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कनाडा के बजाये ले गए नेपाल के जंगल
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Wed, 06 Jan 2016 03:13 PM IST
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विदेश जाने के लिए सब कुछ बेच देने वाले पंजाबियों के लिए ये बेहद अहम खबर है। गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक के रहने वाले परमजीत सिंह के साथ जो हुआ, वह दिल दहला देने वाला है।
थाना आठ की पुलिस ने 26 लाख की ठगी करने वाले दो ट्रेवल एजेंट को गिरफ्तार किया हैं। आरोपियों की पहचान टांडा के रहने वाले गुरचरण सिंह चन्नी और होशियारपुर के न्यू मॉडल टाउन के रहने वाले मंगल सिंह गोगी के रूप में हुई है।
पीड़ित डेरा बाबा नानक के रहने वाले परमजीत सिंह के पिता हरभजन सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को कनाडा भेजना था। किसी ने उन्हें ट्रेवल एजेंट गुरचरण से मिलवाया।
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उसके साथ 26 लाख रुपये में सौदा हो गया। साल 2014 में वह बेटे को साथ ले गए। उन्होंने 13 लाख रुपए ट्रेवल एजेंट गुरचरण को जालंधर के रेरू में एक फैक्टरी के अंदर दे दिए थे।
बेटे को इन्हें फ्रांस से होते हुए कनाडा ले जाना था। दो दिन बाद बेटे का फोन आया और उसने कहा कि वह कनाडा पहुंच गया है। बाकी पैसे ट्रेवल एजेंट को दे दो।
हरभजन सिंह ने कहा कि बेटे के फोन आने के बाद वह बाकी पैसे एजेंट को दे आया। फिर बेटे का फोन नहीं आया। वह एजेंट के घर गए तो वह बोलने लगा कि उसे क्या पता कि उनका बेटा कहां है? वह तो उसे कनाडा छोड़ आए हैं।
हरभजन ने बताया कि कुछ दिन बाद बेटा घर लौट आया। बेटे ने कहा कि उसे कोई कनाडा नहीं लेकर गए थे। वह उसे दिल्ली से स्कार्पियो से नेपाल ले गए।
वहां कुछ दिन तक स्कार्पियो गाड़ी में बैठाकर रखा। पांच-छह युवक गाड़ी में थे, जिन्होंने उसकी कनपटी पर पिस्तौल लगा रखी थी। उन्होंने कहा कि जो वह बोलते हैं वह अपने परिवार को बोल दे। पैसे मिलने के बाद उन्होंने उसे छोड़ दिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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थाना आठ की पुलिस ने 26 लाख की ठगी करने वाले दो ट्रेवल एजेंट को गिरफ्तार किया हैं। आरोपियों की पहचान टांडा के रहने वाले गुरचरण सिंह चन्नी और होशियारपुर के न्यू मॉडल टाउन के रहने वाले मंगल सिंह गोगी के रूप में हुई है।
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पीड़ित डेरा बाबा नानक के रहने वाले परमजीत सिंह के पिता हरभजन सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को कनाडा भेजना था। किसी ने उन्हें ट्रेवल एजेंट गुरचरण से मिलवाया।
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उसके साथ 26 लाख रुपये में सौदा हो गया। साल 2014 में वह बेटे को साथ ले गए। उन्होंने 13 लाख रुपए ट्रेवल एजेंट गुरचरण को जालंधर के रेरू में एक फैक्टरी के अंदर दे दिए थे।
बेटे को इन्हें फ्रांस से होते हुए कनाडा ले जाना था। दो दिन बाद बेटे का फोन आया और उसने कहा कि वह कनाडा पहुंच गया है। बाकी पैसे ट्रेवल एजेंट को दे दो।
हरभजन सिंह ने कहा कि बेटे के फोन आने के बाद वह बाकी पैसे एजेंट को दे आया। फिर बेटे का फोन नहीं आया। वह एजेंट के घर गए तो वह बोलने लगा कि उसे क्या पता कि उनका बेटा कहां है? वह तो उसे कनाडा छोड़ आए हैं।
हरभजन ने बताया कि कुछ दिन बाद बेटा घर लौट आया। बेटे ने कहा कि उसे कोई कनाडा नहीं लेकर गए थे। वह उसे दिल्ली से स्कार्पियो से नेपाल ले गए।
वहां कुछ दिन तक स्कार्पियो गाड़ी में बैठाकर रखा। पांच-छह युवक गाड़ी में थे, जिन्होंने उसकी कनपटी पर पिस्तौल लगा रखी थी। उन्होंने कहा कि जो वह बोलते हैं वह अपने परिवार को बोल दे। पैसे मिलने के बाद उन्होंने उसे छोड़ दिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।