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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Assets worth 19.52 crore attached in nine months; 71 drug cartels targeted.

Chandigarh-Haryana News: नौ माह में 19.52 करोड़ की संपत्तियां अटैच, 71 ड्रग कार्टेल निशाने पर

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- तस्करी के मामले 40 फीसदी बढ़े, गिरफ्तारियों में 26.53 फीसदी की बढ़ोतरी


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में नशा तस्करों की कमाई पर चोट करने के लिए अब उनके वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाते हुए पुलिस ने जनवरी से सितंबर 2026 तक 113 मामलों में 19.52 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। प्रदेश में 71 ड्रग कार्टेल चिह्नित किए गए हैं जिनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच तेज की जा रही है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि इस साल नौ माह में एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,809 मामले दर्ज हुए और 6,824 आरोपी गिरफ्तार किए गए। पिछले साल इसी अवधि में 2,722 मामले और 5,393 गिरफ्तारियां हुई थीं। इस तरह मामलों में 39.93 और गिरफ्तारियों में 26.53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
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30 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का लक्ष्य
पिछले साल नौ माह में 49 मामलों में 5.92 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गईं थीं। इस बार अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 229.72 फीसदी बढ़ा है। सरकार ने सालाना लक्ष्य 30 करोड़ रुपये रखा है। 15.09 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच करने के प्रस्ताव मंजूरी के लिए लंबित हैं। वर्ष 2022 से सितंबर 2026 तक 167 तस्करों से जुड़ी 176 अवैध संपत्तियां ध्वस्त की गईं।
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डार्कनेट और क्रिप्टो लेन-देन पर नजर
एचएसएनसीबी (हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) के चेयरमैन संजय कुमार के अनुसार डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली तस्करी की जांच के लिए विशेष प्रकोष्ठ तैयार किया जा रहा है। डार्कनेट इंटरनेट का ऐसा हिस्सा है जिसे सामान्य सर्च इंजन जैसे गूगल पर सीधे खोजकर नहीं खोला जा सकता। इसे इस्तेमाल करने के लिए खास सॉफ्टवेयर या नेटवर्क की जरूरत रहती है।



नशीले पदार्थों की बरामदगी बढ़ी
इस साल हेरोइन की बरामदगी 43.176 से बढ़कर 84.695 किलोग्राम, अफीम 235.550 से बढ़कर 430.326 किलोग्राम और कोकीन 1,004.76 से बढ़कर 2,958.757 ग्राम हुई। एनडीपीएस मामलों में दोषसिद्धि दर 2025 के 54.68 फीसदी से बढ़कर सितंबर 2026 तक 58.34 फीसदी पहुंची। प्रेगाबालिन, जोपिक्लोन, टैपेंटाडोल और सिंथेटिक ड्रग्स में इस्तेमाल होने वाले रसायनों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।

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