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कृषि विधेयकों के खिलाफ नहीं थम रहा गुस्सा, पंजाब भर में कांग्रेस और किसानों का प्रदर्शन

Mon, 21 Sep 2020 08:33 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब Published by: पंजाब ब्‍यूरो Updated Mon, 21 Sep 2020 08:33 PM IST
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Farmers and Congress protest in Punjab against farm bills
जालंधर में पुतला फूंकते हुए कांग्रेसी। - फोटो : अमर उजाला

पंजाब में कृषि विधेयकों का विरोध कर रहे किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी बुजुर्ग किसानों व महिलाओं ने कड़ी धूप और उमस के बावजूद केंद्र सरकार के विरोध में धरना-प्रदर्शन जारी रखा। वहीं, कांग्रेसी नेताओं ने भी विधेयकों के खिलाफ सभी विधानसभा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन कर पुतले फूंके। धरने में किसान मजदूर, आढ़ती और राइस मिलरों ने भी शिरकत कर समर्थन दिया। लुधियाना में एक कांग्रेस नेता ने पकौड़े तले और चाय बनाकर विरोध दर्ज कराया। 

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कृषि विधेयक के विरोध में 25 सितंबर को 'पंजाब बंद' को सफल बनाने के लिए भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने कारोबारियों से भी समर्थन मांगा है। मुक्तसर के बादल गांव में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के घर के सामने किसान संगठन सोमवार को सातवें दिन भी डटे रहे। उधर, बस्सी पठाना पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि अकाली दल अब अंगुली पर खून लगाकर शहीद बनने की कोशिश में है। 
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इस दौरान किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर नारेबाजी की। जालंधर, अमृतसर, मुक्तसर, पठानकोट, सुजानपुर, पटियाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला, संगरूर, मुक्तसर, लुधियाना, कोटकपूरा, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, जलालाबाद, राजपुरा, बसंतपुरा, खड़ौला, बनूड़, धर्मगढ़ में भी कांग्रेस ने गांव स्तर पर धरने लगाए। मुस्लिम भाईचारे की ओर से जमात-ए-इस्लाम के अध्यक्ष शकूर अहमद और एडवोकेट तानिजा तबस्सुम ने किसानों को समर्थन दिया तो दोधी यूनियन बठिंडा के सदस्यों ने भी धरने में शामिल होकर किसानों की हिमायत की।
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जालंधर में  कृषि विधेयकों के खिलाफ सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ सोमवार को कांग्रेसी नेताओं ने शहर में कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विधेयक वापस लेने की मांग उठाई। शहर में चारों विधानसभा हलकों में विधायकों के नेतृत्व में धरने लगाए गए।

डीसी ऑफिस के सामने पुडा कांप्लेक्स में जिला कांग्रेस शहरी और देहाती के साथ सेंट्रल विधानसभा के विधायक राजेंद्र बेरी ने धरना लगाया। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एवं पार्षद डॉ. जसलीन सेठी भी कार्यकर्ताओं के साथ धरने में शामिल हुईं और पुतला फूंक प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने विधेयक वापस लेने की मांग करते हए राष्ट्रपति के नाम से एडीसी को ज्ञापन सौंपा। नार्थ विधानसभा के विधायक बावा हैनरी के नेतृत्व में सोढल चौक में नार्थ हलके का धरना दिया गया। विधायक सुशील रिंकू जालंधर वेस्ट हलके में 120 फुट रोड पर बाबू जगजीवन राम चौक में कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे।

जालंधर कैंट विधानसभा हलका का धरना कुक्कड़ पिंड में विधायक परगट सिंह के नेतृत्व में लगाया गया। मेयर जगदीश राज राजा ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ किसान से जुड़ा नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति इससे प्रभावित होगा, क्योंकि अगर किसानी भी कारपोरेट सेक्टर के हाथ चली गई तो किसान तो बर्बाद होगा ही आम व्यक्ति को भी हर खाद्य पदार्थ महंगा मिलेगा। कृषि विधेयक से पहले ही मुसीबत में डूबी किसानी कंगाल हो जाएगी और किसानों का बहुत नुकसान होगा।


