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प्रदेश में धड़ल्ले से की जा रही हाईकोर्ट की अवमानना
जालंधर।
Updated Tue, 13 May 2014 10:33 PM IST
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प्रदेश के अफसर हाईकोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखा आदेशों का उल्लंघन करवा रहे हैं। ये बात ऑल पंजाब ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने जालंधर में प्रेसवार्ता में कही। यूनियन ने कहा कि पंजाब में हाईकोर्ट ने ट्रालियों के व्यापारिक इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसका इस्तेमाल केवल किसान अपने कामकाज के लिए कर सकते हैं लेकिन ट्रालियों का इस्तेमाल गेहूं की लिफ्टिंग के लिए भी करवाया जा रहा है।
यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू, चेयरमैन जगतार सिंह राजोआना, महासचिव रामपाल सिंह, जिला प्रधान गुरबचन सिंह विर्क, पटियाला के प्रधान बाबू सिंह जीरा, फिरोजपुर के प्रधान मलकीयत हुन्नर, जिला लुधियाना प्रधान रविंदर सिंह, फाजिल्का के जसबीर सिंह उप्पल ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर प्रदेश सरकार को लाखों का टैक्स अदा कर रहे हैं। इसके बावजूद ट्रक ऑपरेटरों को परेशान किया जा रहा है।
हैप्पी ने कहा कि ट्रक की कीमत 29 लाख रुपये है। इसपर सरकार चार लाख 14 हजार 700 रुपये वैट वसूलती है। इसके अलावा इंश्योरेंस, टायरों, परमिट, रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन पर टैक्स मिलाकर पांच लाख रुपये प्रति ट्रक वसूल हो रहा है। फिर भी सरकार ट्रक ऑपरेटरों के साथ धक्केशाही कर रही है। हालात यह है कि सरकारी एजेंसियों ने लिफ्टिंग के लिए ठेके देते समय यह लिखित लिया था कि गेहूं की लिफ्टिंग ट्रकों में होेगी लेकिन ठेकेदार पैसा बचाने के लिए ट्रालियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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नतीजतन प्रदेश के ट्रक सड़कों पर बेकार खड़े हैं। हैप्पी संधू व बब्बू खालसा ने कहा कि आरटीआई के जरिए भी मार्कफैड तक ने खुलासा किया है कि गेहूं के लिए ट्रालियों का इस्तेमाल लिफ्टिंग के लिए किया जा रहा है। जल्द ही ऑल पंजाब ट्रक आपरेटर यूनियन हाईकोर्ट में अवमानना का केस दायर करेगी।
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यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू, चेयरमैन जगतार सिंह राजोआना, महासचिव रामपाल सिंह, जिला प्रधान गुरबचन सिंह विर्क, पटियाला के प्रधान बाबू सिंह जीरा, फिरोजपुर के प्रधान मलकीयत हुन्नर, जिला लुधियाना प्रधान रविंदर सिंह, फाजिल्का के जसबीर सिंह उप्पल ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर प्रदेश सरकार को लाखों का टैक्स अदा कर रहे हैं। इसके बावजूद ट्रक ऑपरेटरों को परेशान किया जा रहा है।
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हैप्पी ने कहा कि ट्रक की कीमत 29 लाख रुपये है। इसपर सरकार चार लाख 14 हजार 700 रुपये वैट वसूलती है। इसके अलावा इंश्योरेंस, टायरों, परमिट, रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन पर टैक्स मिलाकर पांच लाख रुपये प्रति ट्रक वसूल हो रहा है। फिर भी सरकार ट्रक ऑपरेटरों के साथ धक्केशाही कर रही है। हालात यह है कि सरकारी एजेंसियों ने लिफ्टिंग के लिए ठेके देते समय यह लिखित लिया था कि गेहूं की लिफ्टिंग ट्रकों में होेगी लेकिन ठेकेदार पैसा बचाने के लिए ट्रालियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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नतीजतन प्रदेश के ट्रक सड़कों पर बेकार खड़े हैं। हैप्पी संधू व बब्बू खालसा ने कहा कि आरटीआई के जरिए भी मार्कफैड तक ने खुलासा किया है कि गेहूं के लिए ट्रालियों का इस्तेमाल लिफ्टिंग के लिए किया जा रहा है। जल्द ही ऑल पंजाब ट्रक आपरेटर यूनियन हाईकोर्ट में अवमानना का केस दायर करेगी।