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दुकान के कब्जे के मामले में फायरिंग
Updated Mon, 22 Oct 2018 10:29 PM IST
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दुकान पर कब्जे के विवाद में फायरिंग, तमाशबीन घायल
दो पक्षों के बीच हुआ झगड़ा था, इनोवा गाड़ी में तोड़फोड़
मामले की जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई: थाना प्रभारी
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर। शहर के मलोट रोड पर दुकान के कब्जे के विवाद में दो पक्षों में विवाद के बाद फायरिंग हो गई। इसमें गोली लगने से जहां एक घायल हो गया। वहीं इनोवा में तोड़फोड़ की गई। थाना सिटी प्रभारी भुपिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। फिर भी वह अपने तौर पर जांच कर रहे हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल पर मौजूद गुरजंट सिंह ने बताया कि उसके रिश्तेदार सुखदेव सिंह की दुकानें है। कुछ समय पहले दुकान ध्यान सिंह को किराए पर दी गई थी। बाद में उसने कब्जा जमा लिया, जिसका केस अदालत में चल रहा था। पहले लोअर कोर्ट और बाद में सेशन कोर्ट ने सुखदेव सिंह के हक में फैसला दिया है। कोर्ट ने यह दुकान खाली करवाने के आदेश जारी किए थे। सीजेएम रवि घुलाटी ने आदेश दिए थे कि दुकान के ताले तोड़कर सुखदेव सिंह को कब्जा दिलवा दिया जाए।
आदेशों पर कार्रवाई करवाने के लिए कोर्ट का कर्मचारी सुरेंदर कुमार घई मौके पर पहुंचा था। उसके साथ थाना सिटी की पुलिस भी थी। दुकान खाली करवाकर उन्हें कब्जा दे दिया और दुकान के सामान की गिनती कर रहे थे। इस दौरान ही रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी रणजीत सिंह सोथा व उसके साथ करीब पंद्रह लोग आए, जिनके हाथों में लाठियां व तेजधार हथियार थे। उन्होंने आते ही उन पर हमला कर दिया। साथ ही पुलिस के साथ भी धक्कामुक्की की। रणजीत सिंह ने रिवाल्वर से गोली भी चलाई। गोली वहां खड़े दीप नाम के युवक की टांग पर लगी। घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी प्रभारी भुपिंदर सिंह, सदर प्रभारी अशोक कुमार व डीएसपी तलविंदर सिंह गिल पुलिस पार्टी समेत मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने छह लोगों को हिरासत में ले लिया।
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उधर, दूसरे पक्ष के रणजीत सिंह के पुत्र गुरविंदर सिंह का कहना था कि यह दुकान उन्होंने ध्यान सिंह से पांच वर्ष पहले किराए पर ली थी। उनका सामान दुकान में रखा हुआ है। उन्हें किसी ने फोन किया था कि दुकान पर कोई कब्जा कर रहा है। जैसे ही वह पहुंचे तो गुरजंट सिंह के साथ आए लोगों ने उन पर हमला कर दिया और गुरजंट सिंह ने उन पर फायर भी किया। थाना सिटी प्रभारी भुपिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। फिर भी वह अपने तौर पर जांच कर रहे हैं। जांच में जो भी सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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दो पक्षों के बीच हुआ झगड़ा था, इनोवा गाड़ी में तोड़फोड़
मामले की जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई: थाना प्रभारी
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर। शहर के मलोट रोड पर दुकान के कब्जे के विवाद में दो पक्षों में विवाद के बाद फायरिंग हो गई। इसमें गोली लगने से जहां एक घायल हो गया। वहीं इनोवा में तोड़फोड़ की गई। थाना सिटी प्रभारी भुपिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। फिर भी वह अपने तौर पर जांच कर रहे हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल पर मौजूद गुरजंट सिंह ने बताया कि उसके रिश्तेदार सुखदेव सिंह की दुकानें है। कुछ समय पहले दुकान ध्यान सिंह को किराए पर दी गई थी। बाद में उसने कब्जा जमा लिया, जिसका केस अदालत में चल रहा था। पहले लोअर कोर्ट और बाद में सेशन कोर्ट ने सुखदेव सिंह के हक में फैसला दिया है। कोर्ट ने यह दुकान खाली करवाने के आदेश जारी किए थे। सीजेएम रवि घुलाटी ने आदेश दिए थे कि दुकान के ताले तोड़कर सुखदेव सिंह को कब्जा दिलवा दिया जाए।
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आदेशों पर कार्रवाई करवाने के लिए कोर्ट का कर्मचारी सुरेंदर कुमार घई मौके पर पहुंचा था। उसके साथ थाना सिटी की पुलिस भी थी। दुकान खाली करवाकर उन्हें कब्जा दे दिया और दुकान के सामान की गिनती कर रहे थे। इस दौरान ही रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी रणजीत सिंह सोथा व उसके साथ करीब पंद्रह लोग आए, जिनके हाथों में लाठियां व तेजधार हथियार थे। उन्होंने आते ही उन पर हमला कर दिया। साथ ही पुलिस के साथ भी धक्कामुक्की की। रणजीत सिंह ने रिवाल्वर से गोली भी चलाई। गोली वहां खड़े दीप नाम के युवक की टांग पर लगी। घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी प्रभारी भुपिंदर सिंह, सदर प्रभारी अशोक कुमार व डीएसपी तलविंदर सिंह गिल पुलिस पार्टी समेत मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने छह लोगों को हिरासत में ले लिया।
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उधर, दूसरे पक्ष के रणजीत सिंह के पुत्र गुरविंदर सिंह का कहना था कि यह दुकान उन्होंने ध्यान सिंह से पांच वर्ष पहले किराए पर ली थी। उनका सामान दुकान में रखा हुआ है। उन्हें किसी ने फोन किया था कि दुकान पर कोई कब्जा कर रहा है। जैसे ही वह पहुंचे तो गुरजंट सिंह के साथ आए लोगों ने उन पर हमला कर दिया और गुरजंट सिंह ने उन पर फायर भी किया। थाना सिटी प्रभारी भुपिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। फिर भी वह अपने तौर पर जांच कर रहे हैं। जांच में जो भी सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।