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पांच साल पहले 11 को भेजा विदेश, अता-पता नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Wed, 27 Jan 2016 10:12 PM IST
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करीब सवा पांच साल पहले अवैध तरीके से अमेरिका भेजे गए 11 पंजाबी युवकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
सभी युवक कहां और किस हालत में हैं, इसका कुछ नहीं पता चल पाया है। नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (नापा) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सतनाम सिंह चाहल ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि कोलंबिया-पनामा किश्ती कांड की तरह ही साल 2010 में ट्रेवल एजेंटों ने 11 पंजाबी युवकों को अमेरिका भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी मारी थी।
सवा पांच साल पहले अवैध तरीके से अमेरिका जा रहे इन 11 पंजाबी युवकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। किसी भी परिवार को नहीं पता उनके बेटा इस समय कहां है।
उन्होंने कहा कि साल 2010 में परिवार से बात करने के बाद किसी भी युवक का अब तक किसी भी परिवार के सदस्य को फोन नहीं आया है।
सभी युवकों के पारिवारिक सदस्य कई बार पुलिस थानों और राजनेताओं के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, मगर प्रशासन की तरफ से उनको मदद नहीं मिल पाई।
उन्होंने कहा कि सवा पांच साल पहले लापता हुए युवकों में चरणजीत सिंह निवासी गांव काला संघिया जिला कपूरथला, जसविंदर सिंह निवासी गांव हजूरा जिला होशियारपुर, अमरजीत सिंह निवासी न्यू दयोल नगर जिला जालंधर, गांव टाप्रेयन अमर सिंह जिला जिला रोपड़ के दो युवक रविंदर सिंह व मनजीत सिंह, वरिंदर सिंह निवासी गांव बुर्ज कच्चा जिला लुधियाना, रविंदर सिंह निवासी गांव मीरकोट जिला अमृतसर और हरसिमरनजीत सिंह शामिल हैं।
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लापता हुए इन आठों पंजाबी युवकों के पारिवारिक सदस्य बुधवार को प्रेसवार्ता में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी परिवार खेतीबाड़ी करते हैं।
किसी परिवार ने जमीन बेचकर तो किसी ने ब्याज पर कर्ज उठाकर खुद के बच्चों को बाहर भेजने के लिए लाखों रुपये ट्रेवल एजेंट को दिए थे।
चाहल और उनके साथ आए कई परिवारों ने आरोप लगाया कि दिल्ली का एजेंट दलजीत सिंह सन्नी सभी युवकों को अवैध तौर पर अमेरिका भेजवा रहा था।
उन्होंने कहा कि दलजीत सिंह मुख्य रूप से अमृतसर का रहने वाला है। इस कांड में दलजीत सिंह सन्नी के कई साथी ट्रेवल एजेंट शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार ने पुलिस को ट्रेवल एजेंट की लिस्ट भी सौंपी है, मगर पुलिस की ढीली कार्रवाई के कारण अब तक युवकों को पता नहीं लगाया जा सका है।
हरसिमरनजीत सिंह की माता हरभजन कौर ने कहा कि उन्होंने बेटे को अमेरिका भेजने के लिए ब्याज पर पैसे उठाए थे। एजेंट नरिंजर सिंह के साथ 17 लाख में सौदा हुआ था, जिसमें से 9.50 लाख एजेंट को दे दिए थे।
कपूरथला के रहने वाले चरणजीत सिंह के पिता रेशम सिंह और माता भजन कौर ने कहा कि उनका बेटे को अमेरिका भेजने के लिए फिल्लौर के एजेंट सुरिंदर कुमार के साथ 18 लाख रुपये में सौदा हुआ था, जिसमें से 12 लाख रुपये एजेंट को दे दिए गए थे।
होशियारपुर के गांव हजूरा के रहने वाले जसविंदर सिंह के पिता कश्मीर सिंह ने कहा कि कपूरथला के एजेंट गुरअमृतपाल सिंह को बेटे को बाहर भेजने के लिए 10 लाख दिए थे और बेटे के विदेश पहुंचने के बाद 11 लाख रुपये और देने थे।
जालंधर के न्यू दयोल नगर के रहने वाले अमरजीत सिंह के भाई चमनप्रीत सिंह ने कहा कि बड़े भाई को अमेरिका भेजने के लिए अमृतसर के एजेंट दलजीत सिंह सन्नी को 10 लाख दिए थे, जबकि 22 लाख में सौदा हुआ था।
