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बीएसएफ बार्डर से तस्करी रोकने में सक्षम, पिछले साल काफी नशीली खेप पकड़ी -आईजी बीएसएफ
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:12 PM IST
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बीएसएफ तस्करी रोकने में सक्षम: आईजी
बाघा बार्डर में दर्शकों की भीड़, 13 हजार की क्षमता और बढ़ाई जाएगी
जालंधर।
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर ने 2016 के मुकाबले 2017 में बहुत बड़ी मात्र में ड्रग्स पाकिस्तान बॉर्डर से पकड़ी है। आईजी ने कहा की यह कहना गलत है कि बीएसएफ ड्रग्स की तस्करी को नहीं रोक सकती है। आईजी पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के उस बयान के जवाब में बोल रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में बीएसएफ ड्रग तस्करी रोकने में विफल रही है।
पंजाब फ्रंटियर के आईजी मुकुल गोयल मंगलवार को जालंधर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। आईजी के अनुसार फोर्स ने पिछले साल ड्रग्स के खिलाफ पंजाब पुलिस और नारकोटिक्स ब्यूरो के साथ मिल कर बहुत अच्छा काम किया है और काफी नशे की रिकवरी की है। उन्होंने कहा की अटारी और हुसैनीवाला सीमा पर परेड देखने के लिए दर्शकों को बेहतरी देखने में मिलेगी और अटारी बॉर्डर की क्षमता 12 हजार से 25 हजार की कर दी जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बलों के जवानों की नौकरी कठिन है और हम यह दावा भी नहीं करते कि हम पूरी तरह से ड्रग्स की तस्करी पर नकेल कस देंगे। हमारे जवान सीमा पर चौकसी बरत रहे हैं। वर्ष 2016 में जहां बीएसएफ ने 230 किलो हेरोइन पकड़ी, वहीं 2017 में 279 किलो ड्रग्स पकड़ी हैं। उन्होंने यह भी बताया किए सांझा मीटिंग के दौरान पाकिस्तानी नारकोटिक्स सेल के अफसर ने उन्हें बताया था कि उनके वहां हर साल हजारों किलो ड्रग्स रिकवर की जा रही हैं। स्थानीय बीएसएफ अधिकारियों की पाकिस्तानी रेंजर्स से मीटिंग के दौरान सीमा पर बन रही गैरकानूनी इमारतों टावर और जम्मू कश्मीर की फायरिंग रोकने के बारे में भी चर्चा होती है।
फाजिल्का में बना टावर बीएसएफ के अफसरों को धोखे में रख कर बना लिया गया। सीमा पर कंटीली तार कटने के मामले में उन्होंने कहा कि अब सीमा पर एंटी कट वायर्स का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है और सफल रहा तो और जगह भी ऐसी तारें लगा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस के पास बेहतर संसाधन हैं, इंटेलिजेंस है और पकडे़ गए तस्करों से पूछताछ की सुविधा है, जबकि बीएसएफ सिर्फ बॉर्डर पर तैनात है और उसकी सीमित इंटेलिजेंस है। इस साल आपस में तालमेल काफी अच्छा रहा है। 2017 में पुलिस की तरफ से बीस इनपुट मिले हैं, जबकि उस से पहले सिर्फ 8 इनपुट मिले थे।
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बाघा बार्डर में दर्शकों की भीड़, 13 हजार की क्षमता और बढ़ाई जाएगी
जालंधर।
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर ने 2016 के मुकाबले 2017 में बहुत बड़ी मात्र में ड्रग्स पाकिस्तान बॉर्डर से पकड़ी है। आईजी ने कहा की यह कहना गलत है कि बीएसएफ ड्रग्स की तस्करी को नहीं रोक सकती है। आईजी पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के उस बयान के जवाब में बोल रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में बीएसएफ ड्रग तस्करी रोकने में विफल रही है।
पंजाब फ्रंटियर के आईजी मुकुल गोयल मंगलवार को जालंधर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। आईजी के अनुसार फोर्स ने पिछले साल ड्रग्स के खिलाफ पंजाब पुलिस और नारकोटिक्स ब्यूरो के साथ मिल कर बहुत अच्छा काम किया है और काफी नशे की रिकवरी की है। उन्होंने कहा की अटारी और हुसैनीवाला सीमा पर परेड देखने के लिए दर्शकों को बेहतरी देखने में मिलेगी और अटारी बॉर्डर की क्षमता 12 हजार से 25 हजार की कर दी जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बलों के जवानों की नौकरी कठिन है और हम यह दावा भी नहीं करते कि हम पूरी तरह से ड्रग्स की तस्करी पर नकेल कस देंगे। हमारे जवान सीमा पर चौकसी बरत रहे हैं। वर्ष 2016 में जहां बीएसएफ ने 230 किलो हेरोइन पकड़ी, वहीं 2017 में 279 किलो ड्रग्स पकड़ी हैं। उन्होंने यह भी बताया किए सांझा मीटिंग के दौरान पाकिस्तानी नारकोटिक्स सेल के अफसर ने उन्हें बताया था कि उनके वहां हर साल हजारों किलो ड्रग्स रिकवर की जा रही हैं। स्थानीय बीएसएफ अधिकारियों की पाकिस्तानी रेंजर्स से मीटिंग के दौरान सीमा पर बन रही गैरकानूनी इमारतों टावर और जम्मू कश्मीर की फायरिंग रोकने के बारे में भी चर्चा होती है।
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फाजिल्का में बना टावर बीएसएफ के अफसरों को धोखे में रख कर बना लिया गया। सीमा पर कंटीली तार कटने के मामले में उन्होंने कहा कि अब सीमा पर एंटी कट वायर्स का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है और सफल रहा तो और जगह भी ऐसी तारें लगा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस के पास बेहतर संसाधन हैं, इंटेलिजेंस है और पकडे़ गए तस्करों से पूछताछ की सुविधा है, जबकि बीएसएफ सिर्फ बॉर्डर पर तैनात है और उसकी सीमित इंटेलिजेंस है। इस साल आपस में तालमेल काफी अच्छा रहा है। 2017 में पुलिस की तरफ से बीस इनपुट मिले हैं, जबकि उस से पहले सिर्फ 8 इनपुट मिले थे।
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