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मनोज कपूर अपहरण कांड: सीबीआई कोर्ट के दोबारा जांच के आदेश से न्याय की उम्मीद

Thu, 17 Mar 2022 04:39 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Published by: पंजाब ब्‍यूरो Updated Thu, 17 Mar 2022 04:39 PM IST
सार

सरकारी बैंकों की एटीएम मशीनों में पैसा भरने वाली निजी कंपनी में कार्यरत मनोज कपूर का 25 मई 2014 को यहां के मोहल्ला तालाब से रहस्यमयी हालात में अपहरण हो गया था।

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Manoj Kapoor kidnapping case of the year 2014, hope of justice by order of CBI court to re-investigate
सीबीआई - फोटो : फाइल

विस्तार

वर्ष 2014 के बहुचर्चित मनी लोडर मनोज कपूर के अपहरण की घटना को लगभग 8 साल बीत चुके हैं लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। पहले दो साल केस की पड़ताल पंजाब पुलिस ने की थी और परिवार की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने केस की जांच सीबीआई के हवाले कर दी थी लेकिन कुछ समय पहले सीबीआई ने मोहाली कोर्ट में केस की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी जिस पर परिवार के एतराज जताए जाने के बाद बुधवार को सीबीआई कोर्ट ने जांच एजेंसी को केस की नए सिरे से पड़ताल करने के आदेश जारी किए हैं, इसके बाद परिवार को उम्मीद की किरण दिखाई दी है। साथ ही परिवार ने राज्य की नवगठित भगवंत मान सरकार से भी इंसाफ दिलाए जाने की गुहार लगाई है।

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सीबीआई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद मनोज की बहन नीतू कपूर ने कहा कि 25 मई 2014 को उसके भाई मनोज कपूर का अपहरण किया गया था और घटना वाले दिन से ही उनका परिवार हर रोज पुलिस की चौखट पर दस्तक देकर इंसाफ की मांग करता रहा। परिवार ने इंसाफ के लिए पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके इस केस को सीबीआई के हवाले करने की मांग कर रखी और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 30 जून 2016 को हाईकोर्ट ने केस सीबीआई के हवाले कर दिया। लेकिन पुलिस की तरह सीबीआई भी अभी तक उसके भाई का कोई सुराग नहीं ढूंढ पाई है।
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कुछ समय पहले सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी इस पर उनके एतराज के बाद सुनवाई करते हुए सीबीआई कोर्ट ने जांच एजेंसी को दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं। उनका आरोप है कि पंजाब पुलिस के साथ-साथ सीबीआई ने भी घटना से जुड़े अहम तथ्यों की अनदेखी की है जिसके कारण अभी तक उसके भाई का कुछ पता नहीं चल पाया है लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। वह इंसाफ के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे। इस मौके पर मनोज के पिता प्रेम कुमार, माता राकेश रानी व भाई निखिल कपूर ने राज्य की नवगठित भगवंत मान सरकार से भी परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की है।
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क्या है मनोज कपूर का मामला
सरकारी बैंकों की एटीएम मशीनों में पैसा भरने वाली निजी कंपनी में कार्यरत मनोज कपूर का 25 मई 2014 को यहां के मोहल्ला तालाब से रहस्यमयी हालात में अपहरण हो गया था। उसके पास जिले के कई बैंकों की एटीएम मशीनों को खोलने का पासवर्ड था और अपहरण के कुछ घंटों के बाद ही जिले की तीन एटीएम मशीनों से 19 लाख रुपये चोरी होने की घटना भी सामने आई थी।


इस मामले को लेकर कई माह तक जिले भर में जोरदार संघर्ष भी चला। इसके बाद पुलिस ने केस की पड़ताल के लिए एसआईटी का भी गठन किया लेकिन लंबी छानबीन के बावजूद पुलिस को मनोज का कोई सुराग नहीं मिल पाया। परिवार की याचिका के आधार पर 30 जून 2016 को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने यह मामला सीबीआई के हवाले कर दिया था। फिलहाल सीबीआई भी कोई सुराग नहीं लगा पाई।

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