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हाईकोर्ट में चिंतपूर्णी कॉलेज की याचिका खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Fri, 08 Apr 2016 03:10 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज से 141 एमबीबीएस विद्यार्थियों की शिफ्टिंग के खिलाफ कॉलेज प्रबंधन की याचिका को खारिज कर दिया है। वीरवार को हाईकोर्ट के जस्टिस आरके जैन की अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए शिफ्टिंग की प्रक्रिया पर 11 अप्रैल तक रोक बरकरार रखी है और इस मामले में कॉलेज प्रबंधन को सुप्रीमकोर्ट के पास जाने की सलाह दी है।
जानकारी के अनुसार संसाधनों के अभाव से जूझ रहे पठानकोट के मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने ही राज्य सरकार को इन्हें अन्य मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने की हिदायत दी थी और हाईकोर्ट की हिदायतों के अनुसार ही बीती 28 मार्च कॉलेज के सभी 141 एमबीबीएस विद्यार्थियों को शर्तों के आधार पर राज्य के तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों समेत 5 निजी कॉलेजों में शिफ्ट कर दिया गया था।
अगले दिन 29 मार्च को कॉलेज ने सुप्रीम कोर्ट के पास एसएलपी दायर करते हुए विद्यार्थियों की शिफ्टिंग पर रोक लगाने का आग्रह किया। 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के इस एसएलपी को रद्द करने से पहले ही कॉलेज प्रबंधन ने इसे वापस ले लिया था लेकिन साथ ही सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की मोहलत मांगी।
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इस पर उच्च अदालत ने कॉलेज को राहत देते हुए शिफ्टिंग प्रक्रिया पर 4 अप्रैल तक रोक लगा दी है। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने हाईकोर्ट के पास याचिका दायर की थी लेकिन वीरवार को हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
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जानकारी के अनुसार संसाधनों के अभाव से जूझ रहे पठानकोट के मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने ही राज्य सरकार को इन्हें अन्य मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने की हिदायत दी थी और हाईकोर्ट की हिदायतों के अनुसार ही बीती 28 मार्च कॉलेज के सभी 141 एमबीबीएस विद्यार्थियों को शर्तों के आधार पर राज्य के तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों समेत 5 निजी कॉलेजों में शिफ्ट कर दिया गया था।
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अगले दिन 29 मार्च को कॉलेज ने सुप्रीम कोर्ट के पास एसएलपी दायर करते हुए विद्यार्थियों की शिफ्टिंग पर रोक लगाने का आग्रह किया। 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के इस एसएलपी को रद्द करने से पहले ही कॉलेज प्रबंधन ने इसे वापस ले लिया था लेकिन साथ ही सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की मोहलत मांगी।
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इस पर उच्च अदालत ने कॉलेज को राहत देते हुए शिफ्टिंग प्रक्रिया पर 4 अप्रैल तक रोक लगा दी है। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने हाईकोर्ट के पास याचिका दायर की थी लेकिन वीरवार को हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।