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बारिश के मौसम में भी रेल पटरियों पर सुरक्षित दौड़ेगी ट्रेनें-डीआरएम
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फिरोजपुर। बारिश के मौसम में भी रेल पटरियों पर सुरक्षित ट्रेनें दौड़ेंगी। रेल डिवीजन फिरोजपुर में पड़ने वाले 178 पुलों पर बारिश के पानी के पैमाने के लिए खतरे के निशान लगाए गए हैं, ताकि पेट्रोलिंग करने वाले गैंगमैन निशान देख कर रेलवे कंट्रोल रूम को सूचित कर सकेंगे। इसके अलावा स्टेशनों के नजदीक ट्रैकों के साथ बनी नालियों की सफाई करवाई गई है ताकि बारिश का पानी ट्रैकों में जमा न हो सके और सिगनल व्यवस्था सुचारु रहे। यह जानकारी रेल डिवीजन फिरोजपुर के रेल मंडल प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने दी है।
डीआरएम अग्रवाल ने बताया कि मानसून का मौसम रेलवे के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि बारिश के कारण भूस्खलन, पुलों के बह जाने की समस्याओं के साथ-साथ यार्डों में पानी भरने से ट्रैक सर्किट काम करना बंद कर देते हैं। इससे सिग्नल प्रणाली के खराब होने के कारण ट्रेन संचालन प्रभावित होता है। बारिश के मौसम में रेल सेवाएं सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से चलती रहें, इसलिए मंडल ने विस्तृत रणनीति बनाई है।
अमृतसर, लुधियाना, फिरोजपुर कैंट, पठानकोट, जम्मूतवी, श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशनों के यार्डों में बनी नालियों की पूरी तरह सफाई की गई है ताकि बारिश का पानी ट्रैकों में जमा न हो सके। मंडल के अन्य स्टेशनों के यार्डों के जल निकासी व्यवस्था की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। रेलवे पटरियों के किनारे कटाई में बनी लगभग 142 किलोमीटर नालियों की सफाई कर ली गई है। फिरोजपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले 178 रेल पुलों के जलमार्ग की सफाई के साथ-साथ इन पर बारिश के पानी के पैमाने के लिए खतरे की निशान लगाए गए हैं।
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मूसलाधार बारिश के दौरान जमा पानी को जल्द से जल्द निकालने के लिए 17 रेल अंडर ब्रिज (आरयूबी) पर मोटर पंप तैयार रखे गए हैं। बाढ़ के कटाव से निपटने के लिए विभिन्न स्टेशनों पर पत्थरों के बोल्डर, बालू की बोरियां, बांस-बल्ली से भरे वैगनों की व्यवस्था कर ली गई है। इसके साथ ही पूरे मानसून के दौरान, रेल पटरियों की सुरक्षा के लिए चलाए जाने वाले सामान्य पेट्रोलिंग के साथ ही ‘मानसून पेट्रोलिंग‘ की विशेष व्यवस्था की गई है जो रात में भी रेलवे पुलों एवं ट्रैकों की पेट्रोलिंग करेंगे।
डीआरएम ने बताया कि बाढ़ की स्थिति जाने के लिए राज्य सरकार के आपदा नियंत्रण कार्यालय से संपर्क रखा है। यही नहीं मौसम विभाग से भी बारिश की सटीक जानकारी ली जा रही है ताकि सही समय पर आवश्यक कदम उठाया जा सके। डीआरएम ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान रेल ट्रैकों में कोई भी खराबी या दरार नजर आए तो दिए गए मोबाइल फोन नंबर 9779232279 पर सूचित करें।
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डीआरएम अग्रवाल ने बताया कि मानसून का मौसम रेलवे के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि बारिश के कारण भूस्खलन, पुलों के बह जाने की समस्याओं के साथ-साथ यार्डों में पानी भरने से ट्रैक सर्किट काम करना बंद कर देते हैं। इससे सिग्नल प्रणाली के खराब होने के कारण ट्रेन संचालन प्रभावित होता है। बारिश के मौसम में रेल सेवाएं सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से चलती रहें, इसलिए मंडल ने विस्तृत रणनीति बनाई है।
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अमृतसर, लुधियाना, फिरोजपुर कैंट, पठानकोट, जम्मूतवी, श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशनों के यार्डों में बनी नालियों की पूरी तरह सफाई की गई है ताकि बारिश का पानी ट्रैकों में जमा न हो सके। मंडल के अन्य स्टेशनों के यार्डों के जल निकासी व्यवस्था की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। रेलवे पटरियों के किनारे कटाई में बनी लगभग 142 किलोमीटर नालियों की सफाई कर ली गई है। फिरोजपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले 178 रेल पुलों के जलमार्ग की सफाई के साथ-साथ इन पर बारिश के पानी के पैमाने के लिए खतरे की निशान लगाए गए हैं।
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मूसलाधार बारिश के दौरान जमा पानी को जल्द से जल्द निकालने के लिए 17 रेल अंडर ब्रिज (आरयूबी) पर मोटर पंप तैयार रखे गए हैं। बाढ़ के कटाव से निपटने के लिए विभिन्न स्टेशनों पर पत्थरों के बोल्डर, बालू की बोरियां, बांस-बल्ली से भरे वैगनों की व्यवस्था कर ली गई है। इसके साथ ही पूरे मानसून के दौरान, रेल पटरियों की सुरक्षा के लिए चलाए जाने वाले सामान्य पेट्रोलिंग के साथ ही ‘मानसून पेट्रोलिंग‘ की विशेष व्यवस्था की गई है जो रात में भी रेलवे पुलों एवं ट्रैकों की पेट्रोलिंग करेंगे।
डीआरएम ने बताया कि बाढ़ की स्थिति जाने के लिए राज्य सरकार के आपदा नियंत्रण कार्यालय से संपर्क रखा है। यही नहीं मौसम विभाग से भी बारिश की सटीक जानकारी ली जा रही है ताकि सही समय पर आवश्यक कदम उठाया जा सके। डीआरएम ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान रेल ट्रैकों में कोई भी खराबी या दरार नजर आए तो दिए गए मोबाइल फोन नंबर 9779232279 पर सूचित करें।