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बच्चे की मौत पर परिजनों ने किया प्रदर्शन

Sun, 12 Jul 2015 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर Updated Sun, 12 Jul 2015 10:18 PM IST
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एक परिवार में बच्चे के जन्म की खुशियां चार दिन बाद मातम में बदल गई।
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डिलीवरी के  दौरान बच्चे के सिर पर कट लगने से रविवार को मौत हो गई। परिवार वाले इसके लिए सिविल अस्पताल के डॉक्टरों को दोषी ठहरा रहे हैं। वहीं परिवार वालों ने रविवार सिविल अस्पताल में हंगामा किया। वहीं सेहत विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच पीड़ित परिजनाें को शांत करवाया।



शाहकोट के गांव मोरीवाल निवासी धर्मेंद्र ने कहा कि वह एक भट्ठे पर मजदूरी करता है। 8 जुलाई को उसकी पत्नी को डिलिवरी दर्द शुरू हो गई। वह अपनी पत्नी को सिविल अस्पताल लेकर आया। वहां पर उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के दौरान डॉक्टर सेे बेटे के सिर पर ब्लेड का कट लग गया।



उस समय डॉक्टर ने बच्चे के लगे कट पर टांका लगा दिया और कहा कि बच्चा जल्द ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शनिवार रात से उनका बच्चा काफी ज्यादा रो रहा था। इस ओर अस्पताल स्टाफ ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इस वजह से रविवार सुबह उनके बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई है। उधर अस्पताल में पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।


आज अस्पताल जाकर मामले की जांच करेंगे : बस्सन
सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन आरएल बस्सन का कहना है कि उनकी डाक्टर से बात हुई है। डाक्टर का कहना है कि बच्चे की मौत चोट से नहीं बल्कि मां की ओर से बच्चे को दी गई फीड से हुई है। चोट लगने से कुछ होता तो पहले ही इसके बारे में बच्चे के अभिभावक शिकायत दर्ज करवा सकते थे। उन्होंने कहा है कि वे सोमवार अस्पताल जाकर मामले की जांच करेंगे।
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