हिमाचल के डीजीपी बोले- पंजाब से आ रहा चिट्टा, छह माह में इलाकों को क्राइम और नशा मुक्त कर देंगे
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पठानकोट में पंजाब-हिमाचल सीमा पर बढ़ रही नशे की तस्करी को लेकर रविवार को हिमाचल के डीजीपी संजीव कुंडू ने बॉर्डर एरिया का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पठानकोट से सटे डमटाल थाना के अलावा नूरपुर और इंदौरा के थानों में विजिट किया। डीजीपी संजीव कुंडू ने हिमाचल में बढ़ रहे चिट्टे के चलन के लिए पंजाब और खासकर पठानकोट को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की। डीजीपी अपने 2 दिवसीय दौरे पर पठानकोट पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पहले यहां (पंजाब-हिमाचल सीमा) के साथ सटे इलाकों में अवैध शराब का धंधा चलता था। लेकिन अब यहां से हिमाचल में बड़ी मात्रा में चिट्टा पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की कोई सीमा पाकिस्तान से नहीं लगती। पठानकोट पाकिस्तान से सटा होने के कारण हेरोइन तस्करी हो रही है और इसका कुछ हिस्सा हिमाचल पहुंच रहा है।
उन्होंने माना कि पहले यह केवल हिमाचल के सीमावर्ती एरिया तक सीमित था लेकिन अब हिमाचल के ‘इंटरलैंड’ तक चिट्टा पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की सीमाओं से लगते थानों में विजिट किया जाएगा और बॉर्डर एरिया पर सर्वे भी किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि 6 माह में वह डमटाल समेत अन्य इलाकों को क्राइम और नशा मुक्त कर देंगे।
यही नहीं उन्होंने कहा कि हिमाचल में पकड़े जाने वाले तस्कर की पूरी संपत्ति जब्त की जाएगी, ताकि वह छूटने के बाद उस संपत्ति का इस्तेमाल न कर सके जो उसने तस्करी से बनाई। इस संबंध में हिमाचल सरकार ने राष्ट्रपति को कानून बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसमें हमने प्रावधान रखा है कि चाहे नशे की कितनी भी मात्रा हो, आरोपी को जमानत न मिल पाए। जल्द यह कानून लागू होने की उम्मीद है।
पाकिस्तानी ड्रोन से हथियार और नशा सप्लाई के 9 मामले आए
डीजीपी ने कहा कि पंजाब-हिमाचल सीमा सेंसिटिव है, क्योंकि इस बार पाकिस्तान से पंजाब, जम्मू-कश्मीर समेत अन्य राज्यों में ड्रोन से हथियार और नशा तस्करी के 9 मामले सामने आ चुके हैं। पहले पाकिस्तान को डर रहता था कि तस्करों को भेजेंगे तो बॉर्डर पर मारे जाएंगे पर अब उनके पास ड्रोन से नशा और हथियार सप्लाई करने का विकल्प है।
पंजाब से की तुलना बोले- हमारे यहां 1600 तो पंजाब में 40 हजार मामले
डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि माना हिमाचल में नशे के मामले बढ़ रहे हैं, यह जांच का विषय है। उन्होंने 2018 में सीएम कार्यालय में रहते यह सवाल उठा था कि नशा तस्करी करने वाले कौन हैं। तब सामने आया था कि ये लोग पंजाब और हरियाणा से थे। सीएम ने 2018 में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड के सीएम के साथ बैठक की।
2018 में हिमाचल में एक हजार और पंजाब में 23 हजार नशे के केस थे। पंजाब का कहना था कि बॉर्डर एरिया होने के कारण केस बढ़ रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि अब हमारे यहां 1600 केस हैं, जबकि पंजाब में 40 हजार केस हैं। जोकि गंभीर विषय है। अब हिमाचल सरकार पंजाब समेत अन्य राज्यों की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके चलते उनका यहां आना हुआ।
चिकन नेक पठानकोट काफी संवेदनशील
डीजीपी ने कहा कि पठानकोट एक चिकन नेक की तरह है। जम्मू-कश्मीर से जुड़ने के लिए पठानकोट ही विकल्प है। यहां एयरबेस पर आतंकी हमला हो चुका है, दीनानगर में आतंकी हमला हुआ। 2 महीने पहले लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी पकड़े गए। जिसे चलते पठानकोट-हिमाचल की सीमा काफी भी काफी संवेदनशील है। इसके चलते हिमाचल पुलिस अलर्ट है। बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम पर जोर दिया जा रहा है।