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कैप्टन के बेटे को ईडी का समन
ब्यूरो,अमर उजाला/जालंधर
Updated Mon, 04 Jul 2016 10:22 PM IST
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रणइंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंदर सिंह को कथित तौर पर विदेशी विनियमन नियमों का उल्लंघन करने और कर रहित विदेशी संपत्ति रखने के आरोप में चल रही जांच के सिलसिले में अब 14 जुलाई को समन जारी किया है।
रणइंदर सिंह को जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। रणइंदर से स्विट्जरलैंड भेजने और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में एक ट्रस्ट और कुछ सहयोगी कंपनियां बनाने के बारे में पूछताछ की जाएगी। इन मामलों की पहले जांच आयकर विभाग कर चुका है। इस मामले में पंजाब की अदालत में मामला चल रहा है। मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होने वाली है। आयकर विभाग को रणइंदर के बारे में जानकारी मिली कि विदेशों में कथित तौर पर उनके खाते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को 2011 में उसके फ्रांसीसी समकक्ष से इस सिलसिले में कुछ ब्योरा हासिल हुआ था।
ईडी के जांचकर्ताओं ने इस बारे में आवश्यक दस्तावेज कर विभाग और आरबीआई से एकत्रित किए। उन्हें विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून के उल्लंघन का संदेह हुआ। इसलिए उन्हें जांच के लिए बुलाया गया है। इससे पहले भी रणइंदर को बुलाया गया था लेकिन उन्होंने मेडिकल ग्राउंड पर अपनी अर्जी दायर कर आने में असमर्थता जताई थी।
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रणइंदर सिंह को जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। रणइंदर से स्विट्जरलैंड भेजने और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में एक ट्रस्ट और कुछ सहयोगी कंपनियां बनाने के बारे में पूछताछ की जाएगी। इन मामलों की पहले जांच आयकर विभाग कर चुका है। इस मामले में पंजाब की अदालत में मामला चल रहा है। मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होने वाली है। आयकर विभाग को रणइंदर के बारे में जानकारी मिली कि विदेशों में कथित तौर पर उनके खाते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को 2011 में उसके फ्रांसीसी समकक्ष से इस सिलसिले में कुछ ब्योरा हासिल हुआ था।
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ईडी के जांचकर्ताओं ने इस बारे में आवश्यक दस्तावेज कर विभाग और आरबीआई से एकत्रित किए। उन्हें विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून के उल्लंघन का संदेह हुआ। इसलिए उन्हें जांच के लिए बुलाया गया है। इससे पहले भी रणइंदर को बुलाया गया था लेकिन उन्होंने मेडिकल ग्राउंड पर अपनी अर्जी दायर कर आने में असमर्थता जताई थी।
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