{"_id":"023a3ce7e558854802e070adb3e7a7f1","slug":"jalandhar-phone-not-receive-against-action","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोन न उठाया तो होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोन न उठाया तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला, जालंधर
Updated Fri, 14 Mar 2014 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों को मोबाइल सुविधा दी गई है लेकिन शिक्षा विभाग का कहना है कि अधिकारी और कर्मचारी छुट्टी वाले दिन फोन नहीं उठाते।
यही नहीं शिक्षा विभाग ने तो एक पत्र जारी कर फोन न रिसीव करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
शिक्षा विभाग के डायरेक्टर ने इंचार्ज कोर्डिनेशन सैल की सुषमा शर्मा को तीनों मंडल अधिकारियों, डीईओ और समूह स्कूलों के प्रिंसिपलों का ध्यान रखने को कहा है।
तीन बिंदुओं पर आधारित इस आदेश में सुषमा शर्मा ने कहा है कि शिकायतें मिली हैं कि शनिवार, रविवार समेत अन्य छुट्टी वाले दिन कर्मचारी ही नहीं बल्कि अधिकारी भी फोन रिसीव नहीं करते हैं।
यही नहीं कई बार तो मैसेज भी एक दूसरे तक नहीं पहुंच पाते। इसका सीधा असर विभाग के कार्यों पर दिखाई देने लगा है। दूसरे प्वाइंट में उन्होंने कहा कि अगर किसी भी अधिकारी व कर्मचारी का फोन बंद पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
तीसरे व अंतिम प्वाइंट में जिला शिक्षा अधिकारियों को यह हिदायतें स्कूल के प्रत्येक कर्मचारी तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।
फोन बंद पाया गया तो नहीं मिलेगा भत्ता
शिक्षा विभाग ने इस आदेश के बाद बाकायदा अपने कर्मचारियों के फोन चेक करने की भी हिदायतें दी हैं। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि अगर कोई कर्मचारी फोन रिसीव नहीं करता है तो उसका वेतन के साथ दिया जाने वाला फोन भत्ता रोक दिया जाए।
ग्रेड के मुताबिक दिया जाता है मोबाइल खर्च
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 250 रुपये मोबाइल खर्च दिया जाता है। जिन कर्मचारियों का ग्रेड 3200 से 5000 रुपये तक है उन्हें 300 रुपये मोबाइल खर्च दिया जाता है। 5000 से ऊपर के कर्मचारियों को 500 रुपये मोबाइल खर्च दिया जाता है।
हेड ऑफिस से फोन रिसीव करने को यकीनी बनाने के लिए पत्र मिला है। आदेशों को लागू करवाया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी फोन नहीं उठाता है तो काफी नुकसान होता है। कुलदीप शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी
विज्ञापन
यही नहीं शिक्षा विभाग ने तो एक पत्र जारी कर फोन न रिसीव करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
शिक्षा विभाग के डायरेक्टर ने इंचार्ज कोर्डिनेशन सैल की सुषमा शर्मा को तीनों मंडल अधिकारियों, डीईओ और समूह स्कूलों के प्रिंसिपलों का ध्यान रखने को कहा है।
तीन बिंदुओं पर आधारित इस आदेश में सुषमा शर्मा ने कहा है कि शिकायतें मिली हैं कि शनिवार, रविवार समेत अन्य छुट्टी वाले दिन कर्मचारी ही नहीं बल्कि अधिकारी भी फोन रिसीव नहीं करते हैं।
विज्ञापन
यही नहीं कई बार तो मैसेज भी एक दूसरे तक नहीं पहुंच पाते। इसका सीधा असर विभाग के कार्यों पर दिखाई देने लगा है। दूसरे प्वाइंट में उन्होंने कहा कि अगर किसी भी अधिकारी व कर्मचारी का फोन बंद पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
तीसरे व अंतिम प्वाइंट में जिला शिक्षा अधिकारियों को यह हिदायतें स्कूल के प्रत्येक कर्मचारी तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।
फोन बंद पाया गया तो नहीं मिलेगा भत्ता
शिक्षा विभाग ने इस आदेश के बाद बाकायदा अपने कर्मचारियों के फोन चेक करने की भी हिदायतें दी हैं। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि अगर कोई कर्मचारी फोन रिसीव नहीं करता है तो उसका वेतन के साथ दिया जाने वाला फोन भत्ता रोक दिया जाए।
ग्रेड के मुताबिक दिया जाता है मोबाइल खर्च
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 250 रुपये मोबाइल खर्च दिया जाता है। जिन कर्मचारियों का ग्रेड 3200 से 5000 रुपये तक है उन्हें 300 रुपये मोबाइल खर्च दिया जाता है। 5000 से ऊपर के कर्मचारियों को 500 रुपये मोबाइल खर्च दिया जाता है।
हेड ऑफिस से फोन रिसीव करने को यकीनी बनाने के लिए पत्र मिला है। आदेशों को लागू करवाया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी फोन नहीं उठाता है तो काफी नुकसान होता है। कुलदीप शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी