अब राजस्थान में किरकिरी: बिना सूचना दिए छात्र को उठा लाई थी पंजाब पुलिस, परिजन सामने लाए सच्चाई तो डीएसपी समेत 14 पर दर्ज हुआ अपहरण का केस
कोटा इलाके से पंजाब पुलिस की दो गाड़ियां एक 21 साल के छात्र को बिना सूचना दिए उठाकर ले आईं। होशियारपुर में फर्जी नाका दिखाकर उससे 10 किलो अफीम की बरामदगी भी दिखा दी।
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दिल्ली में भाजपा नेता बग्गा की गिरफ्तारी कर किरकिरी झेल रही पंजाब पुलिस इससे पहले राजस्थान में भी ऐसा ही कारनामा कर चुकी है। कोटा इलाके से पंजाब पुलिस की दो गाड़ियां एक 21 साल के छात्र को बिना सूचना दिए उठाकर ले आईं। होशियारपुर में फर्जी नाका दिखाकर उससे 10 किलो अफीम की बरामदगी भी दिखा दी। मामले में राजस्थान पुलिस ने होशियारपुर के डीएसपी और एसएचओ सदर समेत 14 पुलिसकर्मियों को अपहरण, साजिश की धारा के तहत नामजद किया है। मामला हाईकोर्ट में भी चला गया है, जिसके बाद पंजाब पुलिस के अधिकारियों के हाथ पैर फूलने लगे हैं क्योंकि राजस्थान पुलिस के पास सीसीटीवी से लेकर मोबाइल लोकेशन समेत तमाम साक्ष्य मौजूद हैं। इसका जिक्र करते हुए ही होशियारपुर के 14 मुलाजिमों पर केस दर्ज किया गया है।
पंजाब पुलिस का दावा
सीआईए स्टाफ होशियारपुर की टीम ने राजस्थान के युवक को 10 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। एसएसपी ध्रुमन एच निंबले ने प्रेसवार्ता में बताया था कि उनकी टीम ने चक्क साधू (पंजाब-हिमाचल के बॉर्डर का गांव) के पास नाकेबंदी के दौरान राजस्थान नंबर की एक कार को रोका। कार में हरनूर सिंह निवासी सावलपुर जिला बूंदी था। कार की तलाशी में सीट के नीचे बोरे में छिपाकर रखी 10 किलो अफीम बरामद हुई, जिसके चलते हरनूर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मौके पर डीएसपी को तलाशी के लिए भी बुलाया गया, जिसकी मौजूदगी में अफीम बरामद हुई।
एसएसपी ने बताया था कि आरोपी हरनूर सिंह बीए-सेकेंड ईयर में पढ़ता है। आरोपी का दादा दयाल सिंह भी अफीम तस्कर है, जो काफी समय से तस्करी करता है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 3-3 पर्चे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी हरनूर के खिलाफ अभी तक कोई भी पर्चा दर्ज नहीं है, फिर भी जांच की जा रही है।
राजस्थान पुलिस कह रही अलग कहानी
वहीं राजस्थान पुलिस के मुताबिक, पंजाब पुलिस सात मार्च को हरनूर को उठा लाई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटा तो अगले दिन पिता निर्मल सिंह ने थाना कलेरा में गुमशुदगी दर्ज करवा दी। उन्होंने हरनूर की एप्पल आईडी के आई क्लाउड के जरिए लोकेशन ढूंढनी शुरू कर दी। हरियाणा से घूमती हुई लोकेशन होशियारपुर आकर रुक गई। इसके बाद उन्होंने पठानकोट के एसएसपी के जरिए पता करवाया तो पता चला कि हरनूर पर होशियारपुर पुलिस ने 10 किलो अफीम बरामदगी का केस दर्ज किया हुआ है। पुलिस ने आननफानन में चालान पेश कर दिया, लेकिन राजस्थान पुलिस की जांच का दायरा बढ़ने लगा।
परिजनों ने सीसीटीवी से खोद निकाला सच
हरनूर पर केस के बारे में पता चला तो परिजनों ने पड़ताल की। पता चला कि उसकी गिरफ्तारी होशियारपुर से दिखाई गई है। इसके बाद परिजनों ने पहले उस होटल की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई, जहां पुलिस वाले उनके बेटे से मिले थे। फिर रास्ते में एक होटल में रुककर उन्होंने खाना खाया था, वहां के भी फुटेज निकाले गए। कोटा से होशियारपुर तक के सभी टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज परिजनों ने निकलवाई। होटल क्लार्क प्रीमियर की सीसीटीवी चौंकाने वाली थी, वहां पंजाब पुलिस के मुलाजिम हरनूर के साथ दिखाई दे रहे थे। उसकी वरना कार भी दिखाई दे रही थी। आखिरकार राजस्थान पुलिस ने अपहरण केस के आरोप में थाना सदर होशियारपुर के एसएचओ लखवीर सिंह, गुरलाभ सिंह, लाल सिंह, गुरनाम सिंह, महेश शंकर, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह, सुमित कुमार, गुरप्रीत, त्रिलोक सिंह, रमन कुमार, जसप्रीत सिंह और एक डीएसपी को नामजद किया गया है।