                                                बठिंडा में धरने पर बैठे कांग्रेसी।

बठिंडा में कृषि विधेयक के खिलाफ कांग्रेस ने दिया धरना 
केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि विधेयक के खिलाफ सोमवार को जिला कांग्रेस के नेताओं एवं वर्करों ने दाना मंडी में धरना दिया। इस धरने में जिला अध्यक्ष अरुण वधावन समेत अन्य कांग्रेसी नेता एवं वर्कर उपस्थित थे। कांग्रेसी नेताओं और वर्करों ने देश के राष्ट्रपति से अपील करते हुए कहा कि पारित किए गए कृषि संबंधी विधेयक पर हस्ताक्षर न करें और देश के किसानों को बचाने में योगदान दें।

धरने के दौरान जिला अध्यक्ष अरुण वधावन ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि विधेयक देश के किसानों समेत छोटे एवं बडे़ दुकानदारों के खिलाफ है। ऐसे कानून देश के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। 

उन्होंने कहा कि अब देश के लोग केंद्र की भाजपा सरकार को सहन नहीं करेंगे। इस कानून से किसानों की आमदनी पहले से भी कम होने की संभावना है। इसके अलावा किसानों के साथ साथ आढ़ती एवं मजदूर वर्ग पूरी तरह से प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश की आम जनता की अवाज सुनी है। 

संगरूर: ‘निजी फायदे के लिए भाजपा का साथ दे रहा शिअद’

केंद्र सरकार की तरफ से कृषि संबंधी पारित किए विधेयक के विरोध में सोमवार को कांग्रेस के पदाधिकारियों व वर्करों ने संगरूर के हर गांव और शहर में रोष प्रदर्शन किए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काले बिल्ले लगाकर रोष जाहिर किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

संगरूर में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए मार्केट कमेटी के चेयरमैन अनिल घीचा, नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन नरेश गाबा, पंजाब स्मॉल स्केल इंडस्ट्री कारपोरेशन के उपचेयरमैन महेश कुमार मेशी और पूर्व बलाक अध्यक्ष परमिंदर शर्मा ने कहा कि भाजपा ने किसान मारू कृषि विधेयक के जरिये पंजाब को बर्बाद करने की शुरुआत की है। 

शिरोमणि अकाली दल निजी फायदे के लिए मोदी सरकार का हर गलत फैसले में साथ दे रहा है। उन्होंने कहा कि हरसिमरत कौर बादल का केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना भी पंजाब के लोगों को गुमराह करने जैसा है। उन्होंने कहा कि इन कृषि विधेयकों को रद्द करवाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा, क्योंकि अगर किसान, मजदूर व छोटा व्यापारी बर्बाद हो जाएगा तो पूरा देश ही बर्बाद हो जाएगा।

                                         संगरूर में रोष प्रदर्शन करते कांग्रेसी।

इस मौके महिला कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बलवीर कौर सैनी, सीनिर नेता बिंदर बांसल, ट्रक यूनियन केअध्यक्ष मनजीत जवंधा, महेश कुमार, सतीश कांसल, नरेश गोयल, रजिंदर मनचंदा, नरेश शर्मा, नरेश रंगा, रोकी बांसल, संजय बांसल, अशोक कुमार, रणबीर, मक्खन, बब्बू बलजोत, विक्की संगरूर, हरपाल सोनू सहित अन्य मौजूद रहे।

तरनतारन: विधेयकों के विरोध में कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन

कृषि विधेयकों के विरोध में विधायक डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री की अगुवाई में केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। विधायक अग्निहोत्री ने कहा कि कृषि विधेयकों के माध्यम से केंद्र सरकार कारपोरेट घरानों के हाथों में किसान का भविष्य बेच चुकी है। पंजाब और हरियाणा के किसानों पर कृषि विधेयकों का विपरीत प्रभाव पड़ेगा। 

