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पुलिस में भर्ती करवाने के नाम पर ठगी करने वाला नकली सब इंस्पेक्टर धरा
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नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला नकली सब इंस्पेक्टर धरा
10वीं फेल आरोपी ने सरना में सिलवाई थी पुलिस की वर्दी
परिवार को भी पुलिस में भर्ती होने की झूठी बात बताई
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले नकली सब इंस्पेक्टर को सुजानपुर पुलिस ने काबू किया है। नकली इंस्पेक्टर बने गांव मंगियाल निवासी रोहित शर्मा ने सुजानपुर के युवक से बतौर हवलदार भर्ती कराने के नाम पर 50 हजार रुपये ठगे और 50 हजार की दूसरी किस्त लेने आए आरोपी रोहित को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया। नकली सब इंस्पेक्टर को पकड़ाने वाले परिवार की पहचान पुलिस ने गुप्त रखी है। डीएसपी आसवंत सिंह और एसएचओ दलविंद्र शर्मा ने बताया कि रोहित ने कुछ दिन पहले सुजानपुर निवासी परिवार से संपर्क किया और कहा था कि वह उनके बेटे को पुलिस में भर्ती करवा देगा, उसने परिवार से हवलदार भर्ती करवाने के लिए 8 लाख और सब इंस्पेक्टर भर्ती करवाने के नाम पर 26 लाख की डिमांड की। परिवार ने 26 लाख न होने की बात कही तो उसने कहा कि 6 लाख में हवलार भर्ती करवा दूंगा पर 50 हजार एडवांस दो उसके बाद कागजी कार्रवाई शुरू होगी। 38 हजार लेकर आरोपी चला गया तो परिवार ने उक्त युवक के बारे अपने परिचित से बात की तो उसने ठगी की संभावना जता पुलिस को जानकारी देने की बात की। वहीं इसी दौरान रोहित भर्ती करवाने वाले युवक के सारे सर्टिफिकेट ले चुका था और दूसरी किस्त लेने के लिए बुधवार को परिवार के पास पहुंचा तो पहले से ट्रैप लगाकर बैठे सुजानपुर पुलिस के कर्मचारियों ने रोहित को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी के घर से वर्दी, दो मोबाइल तथा ट्रंक में रखे सर्टिफिकेट बरामद किए। उसके पिता तथा भाई लुधियाना में कार्य करते हैं।
10वीं फेल रोहित ने सरना में सिलवाई थी पुलिस की वर्दी
एसएचओ दलविंद्र शर्मा ने बताया कि रोहित शर्मा 2015 में दसवीं में फेल हो गया था। उसे पुलिस में भर्ती होने का शौक था। उसने 20 दिन पहले पुलिस की वर्दी सरना से सिलवाई, बेल्ट और टोपी पठानकोट से खरीदी तथा शूज भी तैयार कराए। इसके बाद उसने पुलिस वर्दी में अपनी फोटो सोशल मीडिया के जरिये अपने दोस्तों को भेजी। आरोपी ने अपने परिवार को भी विश्वास दिलवा दिया कि वह सच में सब इंस्पेक्टर भर्ती हो गया है। वहीं इसके मन में पैसा बनाने की योजना आई और इसने नौकरी लगाने के नाम पर झांसा देना शुरू किया। उसके किसी मित्र ने अपने परिचित को बताया कि उसका दोस्त पंजाब पुलिस में नौकरी लगवा सकता है। जिस पर रोहित शर्मा ने सुजानपुर में रहने वाले लड़के के परिवार से संपर्क किया और पकड़ा गया।
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10वीं फेल आरोपी ने सरना में सिलवाई थी पुलिस की वर्दी
परिवार को भी पुलिस में भर्ती होने की झूठी बात बताई
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले नकली सब इंस्पेक्टर को सुजानपुर पुलिस ने काबू किया है। नकली इंस्पेक्टर बने गांव मंगियाल निवासी रोहित शर्मा ने सुजानपुर के युवक से बतौर हवलदार भर्ती कराने के नाम पर 50 हजार रुपये ठगे और 50 हजार की दूसरी किस्त लेने आए आरोपी रोहित को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया। नकली सब इंस्पेक्टर को पकड़ाने वाले परिवार की पहचान पुलिस ने गुप्त रखी है। डीएसपी आसवंत सिंह और एसएचओ दलविंद्र शर्मा ने बताया कि रोहित ने कुछ दिन पहले सुजानपुर निवासी परिवार से संपर्क किया और कहा था कि वह उनके बेटे को पुलिस में भर्ती करवा देगा, उसने परिवार से हवलदार भर्ती करवाने के लिए 8 लाख और सब इंस्पेक्टर भर्ती करवाने के नाम पर 26 लाख की डिमांड की। परिवार ने 26 लाख न होने की बात कही तो उसने कहा कि 6 लाख में हवलार भर्ती करवा दूंगा पर 50 हजार एडवांस दो उसके बाद कागजी कार्रवाई शुरू होगी। 38 हजार लेकर आरोपी चला गया तो परिवार ने उक्त युवक के बारे अपने परिचित से बात की तो उसने ठगी की संभावना जता पुलिस को जानकारी देने की बात की। वहीं इसी दौरान रोहित भर्ती करवाने वाले युवक के सारे सर्टिफिकेट ले चुका था और दूसरी किस्त लेने के लिए बुधवार को परिवार के पास पहुंचा तो पहले से ट्रैप लगाकर बैठे सुजानपुर पुलिस के कर्मचारियों ने रोहित को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी के घर से वर्दी, दो मोबाइल तथा ट्रंक में रखे सर्टिफिकेट बरामद किए। उसके पिता तथा भाई लुधियाना में कार्य करते हैं।
10वीं फेल रोहित ने सरना में सिलवाई थी पुलिस की वर्दी
एसएचओ दलविंद्र शर्मा ने बताया कि रोहित शर्मा 2015 में दसवीं में फेल हो गया था। उसे पुलिस में भर्ती होने का शौक था। उसने 20 दिन पहले पुलिस की वर्दी सरना से सिलवाई, बेल्ट और टोपी पठानकोट से खरीदी तथा शूज भी तैयार कराए। इसके बाद उसने पुलिस वर्दी में अपनी फोटो सोशल मीडिया के जरिये अपने दोस्तों को भेजी। आरोपी ने अपने परिवार को भी विश्वास दिलवा दिया कि वह सच में सब इंस्पेक्टर भर्ती हो गया है। वहीं इसके मन में पैसा बनाने की योजना आई और इसने नौकरी लगाने के नाम पर झांसा देना शुरू किया। उसके किसी मित्र ने अपने परिचित को बताया कि उसका दोस्त पंजाब पुलिस में नौकरी लगवा सकता है। जिस पर रोहित शर्मा ने सुजानपुर में रहने वाले लड़के के परिवार से संपर्क किया और पकड़ा गया।
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