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हाईवे पर तेज रफ्तार बुलेट हुई बेकाबू, एमबीबीएस के तीन छात्रों की मौत
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अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर परागपुर जीटी रोड पर देर रात 11:30 पर हुए दर्दनाक हादसे में जालंधर स्थित पिम्स मेडिकल कालेज में एमबीबीएस कर रहे 3 छात्रों की मौत हो गई। तीनों बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर नेशनल हाईवे पर हाईस्पीड पर जा रहे थे कि मोटरसाइकिल बेकाबू हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कर परिवार वालों को सौंप दिया है।
मृतकों की पहचान हरकुलदीप सिंह निवासी बटाला, तेजपाल सिंह निवासी भटिंडा और विनीत कुमार निवासी पटियाला के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक तीनों ने एमबीबीएस की दूसरे वर्ष की परीक्षा पास की थी और इस खुशी को सेलिब्रेट करने के लिए जालंधर से फगवाड़ा की तरफ निकले थे, लेकिन रास्ते में उनके साथ ये खौफनाक हादसा हो गया। तीनों हवेली रेस्तरां में खाना खाने जा रहे थे, ताकि अपने रिजल्ट को सेलिब्रेट कर सकें।
घटना रात को 11:30 के आसपास सैफरन माल के निकट घटी और उस समय अंधेरा व हाईवे खाली होने के कारण किसी को पता नहीं चल सका कि घटना कैसे हुई? तीनों जख्मी हालत पर सड़के पर खून से लथपथ पड़े थे। एसीपी हरसिमरत छेतरा का कहना है कि ऐसी आशंका है कि तीनों हाईस्पीड पर नेशनल हाईवे पर ट्रिप्पल राइडिंग पर जा रहे थे कि छोटे छोटे गड्डे से उनकी बाइक निकली और जंप होने के बाद बेकाबू होकर साइड में लोहे की रेलिंग से जा टकराई। जिसके बाद तीनों के सिर लोहे से टकराये और उनकी डेथ हो गई।
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तीनों विद्यार्थियों के साथी भी आगे चल रहे थे, जो कुछ देर बाद अपने साथियों को वापस देखने आए तो पता चला कि उनकी बाइक दुर्घनाग्रस्त हो गई है। तीनों स्टूडेंट्स की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिवार वालों को सूचना दी और रात को ही परिजन जालंधर पहुंचे।
बुधवार को तीनों का पोस्टमार्टम स्थानीय सिविल अस्पताल से करवाकर शव उनके परिवार वालों को सौंप दिये गए हैं।
एक साथ हुआ पोस्टमार्टम, परिवारों में मचा कोहराम
हरकुलदीप सिंह के पिता प्रोफेसर बलविंदर सिंह बटाला पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाते हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। वह सिविल अस्पताल के डेथ वार्ड के बाहर खड़े थे और अंदर बेटे का पोस्टमार्टम हो रहा था। बलविंदर सिंह कहते हैं कि हरकुलदीप सिंह शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल था और हमेशा सकारात्मक सोच वाला था। रोते हुए कहते हैं कि मेरी तो बुढ़ापे की लाठी टूट गई। वहीं तेजपाल सिंह के पिता अजीत सिंह एलआईसी बठिंडा में हैं। तेजपाल सिंह निवासी शहीद जरनैल सिंह गुरु नानकपुर बठिंडा का रहने वाला है और जालंधर में एमबीबीएस का विद्यार्थी था। पिता अजीत सिंह व उनके रिश्तेदार अस्पताल में चीख रहे थे कि उनका होनहार लाडला उनको छोड़कर चला गया। विनीत कुमार जैन पुत्र कमल कुमार जैन घग्गा पांतड़ा पटियाला का रहने वाला था। उसके पिता कमल जैन शैलर चलाते हैं और उनका इलाके में खासा रसूख है। अस्पताल में माहौल गमगीन था और लोगों की आंखों से आंसू बह रहे थे।
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मृतकों की पहचान हरकुलदीप सिंह निवासी बटाला, तेजपाल सिंह निवासी भटिंडा और विनीत कुमार निवासी पटियाला के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक तीनों ने एमबीबीएस की दूसरे वर्ष की परीक्षा पास की थी और इस खुशी को सेलिब्रेट करने के लिए जालंधर से फगवाड़ा की तरफ निकले थे, लेकिन रास्ते में उनके साथ ये खौफनाक हादसा हो गया। तीनों हवेली रेस्तरां में खाना खाने जा रहे थे, ताकि अपने रिजल्ट को सेलिब्रेट कर सकें।
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घटना रात को 11:30 के आसपास सैफरन माल के निकट घटी और उस समय अंधेरा व हाईवे खाली होने के कारण किसी को पता नहीं चल सका कि घटना कैसे हुई? तीनों जख्मी हालत पर सड़के पर खून से लथपथ पड़े थे। एसीपी हरसिमरत छेतरा का कहना है कि ऐसी आशंका है कि तीनों हाईस्पीड पर नेशनल हाईवे पर ट्रिप्पल राइडिंग पर जा रहे थे कि छोटे छोटे गड्डे से उनकी बाइक निकली और जंप होने के बाद बेकाबू होकर साइड में लोहे की रेलिंग से जा टकराई। जिसके बाद तीनों के सिर लोहे से टकराये और उनकी डेथ हो गई।
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तीनों विद्यार्थियों के साथी भी आगे चल रहे थे, जो कुछ देर बाद अपने साथियों को वापस देखने आए तो पता चला कि उनकी बाइक दुर्घनाग्रस्त हो गई है। तीनों स्टूडेंट्स की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिवार वालों को सूचना दी और रात को ही परिजन जालंधर पहुंचे।
बुधवार को तीनों का पोस्टमार्टम स्थानीय सिविल अस्पताल से करवाकर शव उनके परिवार वालों को सौंप दिये गए हैं।
एक साथ हुआ पोस्टमार्टम, परिवारों में मचा कोहराम
हरकुलदीप सिंह के पिता प्रोफेसर बलविंदर सिंह बटाला पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाते हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। वह सिविल अस्पताल के डेथ वार्ड के बाहर खड़े थे और अंदर बेटे का पोस्टमार्टम हो रहा था। बलविंदर सिंह कहते हैं कि हरकुलदीप सिंह शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल था और हमेशा सकारात्मक सोच वाला था। रोते हुए कहते हैं कि मेरी तो बुढ़ापे की लाठी टूट गई। वहीं तेजपाल सिंह के पिता अजीत सिंह एलआईसी बठिंडा में हैं। तेजपाल सिंह निवासी शहीद जरनैल सिंह गुरु नानकपुर बठिंडा का रहने वाला है और जालंधर में एमबीबीएस का विद्यार्थी था। पिता अजीत सिंह व उनके रिश्तेदार अस्पताल में चीख रहे थे कि उनका होनहार लाडला उनको छोड़कर चला गया। विनीत कुमार जैन पुत्र कमल कुमार जैन घग्गा पांतड़ा पटियाला का रहने वाला था। उसके पिता कमल जैन शैलर चलाते हैं और उनका इलाके में खासा रसूख है। अस्पताल में माहौल गमगीन था और लोगों की आंखों से आंसू बह रहे थे।