पंजाब विधानसभा चुनाव: सुखबीर, सिद्धू और कैप्टन की बेटियों ने संभाला मोर्चा, चन्नी की बहू भी मांग रही वोट
नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ बिक्रम मजीठिया मैदान में हैं। सिद्धू का प्रचार करने के लिए उनकी बेटी राबिया सिद्धू भी मैदान में आ गई हैं। राबिया अपने पिता नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब मॉडल पर चर्चा कर लोगों से वोट मांग रही हैं।
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इस बार पंजाब के चुनाव में बेटियों की पावर दिखाई देने लगी है। पंजाब के दिग्गज नेताओं की बेटियां पिता के प्रचार के लिए चुनावी रणभूमि में कूद पड़ी हैं। सुखबीर बादल की बेटी हरकीरत, नवजोत सिद्धू की बेटी राबिया, कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी जयइंदर ने मोर्चा संभाल लिया है। वहीं सीएम चन्नी की पुत्रवधू मैदान में आ गई हैं। पंजाब में मतदान 20 फरवरी को है। इसी के चलते चुनाव प्रचार में पूरी गर्मी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला की बेटी सिल्की सांपला फगवाड़ा में मोर्चा संभालकर बैठीं हैं।
हरकीरत कौर ने संभाला जलालाबाद
जैसे-जैसे विधान सभा मतदान नजदीक आ रहे हैं तो हर राजनीतिक पार्टी अपना प्रचार तेज कर रही है। विधान सभा मतदान में जलालाबाद से अकाली-बसपा गठजोड़ के सांझे उम्मीदवार सुखबीर सिंह बादल की बेटी हरकीरत कौर भी चुनाव प्रचार में जुट गई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीजी की स्टूडेंट् हरकीकत कौर वसंत वैली की छात्रा रह चुकी है और उसकी अंग्रेजी पर काफी पकड़ है। पेंटिंग व भरतनाट्यम की शौकीन हरकीरत कौर इन दिनों अपने पापा सुखबीर बादल के लिए गली गली में तकड़ी वाला झंडा उठाकर वोट मांग रही है। जलालाबाद से उसको काफी प्यार भी मिल रहा है और बजुर्ग महिलाएं कह रही हैं कि आह वेखो सुखबीर दी कुड़ी आ गई।
सिद्धू की बेटी राबिया ने भी संभाला मोर्चा
नवजोत सिंह सिद्धू का विधानसभा हलका अमृतसर ईस्ट देश विदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सिद्धू के खिलाफ बिक्रम मजीठिया मैदान में हैं। सिद्धू का प्रचार करने के लिए उनकी बेटी राबिया सिद्धू भी मैदान में आ गई हैं। राबिया अपने पिता नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब मॉडल पर चर्चा कर लोगों से वोट मांग रही हैं। केजरीवाल के दिल्ली मॉडल पर भी तंज कसती नजर आती हैं और कहती है कि पंजाब मॉडल उससे काफी बेहतर है। पंजाब के लोग दिल्ली से अलग हैं, इसलिए पंजाब के लोगों की जरूरतों का ख्याल रखते हुए पंजाब मॉडल तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि एक दिन या साल में इस मॉडल को तैयार नहीं किया गया है। काफी साल तक रिसर्च करने के बाद पंजाब मॉडल तैयार किया गया है। 28 साल की राबिया फैशन डिजाइनिंग में लंदन से मास्टर डिग्री कर चुकी हैं।
सिल्की ने फगवाड़ा में पापा के लिए झोंकी ताकत
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला का बेटी सिल्की सांपला फगवाड़ा में मोर्चा संभालकर बैठ गई है। सिल्की के साथ उसकी भाभी नैंसी सांपला भी मैदान में हैं। उद्देश्य है विजय सांपला को जीत दिलाना। विजय सांपला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति के चेयरमैन थे और इस्तीफा देकर वह मैदान में आ गए हैं। उनकी प्रचार की कमान पेशे से एडवोकेट उनके बेटे साहिल सांपला ने संभाली है। डोर टू डोर प्रचार में विजय सांपला की बेटी सिल्की सांपला और बहू नैंसी सांपला ही आगे हैं। सिल्की सांपला फैशन डिजाइनिंग में डिग्री होल्डर हैं। नैंसी सांपला ने मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन कर रखी है। दोनों की जुगलबंदी ने प्रचार में पूरी ताकत लगा रखी है।
कैप्टन की बेटी जयइंदर ने संभाला पूरा प्रचार
कैप्टन अमरिंदर सिंह इस बार अपनी नवगठित पार्टी की टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। उनकी बेटी जयइंदर कौर पूरी मैनेजमेंट संभाल रही हैं। जयइंद्र कौर के पास चुनावी मैनेजमेंट का खासा तजुर्बा भी है। 2019 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में भी वह चुनाव प्रचार के लिए सक्रिय रही हैं। डोर टू डोर प्रचार के अलावा नए लोगों को पार्टी में शामिल करवाने से लेकर लोगों की शिकायतें सुन उनका समाधान करवाने का काम भी वह बाखूबी कर रही हैं। जयइंदर का कहना है कि उनके पिता के पास मुख्यमंत्री के तौर पर करीब साढ़े नौ साल का तजुर्बा है। अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंजाब के विकास के लिए अभूतपूर्व काम किए हैं। पंजाब के अन्य क्षेत्रों के साथ ही पटियाला शहर को करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये के कैनाल बेस्ड वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की सौगात दी। पिता के ऐसे की कार्यो की जानकारी लोगों तक पहुंचा रही हूं कि भविष्य में उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
सीएम चन्नी की बहू भी मैदान में, चमकौर साहब में संभाला मोर्चा
पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की पुत्रवधू सिमरनजीत कौर अपने ससुर के पक्ष में प्रचार करने के लिए घर घर पहुंच रही है। सिरमनजीत कौर की शादी हाल ही में हई है और वह गली गली अपने ससुर के लिए वोट मांग रही हैं। कई बार तो उनको महिलाएं वोट डालने का आश्वासन देने के साथ उसे पहली बार घर आने पर शगुन दे रही हैं। सिमरनजीत रोजाना दो या तीन गाव में डोर टू डोर प्रचार करती हैं। इसके अलावा मोरिंडा शहर में भी प्रचार के लिए समय निकाल रही हैं।