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जालंधर: तेज बुखार के बाद 15 वर्षीय लड़की की मौत, परिजनों के आरोप पर डॉक्टर बोले-सेल तेजी से कम हुए
Sun, 24 Sep 2023 03:30 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 24 Sep 2023 03:30 PM IST
सार
नकोदर सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. संजीव कुमार और डॉ. जेके संधू ने कहा कि लड़की का इलाज ठीक तरह से किया गया लेकिन जब लड़की अस्पताल पहुंची उसे तेज बुखार था। डॉक्टरों ने कहा कि उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. जसबीर ने पैरासीटामोल और एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाए थे, जिससे मरीज की मौत नहीं हो सकती।
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मौत
- फोटो : file
विस्तार
जालंधर की सब डिवीजन नकोदर के सिविल अस्पताल में रविवार सुबह 15 वर्षीय लड़की की तेज बुखार के बाद मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
लड़की के पिता देसराज निवासी गांव कोटला जंगा ने बताया कि वह गांव महूवाल के जसवंत राय और गांव के ही रुपिंदर जीत के साथ सुबह 5 बजे बेटी मानसी कुमारी (15) को सिविल अस्पताल नकोदर लेकर पहुंचे थे। जब अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे देखा और कहा कि भर्ती कर लो लेकिन काफी देर तक इलाज नहीं मिला।
सुबह करीब साढ़े सात बजे स्टाफ नर्स ने एक इंजेक्शन लगाया जिसके बाद सोई बेटी उठी ही नहीं। रुपिंदर जीत ने कहा कि मानसी उनके पड़ोस में रहती है और घर का काम करती थी, वह खुद उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों ने ठीक से इलाज नहीं किया।
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यह भी पढ़ें: पंजाब यूनिवर्सिटी ने बदले नियम: यौन शोषण के दोषी पाए जाने पर गंवानी पड़ सकती है डिग्री, पीयूकैश का नाम बदला
मृतका की मां ने कहा कि उन्हें 1 बजे फोन आया कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी है। रात को बेटी थोड़ी देर से सोई थी क्योंकि स्कूलों में पेपर चल रहे हैं। मानसी 11वीं की छात्रा थी, जिसे पढ़ने का बहुत शौक था। सुबह अचानक से तेज बुखार के बाद बेटी पिता के साथ अस्पताल गई थी, सोचा नहीं था कभी लौट कर नहीं आयेगी। घटना के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने 174 की कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है।
वहीं नकोदर सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. संजीव कुमार और डॉ. जेके संधू ने कहा कि लड़की का इलाज ठीक तरह से किया गया लेकिन जब लड़की अस्पताल पहुंची उसे तेज बुखार था। परिजनों के आरोपों को नकारते हुए डॉक्टरों ने कहा कि उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. जसबीर ने पैरासीटामोल और एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाए थे, जिससे मरीज की मौत नहीं हो सकती। जब ब्लड टेस्ट किया तो पता चला कि उसके सेल तेजी से कम हो रहे थे। हो सकता है डेंगू से मौत हुई है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगी। अगर डेंगू से मौत हुई है तो यह जालंधर में पहली होगी।
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लड़की के पिता देसराज निवासी गांव कोटला जंगा ने बताया कि वह गांव महूवाल के जसवंत राय और गांव के ही रुपिंदर जीत के साथ सुबह 5 बजे बेटी मानसी कुमारी (15) को सिविल अस्पताल नकोदर लेकर पहुंचे थे। जब अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे देखा और कहा कि भर्ती कर लो लेकिन काफी देर तक इलाज नहीं मिला।
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सुबह करीब साढ़े सात बजे स्टाफ नर्स ने एक इंजेक्शन लगाया जिसके बाद सोई बेटी उठी ही नहीं। रुपिंदर जीत ने कहा कि मानसी उनके पड़ोस में रहती है और घर का काम करती थी, वह खुद उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों ने ठीक से इलाज नहीं किया।
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मृतका की मां ने कहा कि उन्हें 1 बजे फोन आया कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी है। रात को बेटी थोड़ी देर से सोई थी क्योंकि स्कूलों में पेपर चल रहे हैं। मानसी 11वीं की छात्रा थी, जिसे पढ़ने का बहुत शौक था। सुबह अचानक से तेज बुखार के बाद बेटी पिता के साथ अस्पताल गई थी, सोचा नहीं था कभी लौट कर नहीं आयेगी। घटना के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने 174 की कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है।
वहीं नकोदर सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. संजीव कुमार और डॉ. जेके संधू ने कहा कि लड़की का इलाज ठीक तरह से किया गया लेकिन जब लड़की अस्पताल पहुंची उसे तेज बुखार था। परिजनों के आरोपों को नकारते हुए डॉक्टरों ने कहा कि उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. जसबीर ने पैरासीटामोल और एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाए थे, जिससे मरीज की मौत नहीं हो सकती। जब ब्लड टेस्ट किया तो पता चला कि उसके सेल तेजी से कम हो रहे थे। हो सकता है डेंगू से मौत हुई है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगी। अगर डेंगू से मौत हुई है तो यह जालंधर में पहली होगी।