टोक्यो ओलंपिक: हॉकी खिलाड़ी सिमरनजीत सिंह का बटाला से है नाता, जालंधर की अकादमी में लिया प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के मझोला कस्बे में रहने वाले हॉकी खिलाड़ी सिमरनजीत सिंह की पारिवारिक जड़ें पंजाब से हैं। उनका परिवार पंजाब के गुरदासपुर जिले के गांव चाहलकलां में रहता था। सिमरनजीत सिंह इन दिनों टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा ले रही भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा हैं।
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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के मझोला कस्बे में रहने वाले भारतीय हॉकी टीम के मिड फील्डर सिमरनजीत सिंह टोक्यो ओलंपिक में कमाल दिखा रहे हैं। सिमरनजीत सिंह जालंधर की प्रसिद्ध सुरजीत हॉकी अकादमी से प्रशिक्षण ले चुके हैं और यहीं से प्रोफेशनल हॉकी खेलना शुरू किया।
सिमरनजीत के चचेरे भाई गुरजंत सिंह भी एक प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी हैं। सुरजीत हॉकी अकादमी के कोच अवतार सिंह ने बताया कि सिमरनजीत सिंह ने सुरजीत हॉकी अकादमी में करीब पांच साल तक कोचिंग ली। उसके बाद उनका चयन जूनियर वर्ल्ड कप के लिए हो गया था।
उन्होंने कहा कि सिमरनजीत सिंह और भारतीय हॉकी टीम ने पूरे भारत का नाम रोशन किया है और आगे भी नाम रोशन करते रहेंगे। वहीं सिमरनजीत सिंह के चचेरे भाई गुरजंत सिंह भी कुछ समय के लिए अकादमी का हिस्सा रहे हैं।
सिमरनजीत का परिवार कभी पंजाब के बटाला के गांव चाहलकलां में रहता था। लेकिन अब सिमरनजीत व उनका परिवार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के मझोला कस्बे के रहता है। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी पीलीभीत में ही हुई लेकिन उसके बाद वो पंजाब आ गए थे।
सिमरनजीत सिंह पंजाब में अपने रिश्तेदार के घर रहते और वहीं से हॉकी का प्रशिक्षण भी लेते। इसलिए गांव चाहलकलां में भी खुशी का माहौल है। गांव में सिमरनजीत सिंह के ताया का परिवार रहता है। ताया के बेटे सतिंदर सिंह व उनके परिजनों ने खुशी जाहिर की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भारतीय हॉकी टीम की जीत की खुशी का जश्न भी मनाया। लोग भी भारतीय हॉकी टीम को गोल्ड मेडल जीतने के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।
सिमरनजीत सिंह की उपलब्धियां
सिमरनजीत ने खेल में अपने लगातार प्रयास से जूनियर से सीनियर स्तर की सीढ़ी चढ़ी है। वह लखनऊ में आयोजित 2016 पुरुष हॉकी जूनियर वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। सिमरनजीत भारत की ए टीम का भी हिस्सा थे, जो सितंबर 2018 में ऑस्ट्रेलियाई हॉकी लीग में खेली थी।
इसके बाद युवा मिड फील्डर को भारतीय टीम में भी शामिल किया गया था, जिसने 2018 में नीदरलैंड के ब्रेडा में आयोजित हॉकी चैंपियंस ट्राफी में भाग लिया था। फाइनल में पेनल्टी में ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारत ने रजत पदक जीता। इसके अलावा वर्ष 2018 में भुवनेश्वर में सीनियर वर्ल्ड कप में भाग लिया और अब उन्हें टोक्यो ओलंपिक में खेलने का मौका मिला है।