों के कर्ज माफ करने, खुदकुशी पीड़ितों को पांच पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द उनकी मांगों को लागू न किया गया तो वह संघर्ष को तीव्र करेंगे।