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कोविड की मार से खड़ी होती लैदर इंडस्ट्री को पड़ी रूस-यूक्रेन जंग की मार, करोड़ों का लैदर फंसा, शिपिंग भी हुई महंगी

Sat, 26 Feb 2022 09:53 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 09:53 PM IST
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Due to the impact of covid, the leather industry was hit by the Russia-Ukraine war, leather worth crores was trapped, shipping also became expensive
जालंधर। यूक्रेन-रूस के बीच छिड़ी जंग से अब इंडस्ट्री को दोहरी मार पड़ रही है, क्योंकि न तो कुछ आयात हो पा रहा है और जो सामान निर्यात करते थे वह भी रुका है। वहीं गिरते बाजार व क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों के बीच शिपिंग भी महंगी हो गई है लेकिन अभी लेदर के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। कोविड की मार झेलने वाली जालंधर की लेदर इंडस्ट्री फिर से पैरों पर खड़ी होने को तैयार थी लेकिन रूस-यूक्रेन की जंग बड़ी बाधा बनकर सामने आई है।
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जालंधर की लेदर इंडस्ट्री हर माह यूक्रेन से 5 से 7 करोड़ के करीब लेदर आयात करती है और यहां से छोटे व्यापारी अपने जरूरत के हिसाब से लेदर खरीद लेते हैं लेकिन यूक्रेन-रूस के बीच छिड़ी जंग के कारण इस बार लेदर की खेप पहुंची ही नहीं। छोटे व्यापारियों की नजर इस जंग पर टिकी है अगर इसका समाधान नहीं निकला और क्रूड ऑयल के दाम बढ़े तो शिपिंग और महंगी हो जाएगी जिससे लेदर सहित अन्य सामानों के दाम भी बढ़ेंगे।
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जालंधर के जेडी लेदर के मालिक दीपक चावला व रघु एक्सपोर्ट के मालिक प्रवीन कुमार ने बताया कि हम इस जंग के दूरगामी परिणामों को देख रहे हैं और कोरोना की मार से उभरी इंडस्ट्री पर फिर संकट के बादल हैं। हमारा निर्यात तो यूरोपीय देशों में होता है, भले ही हम रूस में किसी प्रकार का निर्यात नहीं करते फिर भी एहतियात के तौर पर निर्यात रोक दिया है।
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इंडस्ट्री ने बंद कर दिया आयात-निर्यात, हालात की समीक्षा कर रहे : हीरा लाल वर्मा
जालंधर लेदर इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान व डायमंड रेड टेनरीस प्रा. लि. के डायरेक्टर हीरा लाल वर्मा ने बताया कि यूक्रेन से होने वाले आयात व यूरोपीय देशों में होने वाले निर्यात को बंद कर दिया है। रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के बीच इंडस्ट्री समीक्षा कर रही है कि अगर सामान का आयात रुका तो इसका हल क्या होगा। फिलहाल इस माह का कंसाइनमेंट वहां से निकल चुका है और जल्दी ही उनके पास पहुंच जाएगा।

कहीं फिर से बंद न हो जाए इंडस्ट्री, निर्यात रोका... परेशानियां फिर बढ़ी: स्टीवन कलेर
लेदर इंडस्ट्री पर एक बार फिर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है, यूक्रेन-रूस के बीच की जंग का जल्द ही हल नहीं निकला तो परेशानियां और बढ़ सकती हैं। अगर लेदर के दाम बढ़े और निर्यात महंगा हुआ तो सामान भी महंगा हो जाएगा। उनका सारा समान यूरोप में निर्यात होता है लेकिन लड़ाई की बीच सब रोक दिया गया है, अभी इंडस्ट्री पटरी पर सही तरीके से चल रही है आगे महंगाई की मार पड़ने से कोरोना काल जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। (संवाद)
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