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Jalandhar News: मजदूर को जीएसटी विभाग ने भेजा 35 करोड़ का नोटिस
Sat, 15 Nov 2025 10:16 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Sat, 15 Nov 2025 10:16 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच मोगा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बोहना चौक निवासी मजदूर अजमेर सिंह को जीएसटी विभाग ने 35 करोड़ रुपये जमा कराने का नोटिस भेज दिया।
नोटिस देखते ही उनके होश उड़ गए। मजदूरी करके परिवार का गुजारा चलाने वाले अजमेर सिंह समझ ही नहीं पाए कि इतना बड़ा नोटिस आखिर क्यों आया। इससे पहले साल 2022 में भी उन्हें 21 लाख रुपये का नोटिस मिला था, लेकिन उस समय जीएसटी विभाग ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
इस बार जब अजमेर सिंह स्पष्टीकरण लेने लुधियाना जीएसटी दफ्तर पहुंचे तो पता चला कि उनके नाम से सीके इंटरनेशनल नाम की एक फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड है, जो गिल रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में दिखाई गई है। कंपनी बनाने और जीएसटी नंबर लेने के लिए उनके आधार और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया और करोड़ों का लेनदेन हुआ। विभाग ने उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की सलाह दी। उन्होंने मोगा सिटी साउथ थाने में शिकायत देकर मामले की जांच और न्याय की मांग की।
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अजमेर सिंह का कहना है कि कोरोना काल में किसी संस्था ने राशन के लिए उनका आधार कार्ड मांगा था, संभवतः उससे उनकी जानकारी का दुरुपयोग हुआ हो। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी पैन कार्ड बनवाया ही नहीं। इस बड़े फर्जीवाड़े के कारण वे मानसिक तनाव में हैं।
मौजूदा काउंसलर जगजीत सिंह जीता ने कहा कि गरीब परिवार के साथ बड़ा धोखा हुआ है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है। अब पुलिस जांच से ही सामने आएगा कि करोड़ों के इस जीएसटी घोटाले के पीछे कौन है।
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मोगा। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच मोगा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बोहना चौक निवासी मजदूर अजमेर सिंह को जीएसटी विभाग ने 35 करोड़ रुपये जमा कराने का नोटिस भेज दिया।
नोटिस देखते ही उनके होश उड़ गए। मजदूरी करके परिवार का गुजारा चलाने वाले अजमेर सिंह समझ ही नहीं पाए कि इतना बड़ा नोटिस आखिर क्यों आया। इससे पहले साल 2022 में भी उन्हें 21 लाख रुपये का नोटिस मिला था, लेकिन उस समय जीएसटी विभाग ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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इस बार जब अजमेर सिंह स्पष्टीकरण लेने लुधियाना जीएसटी दफ्तर पहुंचे तो पता चला कि उनके नाम से सीके इंटरनेशनल नाम की एक फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड है, जो गिल रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में दिखाई गई है। कंपनी बनाने और जीएसटी नंबर लेने के लिए उनके आधार और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया और करोड़ों का लेनदेन हुआ। विभाग ने उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की सलाह दी। उन्होंने मोगा सिटी साउथ थाने में शिकायत देकर मामले की जांच और न्याय की मांग की।
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अजमेर सिंह का कहना है कि कोरोना काल में किसी संस्था ने राशन के लिए उनका आधार कार्ड मांगा था, संभवतः उससे उनकी जानकारी का दुरुपयोग हुआ हो। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी पैन कार्ड बनवाया ही नहीं। इस बड़े फर्जीवाड़े के कारण वे मानसिक तनाव में हैं।
मौजूदा काउंसलर जगजीत सिंह जीता ने कहा कि गरीब परिवार के साथ बड़ा धोखा हुआ है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है। अब पुलिस जांच से ही सामने आएगा कि करोड़ों के इस जीएसटी घोटाले के पीछे कौन है।