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‘मंत्रियों को बताया पर पार्टी को भरोसे में नहीं लिया’
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 06 Jun 2015 10:15 PM IST
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प्रदेश में शुगर पर एंट्री टैक्स को लेकर एक बार फिर भाजपा प्रदेश प्रधान
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कमल शर्मा ने अजीब बयान दिया है। कमल शर्मा ने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह
बादल ने कैबिनेट में भाजपा मंत्रियों से तो मामले पर चर्चा की थी लेकिन
भारतीय जनता पार्टी यानी संगठन को भरोसे में नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट में कई बार मुद्दों या प्रस्ताव पर भी ज्यादा चर्चा नहीं हो पाती है। इसलिए भाजपा सरकार के सामने शुगर पर एंट्री टैक्स का मुद्दा उठा रही है। कमल शर्मा शनिवार को वन मंत्री भगत चुन्नी लाल के घर पर भाजपा के महासंपर्क अभियान को लांच करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ, प्रदेश महासचिव राकेश राठौर मौजूद थे।
इससे पहले मोदी सरकार के एक साल पूरे होने पर कमल शर्मा ने जालंधर में प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि पंजाब में शुगर पर एंट्री टैक्स लगाते समय शिअद ने भाजपा को विश्वास में नहीं लिया है, इसका डटकर विरोध किया जाएगा।
इसके अगले ही दिन सीएम प्रकाश सिंह बादल ने साफ कहा था कि शुगर पर एंट्री टैक्स कैबिनेट की मंजूरी से ही लगा था। कैबिनेट की बैठक में भाजपा के सभी मंत्री शरीक थे, जिन्होंने फैसले पर मोहर लगाई थी।
मित्तल बोले, हमने ही मोहर लगाई थी
उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल का कहना है कि शुगर पर एंट्री टैक्स पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस मामले में पंजाब शुगर मिलों ने एक प्रस्ताव सीएम को भेजा था, जिसमें कहा गया था कि पंजाब में शुगर मिलों को गन्ना 29 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है, जबकि बाहरी प्रदेशों से पंजाब में आकर शुगर 26 रुपये किलो बिक रही है। इससे शुगर मिलें बंद होने की कगार पर हैं, व्यापारी पंजाब की शुगर मिलों का माल नहीं खरीद रहे हैं और मिलों पर ताले लग जाएंगे। एंट्री टैक्स 20 फीसदी लगाने का प्रस्ताव था लेकिन हमने इसको 11 फीसदी करवाया। यह प्रस्ताव भी उनके विभाग द्वारा ही तैयार किया गया था ताकि सूबे के गन्ना उत्पादकों और शुगर मिलों को बचाया जा सके।
पंजाब में बाहर से आती है ढाई लाख टन शुगर
सूबे में 10 लाख टन शुगर की खपत है लेकिन प्रदेश में 16 गन्ना मिल सिर्फ 7.5 लाख टन ही तैयार कर पाती हैं। बाहरी प्रदेशों से ढाई लाख टन शुगर मंगवाई जाती है तो चार रुपये किलो सस्ती होती है, इससे शुगर मिल मालिक परेशान हैं और वह गन्ना उत्पादकों पर भी अपनी परेशानी निकाल रहे हैं। व्यापारी वर्ग पंजाब से शुगर खरीदने के स्थान पर बाहरी प्रदेशों से चार रुपये किलो सस्ती मंगवा रहे हैं।
इस दौरान कमल शर्मा ने कहा कि भाजपा ने पंजाब में एक साल के भीतर 23 लाख सदस्य बनाए हैं। जिनका पूरा डाटा दिल्ली से आ गया है और इसको मंडल स्तर तक भेज दिया गया है। अब मंडल प्रधान नए सदस्यों को साथ लेकर चलेंगे और उनको सक्रिय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट में कई बार मुद्दों या प्रस्ताव पर भी ज्यादा चर्चा नहीं हो पाती है। इसलिए भाजपा सरकार के सामने शुगर पर एंट्री टैक्स का मुद्दा उठा रही है। कमल शर्मा शनिवार को वन मंत्री भगत चुन्नी लाल के घर पर भाजपा के महासंपर्क अभियान को लांच करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ, प्रदेश महासचिव राकेश राठौर मौजूद थे।
इससे पहले मोदी सरकार के एक साल पूरे होने पर कमल शर्मा ने जालंधर में प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि पंजाब में शुगर पर एंट्री टैक्स लगाते समय शिअद ने भाजपा को विश्वास में नहीं लिया है, इसका डटकर विरोध किया जाएगा।
इसके अगले ही दिन सीएम प्रकाश सिंह बादल ने साफ कहा था कि शुगर पर एंट्री टैक्स कैबिनेट की मंजूरी से ही लगा था। कैबिनेट की बैठक में भाजपा के सभी मंत्री शरीक थे, जिन्होंने फैसले पर मोहर लगाई थी।
मित्तल बोले, हमने ही मोहर लगाई थी
उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल का कहना है कि शुगर पर एंट्री टैक्स पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस मामले में पंजाब शुगर मिलों ने एक प्रस्ताव सीएम को भेजा था, जिसमें कहा गया था कि पंजाब में शुगर मिलों को गन्ना 29 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है, जबकि बाहरी प्रदेशों से पंजाब में आकर शुगर 26 रुपये किलो बिक रही है। इससे शुगर मिलें बंद होने की कगार पर हैं, व्यापारी पंजाब की शुगर मिलों का माल नहीं खरीद रहे हैं और मिलों पर ताले लग जाएंगे। एंट्री टैक्स 20 फीसदी लगाने का प्रस्ताव था लेकिन हमने इसको 11 फीसदी करवाया। यह प्रस्ताव भी उनके विभाग द्वारा ही तैयार किया गया था ताकि सूबे के गन्ना उत्पादकों और शुगर मिलों को बचाया जा सके।
पंजाब में बाहर से आती है ढाई लाख टन शुगर
सूबे में 10 लाख टन शुगर की खपत है लेकिन प्रदेश में 16 गन्ना मिल सिर्फ 7.5 लाख टन ही तैयार कर पाती हैं। बाहरी प्रदेशों से ढाई लाख टन शुगर मंगवाई जाती है तो चार रुपये किलो सस्ती होती है, इससे शुगर मिल मालिक परेशान हैं और वह गन्ना उत्पादकों पर भी अपनी परेशानी निकाल रहे हैं। व्यापारी वर्ग पंजाब से शुगर खरीदने के स्थान पर बाहरी प्रदेशों से चार रुपये किलो सस्ती मंगवा रहे हैं।
इस दौरान कमल शर्मा ने कहा कि भाजपा ने पंजाब में एक साल के भीतर 23 लाख सदस्य बनाए हैं। जिनका पूरा डाटा दिल्ली से आ गया है और इसको मंडल स्तर तक भेज दिया गया है। अब मंडल प्रधान नए सदस्यों को साथ लेकर चलेंगे और उनको सक्रिय किया जाएगा।