पठानकोट। भाजपा से संबधित गांव गोसांईपुर की पूरी पंचायत ने किसानों के समर्थन में भाजपा पार्टी को अलविदा कह दिया। पठानकोट भाजपा के किसान विंग के सीनियर नेता व पूर्व ब्लाक समिति सदस्य करनैल सिंह, सीनियर नेता व पूर्व पंच हरप्रीत सिंह जोगा, मौजूदा सरपंच हरजीत कौर, पंच सरैण सिंह, पंच बचन लाल, पंच सरवण सिंह, पंच सुनीता देवी सहित सैकड़ों भाजपा वर्करों ने पार्टी की सदस्यता छोड़ दी। पूर्व ब्लाक समिति सदस्य करनैल सिंह ने कहा कि सबसे पहले वह एक किसान हैं। इसके बाद वह किसी पार्टी के सदस्य हैं। दिल्ली में केंद्र सरकार की शह पर जो कुछ हो रहा है, वह बर्दाश्त से बाहर है। दिल्ली के विभिन्न बार्डरों पर किसान संगठनों के आंदोलन को बदनाम करने के लिए केंद्र सरकार साजिशें रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की शह पर भाजपा के वर्करों ने सिंघु बार्डर पर किसानों पर पत्थरबाजी कर उनके लंगर और टेंटों को नुकसान पहुंचाया। लेकिन, घटना के समय सुरक्षा कर्मी मूक दर्शक बन खड़े रहे। सरकार का यह कृत्य किसानों के साथ धक्का है। जब तक केंद्र सरकार कृषि कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती, तब तक वह गांव-गांव जाकर भाजपा के खिलाफ लोगों को संगठित करेंगे। यदि जल्द कृषि कानून रद्द न हुए तो बड़े स्तर पर भाजपा नेता व वर्कर जिला पठानकोट में भाजपा को अलविदा कह देंगे। इस मौके पर जीत सिंह, हरदीप सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सुमनजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरविन्द्र सिंह, प्रभदीप कौर, विनोद कुमार, लवप्रीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, हरजिन्द्र सिंह, मलकीत सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।