कारपोरेट घरानों के हाथ में फसलें आते ही एमएसपी खत्म हो जाएगी। साथ ही प्रदेश की 1900 अनाज मंडियों से होने वाले 1800 करोड़ की आमदनी बंद हो जाएगी। प्रदेश के किसानों को प्रत्येक वर्ष मिलने वाली 6500 करोड़ की बिजली सब्सिडी बंद हो जाएगी। इस मौके पर संदीप अग्निहोत्री, नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन हरजिंदर सिंह ढिल्लों, पूर्व चेयरमैन गुरमिंदर सिंह रटौल, अवतार सिंह तनेजा, यशपाल शर्मा, संदीप कुमार सोनू दोदे, सरपंच साहिब सिंह मल्ली, गुरजीत सिंह मौजूद थे।

फिरोजपुर: किसानों और कांग्रेसियों ने फूंके केंद्र के पुतले 
कृषि विधेयकों के विरोध में कांग्रेसियों और किसानों ने कई जगहों पर रोष प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के पुतले फूंके हैं। फिरोजपुर में किसान जत्थेबंदियों ने रोष प्रदर्शन किया।  किसान जत्थेबंदियों के नेताओं ने सारागढ़ी गुरुद्वारे के परिसर में बैठक कर फैसला लिया गया कि 25 सितंबर को पंजाब बंद किया जाएगा। 

क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव गुरमीत सिंह महिमा ने कहा कि पंजाबभर की किसान जत्थेबंदियों ने 25 सितंबर को पंजाब बंद करने पर सहमति जताई है। महिमा ने बताया कि 25 सितंबर को फिरोजपुर में चुंगी नंबर-सात, जीरा गेट शहर, फिरोजपुर-फाजिल्का रोड, तलवंडी भाई चौक व मक्खू में सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक धरना देंगे। उधर, जलालाबाद में विधायक रमिंदर आवला के नेतृत्व मोदी सरकार के खिलाफ अनाज मंडी जलालाबाद के मुख्य गेट के समक्ष रोष प्रदर्शन किया। क्षेत्र के कई गांवों में भी केन्द्र सरकार के विरुद्ध रोष प्रदर्शन किए गए।  

                                       फिरोजपुर में बैठक करते हुए किसान संगठन के नेता।

विधायक आवला ने कहा कि केंद्र सरकार के कृषि विधेयक किसान विरोधी हैं। इससे किसानी तबाह हो जाएगी और किसानों के साथ-साथ अन्य लोगों का कारोबार ठप हो जाएगा। इस अवसर पर शहरी अध्यक्ष दर्शन वाट्स, चेयरमैन राज बखश कंबोज, अनूप मैणी, गुरपाल संधू, रतन सिंह चेयरमैन, सोनू दर्गन, हरभजन दर्गन व अन्य मौजूद थे। इसी तरह, मल्लांवाला में जीरा विधानसभा के विधायक कुलबीर सिंह जीरा की अध्यक्षता में कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर पुतला फूंका।

होशियारपुर: आढ़तियों ने काली पट्टियां बांधकर जताया रोष

दाना मंडी रहीमपुर में आढ़तियों ने केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ काली पट्टियां बांधकर रोष प्रदर्शन किया गया। कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने विरोध प्रदर्शन में शिरकत की। मंत्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब की पहचान किसान हैं। पंजाब का किसान पूरे देश का पेट भर रहा है। एमएसपी किसान की खुशहाली का सबसे उत्तम साधन है। अध्यादेश में उसमें एमएसपी का कोई जिक्र नहीं है। 

