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अबोहर की ऐतिहासिक धरोहरों को पुनर्जीवित करने की कवायद शुरू
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अबोहर। शहर की पुरानी धरोहरों को पुनर्जीवित करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। वीरवार को पुरातत्व विभाग के नक्शा नवीसों ने अबोहर की पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों का निरीक्षण किया। कई स्थानों की फोटो और वीडियोग्राफी भी की। उनके साथ निगम के अधिकारी मंगत वर्मा भी मौजूद थे।
मंगत वर्मा ने बताया कि घंटाघर, बाजार नं. 4 का मुख्य दरवाजा, जैन धर्मशाला, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बिल्डिंग को पुराने समय की सूरत में बहाल किया जाना है। इसी के तहत इनकी फोटो व वीडियोग्राफी की गई है। चंडीगढ़ से अबोहर पहुंची महिला आर्किटेक्ट सौम्या शर्मा ने घंटाघर का निरीक्षण किया। यहां पर पुराने समय में लगा पीतल का घंटा फिर से लगाया जाएगा। इसी प्रकार से टीम ने अंग्रेजी सरकार के समय महारानी विक्टोरिया द्वारा 60 वर्ष की उम्र में वर्ष 1897 में बनवाए गए बाजार नं. 4 के मुख्य गेट का भी निरीक्षण किया। उस समय अबोहर का नाम केसरगंज होता था जो बाजार नं. 4 के मुख्यद्वार पर अब भी अंग्रेजी और उर्दू भाषा में अंकित है। इसके बाद महिला अधिकारियों ने एसबीआई बिल्डिंग का भी सबसे ऊपरी मंजिल पर जाकर निरीक्षण किया।
मंगत वर्मा ने बताया कि निगम कमिश्नर अभिजीत कपलिश के निर्देशानुसार शहर की पुरानी आभा को बहाल किया जा रहा है ताकि अबोहर शहर की पहचान को ऐतिहासिक शहर के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने बताया कि शहर की मुख्य मंडी के चारों ओर बने 10 गेटों को दोबारा बहाल किया जाएगा। जानकारी मिली है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने नई जगह का प्रबंध कर लिया है। शीघ्र ही यह ऐतिहासिक धरोहर खाली हो जाएगी। वहीं जैन धर्मशाला में किए गए नाजायज अतिक्रमण को हटवाने की तैयारी चल रही है।
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मंगत वर्मा ने बताया कि घंटाघर, बाजार नं. 4 का मुख्य दरवाजा, जैन धर्मशाला, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बिल्डिंग को पुराने समय की सूरत में बहाल किया जाना है। इसी के तहत इनकी फोटो व वीडियोग्राफी की गई है। चंडीगढ़ से अबोहर पहुंची महिला आर्किटेक्ट सौम्या शर्मा ने घंटाघर का निरीक्षण किया। यहां पर पुराने समय में लगा पीतल का घंटा फिर से लगाया जाएगा। इसी प्रकार से टीम ने अंग्रेजी सरकार के समय महारानी विक्टोरिया द्वारा 60 वर्ष की उम्र में वर्ष 1897 में बनवाए गए बाजार नं. 4 के मुख्य गेट का भी निरीक्षण किया। उस समय अबोहर का नाम केसरगंज होता था जो बाजार नं. 4 के मुख्यद्वार पर अब भी अंग्रेजी और उर्दू भाषा में अंकित है। इसके बाद महिला अधिकारियों ने एसबीआई बिल्डिंग का भी सबसे ऊपरी मंजिल पर जाकर निरीक्षण किया।
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मंगत वर्मा ने बताया कि निगम कमिश्नर अभिजीत कपलिश के निर्देशानुसार शहर की पुरानी आभा को बहाल किया जा रहा है ताकि अबोहर शहर की पहचान को ऐतिहासिक शहर के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने बताया कि शहर की मुख्य मंडी के चारों ओर बने 10 गेटों को दोबारा बहाल किया जाएगा। जानकारी मिली है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने नई जगह का प्रबंध कर लिया है। शीघ्र ही यह ऐतिहासिक धरोहर खाली हो जाएगी। वहीं जैन धर्मशाला में किए गए नाजायज अतिक्रमण को हटवाने की तैयारी चल रही है।
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