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जेल में बंद बड़े तस्कर हेरोइन व असलहा तस्करी का जेल में पढ़ा रहे कई कैदियों को पाठ
Updated Fri, 08 Dec 2017 10:34 PM IST
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जेल बनी हेरोइन तस्करी की पाठशाला
जेल में बंद बड़े तस्कर हेरोइन व असलहा तस्करी का जेल में पढ़ा रहे कैदियों को पाठ
काउंटर इंटेलीजेंस की गिरफ्त में आए गुरविंदर की जेल में हुई थी बड़े तस्करों से मुलाकात
अनिल कुमार
फिरोजपुर।
सूबे की विभिन्न जेलों में सजा काट रहे बड़े तस्कर जेल में बंद कई कैदियों व हवालातियों को पाकिस्तान से हेरोइन व असलहा तस्करी करने का पाठ पढ़ा रहे हैं। यही नहीं जेल में बंद तस्कर पाकिस्तान में बैठे बड़े तस्करों से रिहा होने या जमानत पर जाने वाले कैदी व हवालातियों की बातचीत करवा देते हैं ताकि जेल से बाहर जाते ही हेरोइन व असलहा तस्करी में कोई दिक्कत न हो। वीरवार को काउंटर इंटेलीजेंस की गिरफ्त में आयागुरविंदर सिंह भी जेल में ही तस्करी का पाठ पढ़ कर आया था, उसकी जेल में बड़े तस्करों से मुलाकात हुई थी और वहीं से पाक व भारतीय तस्करों के संपर्क में था, कुछ माह पहले ही गुरविंदर जमानत पर जेल से बाहर आया है और तस्करी के धंधे में जुट गया।
काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी नरेंद्रपाल सिंह सिद्धू ने बताया कि गुरविंदर सिंह जमींदार है, इसके पास तीस एकड़ जमीन है। वर्ष 2009 में गांव में ही किसी व्यक्ति के कत्ल के आरोप में सजा हुई थी और 2016 में जमानत पर जेल से बाहर आया है। गुरविंदर के जेल में ही बंद तस्करों से संबंध बन गए। जेल में बंद तस्कर कई कैदियों को हेरोइन व असलहा तस्करी का पाठ पढ़ा रहे हैं, तभी नए चेहरे नशीले पदार्थ की तस्करी करने में जुटे हैं। गुरविंदर के पास से जो मोबाइल फोन पकड़ा है, उसमें पाक तस्करों का एक ग्रुप है, जिससे गुरविंदर के संबंध है।
यही नहीं भारतीय तस्करों के संपर्क में भी गुरविंदर है। गुरविंदर जैसे कई अपराधी जो जेल से छूटकर या जमानत पर बाहर आकर हेरोइन तस्करी के धंधे में जुट जाते हैं।
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गुरविंदर ने छह माह के भीतर करोड़ों रुपये हेरोइन तस्करी में कमा कर जमीनें खरीदी हैं। गुरविंदर का घर सरहद से लगभग सौ मीटर की दूरी पर है। गुरविंदर ने पाक तस्करों से हेरोइन व असलहा मंगवाने के लिए सरहद पर कई रास्ते बनाए हुए हैं, कुछेक रास्ते सतलुज दरिया में हैं, जहां-जहां से पाक से भारत में प्रवेश होता है छह माह के भीतर कई बार पाक से हेरोइन की खेप मंगवा चुका है। तेरह लाख 70 हजार की धनराशि गुरविंदर ने चार दिन के भीतर हेरोइन बेच कर कमाई है। एआईजी सिद्धू ने बताया कि अब तक काउंटर इंटेलीजेंस ने जितने तस्कर पकड़े हैं, उन सबके साथ इसके संबंध हैं।
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जेल में बंद बड़े तस्कर हेरोइन व असलहा तस्करी का जेल में पढ़ा रहे कैदियों को पाठ
काउंटर इंटेलीजेंस की गिरफ्त में आए गुरविंदर की जेल में हुई थी बड़े तस्करों से मुलाकात
अनिल कुमार
फिरोजपुर।
सूबे की विभिन्न जेलों में सजा काट रहे बड़े तस्कर जेल में बंद कई कैदियों व हवालातियों को पाकिस्तान से हेरोइन व असलहा तस्करी करने का पाठ पढ़ा रहे हैं। यही नहीं जेल में बंद तस्कर पाकिस्तान में बैठे बड़े तस्करों से रिहा होने या जमानत पर जाने वाले कैदी व हवालातियों की बातचीत करवा देते हैं ताकि जेल से बाहर जाते ही हेरोइन व असलहा तस्करी में कोई दिक्कत न हो। वीरवार को काउंटर इंटेलीजेंस की गिरफ्त में आयागुरविंदर सिंह भी जेल में ही तस्करी का पाठ पढ़ कर आया था, उसकी जेल में बड़े तस्करों से मुलाकात हुई थी और वहीं से पाक व भारतीय तस्करों के संपर्क में था, कुछ माह पहले ही गुरविंदर जमानत पर जेल से बाहर आया है और तस्करी के धंधे में जुट गया।
काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी नरेंद्रपाल सिंह सिद्धू ने बताया कि गुरविंदर सिंह जमींदार है, इसके पास तीस एकड़ जमीन है। वर्ष 2009 में गांव में ही किसी व्यक्ति के कत्ल के आरोप में सजा हुई थी और 2016 में जमानत पर जेल से बाहर आया है। गुरविंदर के जेल में ही बंद तस्करों से संबंध बन गए। जेल में बंद तस्कर कई कैदियों को हेरोइन व असलहा तस्करी का पाठ पढ़ा रहे हैं, तभी नए चेहरे नशीले पदार्थ की तस्करी करने में जुटे हैं। गुरविंदर के पास से जो मोबाइल फोन पकड़ा है, उसमें पाक तस्करों का एक ग्रुप है, जिससे गुरविंदर के संबंध है।
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यही नहीं भारतीय तस्करों के संपर्क में भी गुरविंदर है। गुरविंदर जैसे कई अपराधी जो जेल से छूटकर या जमानत पर बाहर आकर हेरोइन तस्करी के धंधे में जुट जाते हैं।
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गुरविंदर ने छह माह के भीतर करोड़ों रुपये हेरोइन तस्करी में कमा कर जमीनें खरीदी हैं। गुरविंदर का घर सरहद से लगभग सौ मीटर की दूरी पर है। गुरविंदर ने पाक तस्करों से हेरोइन व असलहा मंगवाने के लिए सरहद पर कई रास्ते बनाए हुए हैं, कुछेक रास्ते सतलुज दरिया में हैं, जहां-जहां से पाक से भारत में प्रवेश होता है छह माह के भीतर कई बार पाक से हेरोइन की खेप मंगवा चुका है। तेरह लाख 70 हजार की धनराशि गुरविंदर ने चार दिन के भीतर हेरोइन बेच कर कमाई है। एआईजी सिद्धू ने बताया कि अब तक काउंटर इंटेलीजेंस ने जितने तस्कर पकड़े हैं, उन सबके साथ इसके संबंध हैं।