{"_id":"9daca74e456349104ec37cdb3db9779b","slug":"kidney-racket-sit-ips-dcp-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआईटी में महिला आईपीएस और डीसीपी को भी शामिल किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआईटी में महिला आईपीएस और डीसीपी को भी शामिल किया
ब्यूरो, अमर उजाला/जालंध्ार
Updated Mon, 10 Aug 2015 09:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किडनी खरीदो फरोख्त के मामले में गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम में कमिश्नर
विज्ञापन
ऑफ पुलिस ने महिला आईपीएस अधिकारी एडीसीपी स्थानीय अलका मीणा को भी शामिल
करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
अलका मीणा के साथ जालंधर के नवनियुक्त डीसीपी संदीप शर्मा को भी शामिल किया गया है। मामला बढ़ने और एसआईटी की कारगुजारी पर उठ रहे सवालों के बाद सोमवार को कमिश्नर ऑफ पुलिस यूरिंदर हेयर की ओर से दो नए अधिकारियों को शामिल करने से अब जांच में तेजी भी आने की संभावना है। किडनी रैकेट में नेशनल किडनी अस्पताल जांच के दायरे में आ चुका है, जहां पर छह ऑपरेशन किए गए थे। इसका खुलासा जुनैद खान ने किया था। 12 दिन बीत जाने के बाद भी एसआईटी इस मामले में कुछ स्पष्ट नहीं कर पा रही थी। कमिश्नर यूरिंदर सिंह हेयर ने मामले को गंभीरता से लेते पहले ही दिन एसआईटी का गठन कर दिया था।
इसमें एडीसीपी सिटी-2 अमरीक सिंह पोवार, एसीपी माडल टाउन बलविंदर इकबाल काहलो और एसएचओ नवदीप सिंह को शामिल किया गया था। मामले में कई तथ्य उजागर नहीं हो पाए। कमिश्नर ने एसआईटी में बदलाव कर इसमें एडीसीपी क्राइम आईपीएस अधिकारी जे. इलेनचेलियन को शामिल कर दिया। इसकी सुपरविजन डीसीपी राजिंदर सिंह को सौंप दी। डीसीपी राजिंदर सिंह का तबादला कपूरथला के एसएसपी के पद पर हो गया और जालंधर में नए डीसीपी संदीप शर्मा को भेजा गया। मामले में एसआईटी अभी तक चिकित्सक डॉ. राजेश अग्रवाल के बयान भी नहीं ले पाई है।
अलका मीणा के साथ जालंधर के नवनियुक्त डीसीपी संदीप शर्मा को भी शामिल किया गया है। मामला बढ़ने और एसआईटी की कारगुजारी पर उठ रहे सवालों के बाद सोमवार को कमिश्नर ऑफ पुलिस यूरिंदर हेयर की ओर से दो नए अधिकारियों को शामिल करने से अब जांच में तेजी भी आने की संभावना है। किडनी रैकेट में नेशनल किडनी अस्पताल जांच के दायरे में आ चुका है, जहां पर छह ऑपरेशन किए गए थे। इसका खुलासा जुनैद खान ने किया था। 12 दिन बीत जाने के बाद भी एसआईटी इस मामले में कुछ स्पष्ट नहीं कर पा रही थी। कमिश्नर यूरिंदर सिंह हेयर ने मामले को गंभीरता से लेते पहले ही दिन एसआईटी का गठन कर दिया था।
इसमें एडीसीपी सिटी-2 अमरीक सिंह पोवार, एसीपी माडल टाउन बलविंदर इकबाल काहलो और एसएचओ नवदीप सिंह को शामिल किया गया था। मामले में कई तथ्य उजागर नहीं हो पाए। कमिश्नर ने एसआईटी में बदलाव कर इसमें एडीसीपी क्राइम आईपीएस अधिकारी जे. इलेनचेलियन को शामिल कर दिया। इसकी सुपरविजन डीसीपी राजिंदर सिंह को सौंप दी। डीसीपी राजिंदर सिंह का तबादला कपूरथला के एसएसपी के पद पर हो गया और जालंधर में नए डीसीपी संदीप शर्मा को भेजा गया। मामले में एसआईटी अभी तक चिकित्सक डॉ. राजेश अग्रवाल के बयान भी नहीं ले पाई है।