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उपभोक्ता फोरम ने सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब को लगाया 1.10 लाख जुर्माना
Updated Tue, 28 Aug 2018 10:25 PM IST
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सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब को लगाया 1.10 लाख जुर्माना
एनआरआई महिला की एफडी की बजाय कर दिया था लाइफ इंश्योरेंस
उपभोक्ता फोरम कपूरथला के प्रधान करनैल सिंह ने सुुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। यूके निवासी एनआरआई महिला की एफडी की बजाय लाइफ इंश्योरेंस करने पर उपभोक्ता फोरम कपूरथला की अदालत ने सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब (अब एचडीएफसी) को 1.10 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। फोरम ने बैंक को आदेश दिए है कि वह महिला को मूल रकम पर 12 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर पर ब्याज समेत रकम लौटाए। यूके निवासी 67 वर्षीय महिला बलबीर कौर निवासी गांव औजला ढक्क, लिद्दड़ कलां फिल्लौर ने वर्ष मार्च 2006 में सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब की फगवाड़ा शाखा को 10000 पाउंड फिक्स डिपोजिट (एफडी) के लिए दिए, जो भारतीय करंसी के अनुसार 7 लाख 70 हजार रुपये बनते हैं। उसके बाद महिला यूके की सिटीजन होने के नाते विदेश चली गई। उसके बाद वर्ष 2012 में वह अपनी जमा रकम निकलवाने के लिए आई तो उसे पता चला कि सेंचुरिंयन बैंक ऑफ पंजाब को एचडीएफसी बैंक ने टेकआवर कर लिया है। इस पर उसने एचडीएफ बैंक की मुंबई और फगवाड़ा शाखा से संपर्क किया तो उन्होंने जांच पड़ताल करने का समय मांगा और दो माह बाद आने के लिए कहा। इस पर महिला फिर वापस विदेश चली गई तो दो माह स्पेशल पैसे निकलवाने के लिए आई। लेकिन बैंक वालों ने कोई हाथ-पल्ला नहीं पकड़वाया। इसके बाद पता चला कि सेंचुरियन बैंक आफ पंजाब के बैंक प्रबंधकों ने उक्त महिला की रकम की एक निजी कंपनी की यूनिट लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस कर दी है, जिसके बारे में उपरोक्त महिला से कोई सहमति नहीं ली गई। इस मामले को लेकर चार साल लग गए। इसके बाद महिला की दी अटार्नी के बिहाव पर दलविंदर सिंह निवासी हरीपुर नकोदर जालंधर ने उपभोक्ता फोरम में केस लगाया। जिसकी सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम के प्रधान करनैल सिंह और मेंबर रजीता सरीन ने पूरे मामले को सुनने के बाद सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब (अब एचडीएफसी) को 7,70,000 की रकम पर 12 प्रतिशत प्रतिसाल की दर से छह साल का ब्यास समेत रकम लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ एक लाख रुपये उपभोक्ता के परेशान करने और 10 हजार रुपये कानूनी खर्च के लिए अलग से अदा करने के आदेश दिए हैं।
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सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब को लगाया 1.10 लाख जुर्माना
एनआरआई महिला की एफडी की बजाय कर दिया था लाइफ इंश्योरेंस
उपभोक्ता फोरम कपूरथला के प्रधान करनैल सिंह ने सुुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। यूके निवासी एनआरआई महिला की एफडी की बजाय लाइफ इंश्योरेंस करने पर उपभोक्ता फोरम कपूरथला की अदालत ने सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब (अब एचडीएफसी) को 1.10 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। फोरम ने बैंक को आदेश दिए है कि वह महिला को मूल रकम पर 12 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर पर ब्याज समेत रकम लौटाए। यूके निवासी 67 वर्षीय महिला बलबीर कौर निवासी गांव औजला ढक्क, लिद्दड़ कलां फिल्लौर ने वर्ष मार्च 2006 में सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब की फगवाड़ा शाखा को 10000 पाउंड फिक्स डिपोजिट (एफडी) के लिए दिए, जो भारतीय करंसी के अनुसार 7 लाख 70 हजार रुपये बनते हैं। उसके बाद महिला यूके की सिटीजन होने के नाते विदेश चली गई। उसके बाद वर्ष 2012 में वह अपनी जमा रकम निकलवाने के लिए आई तो उसे पता चला कि सेंचुरिंयन बैंक ऑफ पंजाब को एचडीएफसी बैंक ने टेकआवर कर लिया है। इस पर उसने एचडीएफ बैंक की मुंबई और फगवाड़ा शाखा से संपर्क किया तो उन्होंने जांच पड़ताल करने का समय मांगा और दो माह बाद आने के लिए कहा। इस पर महिला फिर वापस विदेश चली गई तो दो माह स्पेशल पैसे निकलवाने के लिए आई। लेकिन बैंक वालों ने कोई हाथ-पल्ला नहीं पकड़वाया। इसके बाद पता चला कि सेंचुरियन बैंक आफ पंजाब के बैंक प्रबंधकों ने उक्त महिला की रकम की एक निजी कंपनी की यूनिट लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस कर दी है, जिसके बारे में उपरोक्त महिला से कोई सहमति नहीं ली गई। इस मामले को लेकर चार साल लग गए। इसके बाद महिला की दी अटार्नी के बिहाव पर दलविंदर सिंह निवासी हरीपुर नकोदर जालंधर ने उपभोक्ता फोरम में केस लगाया। जिसकी सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम के प्रधान करनैल सिंह और मेंबर रजीता सरीन ने पूरे मामले को सुनने के बाद सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब (अब एचडीएफसी) को 7,70,000 की रकम पर 12 प्रतिशत प्रतिसाल की दर से छह साल का ब्यास समेत रकम लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ एक लाख रुपये उपभोक्ता के परेशान करने और 10 हजार रुपये कानूनी खर्च के लिए अलग से अदा करने के आदेश दिए हैं।