जालंधर में हंगामा: बैरिकेड तोड़ शिक्षा मंत्री के घर में घुसे ईटीटी अध्यापक, थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
जालंधर में शिक्षा मंत्री की कोठी के अंदर पहुंचे 15 से 20 व कोठी के बाहर खड़े सैकड़ों अध्यापकों ने चन्नी सरकार व शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं टीचर्स की इस हरकत से नाराज परगट सिंह ने कहा कि ऐसा करना ठीक नहीं है।
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अध्यापकों की पोस्टें जारी करने की नोटिफिकेशन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे ईटीटी अध्यापक सोमवार को शिक्षा मंत्री परगट सिंह की कोठी में दाखिल होने में कामयाब हो गए। हालांकि इन अध्यापकों के आने की सूचना मिलते ही पुलिस ने कोठी के आगे बैरिकेड लगा दिए थे, लेकिन इन टीचरों ने बैरिकेड तोड़ डाले व पुलिस की मौजूदगी में शिक्षा मंत्री की कोठी के अंदर दाखिल हो गए और कोठी में ही धरना दे दिया। अध्यापकों के शिक्षा मंत्री के घर में दाखिल होने का खामियाजा थाना नंबर 7 के एसएचओ रविंदर कुमार को लाइन हाजिर होकर चुकाना पड़ा। इसके अलावा थाने के कई अन्य मुलाजिमों को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
सोमवार को ही पुलिस कमिश्नर नौनिहाल सिंह ने रविंदर कुमार का तबादला किया था और उन्होंने कुछ घंटे पहले ही थाने में पहुंच ड्यूटी ज्वाइन की थी। प्रदर्शन कर रहे इन अध्यापकों को संदेश मिला कि उन्हें शिक्षा मंत्री के साथ 17 नवंबर को मीटिंग का समय मिला है तो अध्यापकों ने धरना प्रदर्शन खत्म किया।
शिक्षा मंत्री की कोठी के अंदर पहुंचे 15 से 20 व कोठी के बाहर खड़े सैकड़ों अध्यापकों ने चन्नी सरकार व शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। इन अध्यापकों का कहना था कि उन्हें बार-बार दिलासा देकर भेज दिया जाता है, लेकिन इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
नाराज परगट बोले, यह ठीक नहीं है
वहीं शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने कहा कि शिक्षकों का उनके आवास में प्रवेश करना उचित नहीं है। वह भी उस समय जब वह उनकी लंबित समस्याओं को हल करने के तरीकों व साधनों पर विचार करने में व्यस्त थे। वे इन शिक्षकों से पहले ही कई बार मिल चुके हैं और विभाग को उनकी वास्तविक मांगों को सहानुभूतिपूर्वक देखने का निर्देश दे चुके हैं। फिर भी शिक्षकों के इस व्यवहार के कारण न केवल उनके बुजुर्ग व बीमार माता-पिता को बल्कि क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों को भी भारी असुविधा हुई है। वे उनसे भविष्य में इस तरह का कोई कार्य ना करने का आग्रह करते हैं।