ट्रेवल एजेंट दलजीत सिंह सन्नी ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि उस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उसने कहा कि उसने किसी भी परिवार से युवकों को विदेश भेजवाने के नाम पर कोई रुपये नहीं लिए हैं।
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सभी युवक कहां और किस हालत में हैं, इसका कुछ नहीं पता चल पाया है। नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (नापा) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सतनाम सिंह चाहल ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि कोलंबिया-पनामा किश्ती कांड की तरह ही साल 2010 में ट्रेवल एजेंटों ने 11 पंजाबी युवकों को अमेरिका भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी मारी थी।
सवा पांच साल पहले अवैध तरीके से अमेरिका जा रहे इन 11 पंजाबी युवकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। किसी भी परिवार को नहीं पता उनके बेटा इस समय कहां है।
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उन्होंने कहा कि साल 2010 में परिवार से बात करने के बाद किसी भी युवक का अब तक किसी भी परिवार के सदस्य को फोन नहीं आया है।
सभी युवकों के पारिवारिक सदस्य कई बार पुलिस थानों और राजनेताओं के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, मगर प्रशासन की तरफ से उनको मदद नहीं मिल पाई।
उन्होंने कहा कि सवा पांच साल पहले लापता हुए युवकों में चरणजीत सिंह निवासी गांव काला संघिया जिला कपूरथला, जसविंदर सिंह निवासी गांव हजूरा जिला होशियारपुर, अमरजीत सिंह निवासी न्यू दयोल नगर जिला जालंधर, गांव टाप्रेयन अमर सिंह जिला जिला रोपड़ के दो युवक रविंदर सिंह व मनजीत सिंह, वरिंदर सिंह निवासी गांव बुर्ज कच्चा जिला लुधियाना, रविंदर सिंह निवासी गांव मीरकोट जिला अमृतसर और हरसिमरनजीत सिंह शामिल हैं।
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लापता हुए इन आठों पंजाबी युवकों के पारिवारिक सदस्य बुधवार को प्रेसवार्ता में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी परिवार खेतीबाड़ी करते हैं।
किसी परिवार ने जमीन बेचकर तो किसी ने ब्याज पर कर्ज उठाकर खुद के बच्चों को बाहर भेजने के लिए लाखों रुपये ट्रेवल एजेंट को दिए थे।
चाहल और उनके साथ आए कई परिवारों ने आरोप लगाया कि दिल्ली का एजेंट दलजीत सिंह सन्नी सभी युवकों को अवैध तौर पर अमेरिका भेजवा रहा था।
उन्होंने कहा कि दलजीत सिंह मुख्य रूप से अमृतसर का रहने वाला है। इस कांड में दलजीत सिंह सन्नी के कई साथी ट्रेवल एजेंट शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार ने पुलिस को ट्रेवल एजेंट की लिस्ट भी सौंपी है, मगर पुलिस की ढीली कार्रवाई के कारण अब तक युवकों को पता नहीं लगाया जा सका है।
हरसिमरनजीत सिंह की माता हरभजन कौर ने कहा कि उन्होंने बेटे को अमेरिका भेजने के लिए ब्याज पर पैसे उठाए थे। एजेंट नरिंजर सिंह के साथ 17 लाख में सौदा हुआ था, जिसमें से 9.50 लाख एजेंट को दे दिए थे।
कपूरथला के रहने वाले चरणजीत सिंह के पिता रेशम सिंह और माता भजन कौर ने कहा कि उनका बेटे को अमेरिका भेजने के लिए फिल्लौर के एजेंट सुरिंदर कुमार के साथ 18 लाख रुपये में सौदा हुआ था, जिसमें से 12 लाख रुपये एजेंट को दे दिए गए थे।
होशियारपुर के गांव हजूरा के रहने वाले जसविंदर सिंह के पिता कश्मीर सिंह ने कहा कि कपूरथला के एजेंट गुरअमृतपाल सिंह को बेटे को बाहर भेजने के लिए 10 लाख दिए थे और बेटे के विदेश पहुंचने के बाद 11 लाख रुपये और देने थे।
जालंधर के न्यू दयोल नगर के रहने वाले अमरजीत सिंह के भाई चमनप्रीत सिंह ने कहा कि बड़े भाई को अमेरिका भेजने के लिए अमृतसर के एजेंट दलजीत सिंह सन्नी को 10 लाख दिए थे, जबकि 22 लाख में सौदा हुआ था।
ट्रेवल एजेंट दलजीत सिंह सन्नी ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि उस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उसने कहा कि उसने किसी भी परिवार से युवकों को विदेश भेजवाने के नाम पर कोई रुपये नहीं लिए हैं।