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अमेरिका से लाया गया युवक का शव, संस्कार
अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी
Updated Wed, 13 Nov 2013 10:28 PM IST
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अमेरिका में आत्महत्या कर लेने वाले गांव मोहबलीपुर निवासी परमजीत सिंह का बुधवार सुबह शव गांव लाया गया। बुधवार सुबह 10 बजे परमजीत सिंह का नम आंखों से संस्कार कर दिया गया। शव पहुंचते ही गांव में मातम छा गया।
गौरतलब है कि सुल्तानपुर सब डिवीजन के गांव मोहबलीपुर के परमजीत सिंह ने कुछ दिन पहले परेशानी के चलते अमेरिका में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
परमजीत एक युवा अनुभवी किसान थ और करीब पच्चीस लाख रुपये खर्च कर 7 महीने पहले अमेरिका गया था। जिंदगी भर की कमाई को दांव पर लगाकर डॉलर कमाने के लिए उसके खेले गए खेल में जब एक के बाद हार मिलती रही तो करीब 21 दिन पहले उसने आत्महत्या कर ली।
ट्रेवल एजेंटों ने अवैध ढंग से भेजा था अमेरिका
बता दे कि तथाकथित ट्रेवल एजेंटों ने परमजीत सिंह (35) को अवैध ढंग से अमेरिका भेजा था। करीब 6-7 महीने पहले उसने अमेरिका जाने के लिए एजेंटों को 25 लाख रुपये की अदायगी की।
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उसे मैक्सिको बार्डर क्रास करते समय 40 दिन तक जेल में भी रहना पड़ा था। जेल से छूटते ही उसे अमेरिका के प्रदेश कैलिफोर्निया पहुंचाया गया।
पता चला है कि 25 लाख की भारी भरकम राशि का प्रबंध करने के लिए परमजीत सिंह को कर्ज तक लेना पड़ा था। उसके पिता जसवंत सिंह एक साधारण किसान हैं और उनके परिवार का गुजारा कुछ एकड़ भूमि पर ही चल रहा है।
परमजीत सिंह के भाई कुलदीप सिंह पुलिस में हैड कांस्टेबल हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका के एक संगठन की सहायता से शव को भारत लाना संभव हो पाया है। परमजीत के दो बच्चे हैं।
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गौरतलब है कि सुल्तानपुर सब डिवीजन के गांव मोहबलीपुर के परमजीत सिंह ने कुछ दिन पहले परेशानी के चलते अमेरिका में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
परमजीत एक युवा अनुभवी किसान थ और करीब पच्चीस लाख रुपये खर्च कर 7 महीने पहले अमेरिका गया था। जिंदगी भर की कमाई को दांव पर लगाकर डॉलर कमाने के लिए उसके खेले गए खेल में जब एक के बाद हार मिलती रही तो करीब 21 दिन पहले उसने आत्महत्या कर ली।
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ट्रेवल एजेंटों ने अवैध ढंग से भेजा था अमेरिका
बता दे कि तथाकथित ट्रेवल एजेंटों ने परमजीत सिंह (35) को अवैध ढंग से अमेरिका भेजा था। करीब 6-7 महीने पहले उसने अमेरिका जाने के लिए एजेंटों को 25 लाख रुपये की अदायगी की।
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उसे मैक्सिको बार्डर क्रास करते समय 40 दिन तक जेल में भी रहना पड़ा था। जेल से छूटते ही उसे अमेरिका के प्रदेश कैलिफोर्निया पहुंचाया गया।
पता चला है कि 25 लाख की भारी भरकम राशि का प्रबंध करने के लिए परमजीत सिंह को कर्ज तक लेना पड़ा था। उसके पिता जसवंत सिंह एक साधारण किसान हैं और उनके परिवार का गुजारा कुछ एकड़ भूमि पर ही चल रहा है।
परमजीत सिंह के भाई कुलदीप सिंह पुलिस में हैड कांस्टेबल हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका के एक संगठन की सहायता से शव को भारत लाना संभव हो पाया है। परमजीत के दो बच्चे हैं।