{"_id":"e324dd08a7e013aed53c300c4f875d58","slug":"demands-roadways-employee-jalandhar-protest","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों के लिए भड़के रोडवेज कर्मचारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों के लिए भड़के रोडवेज कर्मचारी
अमर उजाला, जालंधर
Updated Thu, 30 Jan 2014 09:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब रोडवेज कर्मचारियों की संयुक्त एक्शन कमेटी के दिए गए प्रोग्राम के तहत वीरवार को जालंधर बस अड्डे पर कर्मचारियों ने दो घंटे प्रदर्शन किया।
यूनियन ने 12 से 2 बजे तक बस अड्डे के भीतर न तो कोई बस जाने दी और न ही बाहर आने दी। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यूनियन ने राज्य सरकार पर उनकी मानी गई मांगों को लागू न करने का आरोप लगाया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। एक्शन कमेटी के कनवीनर अमरीक सिंह गिल ने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी ट्रांसपोर्ट को बंद करके, प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों को लाभ दिलाना चाहती हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार की तरफ से रोडवेज में भर्ती नहीं की जा रही है और उनकी मंजूर मांगों को भी लागू नहीं किया जा रहा है।
गिल ने कहा कि यूनियन लगातार संघर्ष करती आ रही है लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। कमाई वाले रूटों पर सरकारी बसें बद कर प्राइवेट बसों को परमिट दिए जा रहे हैं। कर्मचारी सरकार की इस नीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इस मौके पर हरकेवल राम, किशन चंद, अवतार सिंह तारी, जगजीत सिंह, जगीर सिंह, हरिंदर सिंह चीमा, कुलवंत सिंह, सलविंदर कुमार और कंडक्टर यूनियन से अमरजीत सिंह, रामजी दास, रणजीत सिंह और ड्राइवर यूनियन से चरण सिंह ने धरने को संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगें न मानी गईं तो वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूनियन ने 12 से 2 बजे तक बस अड्डे के भीतर न तो कोई बस जाने दी और न ही बाहर आने दी। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यूनियन ने राज्य सरकार पर उनकी मानी गई मांगों को लागू न करने का आरोप लगाया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। एक्शन कमेटी के कनवीनर अमरीक सिंह गिल ने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी ट्रांसपोर्ट को बंद करके, प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों को लाभ दिलाना चाहती हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार की तरफ से रोडवेज में भर्ती नहीं की जा रही है और उनकी मंजूर मांगों को भी लागू नहीं किया जा रहा है।
गिल ने कहा कि यूनियन लगातार संघर्ष करती आ रही है लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। कमाई वाले रूटों पर सरकारी बसें बद कर प्राइवेट बसों को परमिट दिए जा रहे हैं। कर्मचारी सरकार की इस नीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विज्ञापन
इस मौके पर हरकेवल राम, किशन चंद, अवतार सिंह तारी, जगजीत सिंह, जगीर सिंह, हरिंदर सिंह चीमा, कुलवंत सिंह, सलविंदर कुमार और कंडक्टर यूनियन से अमरजीत सिंह, रामजी दास, रणजीत सिंह और ड्राइवर यूनियन से चरण सिंह ने धरने को संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगें न मानी गईं तो वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे।
विज्ञापन