हर गांव में किसान इसका कड़ा विरोध जता रहे हैं। अब यह विरोध प्रदर्शन गांवों से निकलकर शहरों तक पहुंच गया है। अरोड़ा ने कहा कि किसानों के हक की लड़ाई के लिए वह उनके साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी कहा है कि हम अदालत जाएंगे। इस अवसर पर नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन एडवोकेट राकेश मरवाहा, मंडी के चेयरमैन राजेश अग्रवाल, लाला जनक लाल अग्रवाल, लाला नरेंद्र जैन, राजेश अग्रवाल, सुधीर सूद मंडी प्रधान, रमेश गुप्ता, हरि चंद, नीरज सिंगला, विजय कुमार, तरसेम मोदगिल, सोमनाथ अग्रवाल मौजूद थे। 

सुनाम से किसानों का काफिला पटियाला रवाना
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां का मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह क्षेत्र पटियाला में पिछले सात दिन से आंदोलन जारी है। सोमवार को यूनियन के जिला महासचिव दरबारा सिंह छाजला के नेतृत्व में किसानों व महिलाओं का काफिला पटियाला के लिए रवाना हुआ। छाजला ने इस दौरान कहा कि कृषि विधेयक का समर्थन करने वालों का उनकी यूनियन विरोध करेगी और गांवों में उनके नेताओं को दाखिल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों के साथ अन्याय किया है। किसान इन विधेयकों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। 

पटियाला: खेती अधिनियमों के विरोध में कांग्रेस ने लगाए धरने 

केंद्र सरकार के खेती अधिनियमों के विरोध में सीएम सिटी में अब कांग्रेस भी मैदान में उतर आई है। सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी शहरी नेअनारदाना चौक में धरना दिया गया, वहीं देहात कांग्रेस ने त्रिपड़ी में प्रदर्शन किया। मेयर संजीव शर्मा बिट्टू, कांग्रेसी नेता केके मल्होत्रा, पीआरटीसी के चेयरमैन केके शर्मा आदि ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कृषि क्षेत्र है। 

यही बर्बाद हो गया तो अर्थव्यवस्था नहीं बचेगी। इसलिए खेती सेक्टर को बचाने के लिए इन खेती अधिनियमों को रद कराने के लिए संघर्ष बड़े स्तर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यह फैसला करके साबित कर दिया है कि वह किसान व मजदूर विरोधी है। कहा कि मोदी सरकार तो केवल बड़े-बड़े कारपोरेट घरानों व उद्योगपतियों की सरकार है। कांग्रेस किसानों के साथ हैं। किसानों को हर हालत में इंसाफ दिलाया जाएगा।

पटियाला: नहीं थमा गुस्सा, पुडा ग्राउंड में धरने पर डटे रहे किसान
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की ओर से पुडा ग्राउंड में लगाया गया पक्का मोर्चा सोमवार को भी जारी रहा। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खेती कानूनों को रद्द करने, बिजली संशोधन एक्ट 2020 को वापस लेने समेत कई ओर मांगें उठाईं। किसानों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ बोल रहे हैं कि एमएसपी पहले की तरह जारी रहेगी। किसान अब उन पर यकीन नहीं करेंगे। चाहे कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े इन खेती कानूनों को लागू नहीं होने देंगे।

किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां, करनैल सिंह लंग, जसविंदर सिंह सोमा ने कहा कि केंद्र की ओर से बनाए खेती कानून किसानों व मजदूरों को तबाह कर देंगे। इन तीनों कानूनों से पंजाब का मंडी प्रबंध पूरी तरह से तहस-नहस हो जाएगा। राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर की सरकारी खरीद एजेंसियां मंडी से बाहर हो जाएंगी। 

