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सफेद सोने की फसल पर सफेद मक्खी के हमले से किसान चिंतित
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अबोहर। पिछले वर्ष नरमा कपास की बंपर पैदावार के साथ ही इसके भाव में आशातीत वृद्धि से उत्साहित अबोहर क्षेत्र के किसानों ने इस वर्ष नरमा बिजाई का रकबा बढ़ा दिया है। लेकिन इस वर्ष शुरुआती दौर में ही नरमा कपास की फसल पर बीमारियों का प्रकोप शुरू हो गया है। जिससे किसानों में भारी चिंता पाई जा रही है। अबोहर तथा आसपास क्षेत्र सफेद सोने की फसल पर सफेद मक्खी का हमला शुरू होने से किसानों ने इसका बचाव शुरू कर दिया है। इधर कृषि अधिकारियों का मानना है कि सफेद मक्खी का हमला अभी तक हानिकारक स्थिति में नहीं है और इसे प्राइमरी तौर पर ही खत्म कर दिया जाएगा।
इस बारे में गांव अमरपुरा, दौलतपुरा, खुईयां सरवर, तेलुपुरा, हरीपुरा तथा गिदड़ांवाली के किसानों का कहना है कि पिछले करीब 2 सप्ताह से अचानक नरमा कपास की फसल पर सफेद मक्खी के हमले से किसानों के होश उड़ा दिए हैं। जिस कारण नरमा के पौधों का विकास रुक गया है और पत्ते काले पड़ने शुरू हो गए हैं। इतना ही नहीं कई स्थानों पर नरमा के पौधे सूखने लगे हैं। किसानों ने बताया कि वे अपनी फसल को सफेद मक्खी से बचाने के लिए 2 से 3 बार कीटनाशक का छिड़काव भी कर चुके हैं, लेकिन फिर भी यह बीमारी दिनों-दिन अनियंत्रित होती जा रही है। किसानों का कहना है कि इस बार नहरी पानी की कमी और सूखे के कारण नरमा की फसल पर सफेद मक्खी का हमला समय से पहले दिखाई दे रहा है। किसानों के अनुसार बागों के आसपास के खेतों में यह बीमारी अधिक संख्या में पाई जा रही है। किसानों का कहना है कि गत वर्ष अबोहर क्षेत्र के कुछ गांवों में गुलाबी सूंडी का हमला देखा गया था वहीं इस बार शुरूआती दौर में ही सफेद सोने की फसल पर सफेद मक्खी के हमले ने किसानों को चिंता में डाल दिया है, जिससे उन्हें इस बार फसल के बंपर पैदावार की उम्मीद नहीं है। ज्ञात हो कि वर्ष 2016 में भी इस क्षेत्र में सफेद मक्खी के हमले से नरमा कपास की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई थी।
इधर, जिला कृषि अधिकारी रेशम सिंह संधू ने बताया कि अबोहर क्षेत्र के अधिकतर गांवों में सफेद मक्खी का हमला पाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अधिक गर्मी पडने और अब तक बरसात न होने के कारण यह बीमारी सामने आई है लेकिन जो किसान लगातार अपनी फसलों की देखभाल कर रहे हैं, वहां सफेद मक्खी का प्रकोप नियंत्रण में हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि सफेद मक्खी से फसल को बचाने के लिए राज्य कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रमाणित कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। इसके साथ ही समय-समय पर कृषि अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखें। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की टीमें भी गांव-गांव जाकर नरमा कपास की फसलों का मुआयना कर रही है।
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फोटो एबीआर 1व 2 है
कैप्शन:एबीआर 1 नरमा के पत्ते पर लगी सफेद मक्खी।
एबीआर 2 कीटनाकशक का छिड़काव करता किसान।
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इस बारे में गांव अमरपुरा, दौलतपुरा, खुईयां सरवर, तेलुपुरा, हरीपुरा तथा गिदड़ांवाली के किसानों का कहना है कि पिछले करीब 2 सप्ताह से अचानक नरमा कपास की फसल पर सफेद मक्खी के हमले से किसानों के होश उड़ा दिए हैं। जिस कारण नरमा के पौधों का विकास रुक गया है और पत्ते काले पड़ने शुरू हो गए हैं। इतना ही नहीं कई स्थानों पर नरमा के पौधे सूखने लगे हैं। किसानों ने बताया कि वे अपनी फसल को सफेद मक्खी से बचाने के लिए 2 से 3 बार कीटनाशक का छिड़काव भी कर चुके हैं, लेकिन फिर भी यह बीमारी दिनों-दिन अनियंत्रित होती जा रही है। किसानों का कहना है कि इस बार नहरी पानी की कमी और सूखे के कारण नरमा की फसल पर सफेद मक्खी का हमला समय से पहले दिखाई दे रहा है। किसानों के अनुसार बागों के आसपास के खेतों में यह बीमारी अधिक संख्या में पाई जा रही है। किसानों का कहना है कि गत वर्ष अबोहर क्षेत्र के कुछ गांवों में गुलाबी सूंडी का हमला देखा गया था वहीं इस बार शुरूआती दौर में ही सफेद सोने की फसल पर सफेद मक्खी के हमले ने किसानों को चिंता में डाल दिया है, जिससे उन्हें इस बार फसल के बंपर पैदावार की उम्मीद नहीं है। ज्ञात हो कि वर्ष 2016 में भी इस क्षेत्र में सफेद मक्खी के हमले से नरमा कपास की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई थी।
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इधर, जिला कृषि अधिकारी रेशम सिंह संधू ने बताया कि अबोहर क्षेत्र के अधिकतर गांवों में सफेद मक्खी का हमला पाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अधिक गर्मी पडने और अब तक बरसात न होने के कारण यह बीमारी सामने आई है लेकिन जो किसान लगातार अपनी फसलों की देखभाल कर रहे हैं, वहां सफेद मक्खी का प्रकोप नियंत्रण में हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि सफेद मक्खी से फसल को बचाने के लिए राज्य कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रमाणित कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। इसके साथ ही समय-समय पर कृषि अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखें। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की टीमें भी गांव-गांव जाकर नरमा कपास की फसलों का मुआयना कर रही है।
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फोटो एबीआर 1व 2 है
कैप्शन:एबीआर 1 नरमा के पत्ते पर लगी सफेद मक्खी।
एबीआर 2 कीटनाकशक का छिड़काव करता किसान।