किसानों को अपनी फसल की बिक्री के लिए कारपोरेट घरानों व बड़े प्राइवेट व्यापारियों के रहमो करम पर छोड़ दिया जाएगा। इन खेती कानूनों को किसी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही बिजली संशोधन बिल 2020 के लागू होने से पंजाब के किसानों को मिलती मुफ्त बिजली की सुविधा, जो किसानों ने लंबे संघर्ष के जरिये प्राप्त की है। वह धीरे-धीरे छीन ली जाएगी। किसानों को अपनी बिजली मोटरों के बिल भरने पड़ेंगे। किसानों ने इस बिल का भी विरोध किया।

गुरदासपुर: पीएम का पुतला फूंक जताया रोष
केंद्र सरकार की ओर से लागू किसान विरोधी कानून के विरोध में सोमवार को किसान संगठनों ने काहनूवान में पीएम का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है वो लोक विरोधी फैसले ले रही है। इनकी नीतियों से हर देशवासी नाखुश है। अब केंद्र सरकार ने यह बिल लागू करके किसानों के धोखा किया है। पहले ही किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। यह बिल किसानों को आर्थिक तौर पर कमजोर करेगा। मौके पर विभिन्न किसान संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।

मुक्तसर: कांग्रेसियों ने मुक्तसर-कोटकपूरा रोड पर लगाया धरना
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की तरफ से ब्लॉक अध्यक्ष और सरपंच भिंदर शर्मा के नेतृत्व में कृषि विधेयक के विरोध में सोमवार को गांव झबेलवाली की दाना मंडी के पास मुक्तसर-कोटकपूरा रोड पर धरना लगाया गया। धरने में बड़ी संख्या में नजदीकी गांव के कांग्रेसी वर्कर भी शामिल हुए अध्यक्ष भिंदर शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के विरोध में काला कानून पास किया है। इससे किसानी बर्बाद हो जाएगी।

केंद्र सरकार ने चुनाव से पहले हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये डालने की बात की थी। झूठ बोलकर उन्होंने लोगों से वोट तो हासिल कर लिए लेकिन लोग आज भी 15 लाख रुपये खाते में आने का इंतजार कर रहे हैं। अब यह विधेयक पास कर दिया है। इससे किसान, आढ़ती, मजदूर और खेती से जुड़े अन्य लोग भी बेरोजगार हो जाएंगे। इसके विरोध में बड़ा संघर्ष शुरू किया जाएगा। मौके पर पूर्व सरपंच झबेलवाली राम नारायण, सरपंच चड़ेवान गुरवंत सिंह, सरपंच शिवराज सिंह, पिप्पल सिंह, महासचिव कांग्रेस गुरप्रीत सिंह गिल मौजूद थे।

पठानकोट: कांग्रेस ने किसानों के साथ निकाली ट्रैक्टर रैली
सुजानपुर में किसानों ने कांग्रेस खेत मजदूर सेल जिला चेयरमैन और प्रदेश कांग्रेस सचिव ठाकुर अमित सिंह मंटू की अध्यक्षता में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर नारेबाजी की। ठाकुर अमित मंटू ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन में तीन कानून पास करवाए। तीनों बिल किसान विरोधी हैं। 

यह देश की पहली सरकार है जिसने किसानों संबंधित बिल लाने से पहले किसानों की राय तक नहीं ली। इस बिल को लागू करने से पहले सरकार को किसानों से बात करके एक मसौदा तैयार करना चाहिए था और किसानों की शंकाओं को दूर करना चाहिए था। कांग्रेस किसानों के साथ है और इस कानून का डटकर विरोध करती है। 

इसके लिए देश की जनता और किसान कभी माफ नहीं करेगा। 25 सितंबर को पंजाब बंद कर रोष प्रदर्शन केंद्र सरकार के खिलाफ किया जाएगा। मौके पर सरपंच ठाकुर अंचल सिंह, सरपंच बलवीर सिंह, सरपंच सतीश, तरसेम सिंह, रूपलाल, बलवीर सिंह, नरेंद्र ठाकुर, रकेश सिंह, डॉ. बृजमोहन सिंह, सरपंच बूटी राम, सरपंच रूपेश कुमार मौजूद थे।

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