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Jalandhar News: चेकिंग स्टाफ ने ट्रेन से मिली बच्ची को किया स्टेशन मास्टर के हवाले
Wed, 24 Jul 2024 11:03 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Wed, 24 Jul 2024 11:03 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर। पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन में अकेली सफर कर रही बच्ची (9) को टिकट चेकिंग स्टाफ ने उसे स्टेशन मास्टर के हवाले किया है। रेल डिवीजन फिरोजपुर के सीनियर कमर्शियल मैनेजर परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि सीनियर सीसीटीसी गौरव कुमार शर्मा तथा विकास कुमार सीसीटीसी को सीनियर सेक्शन इंजीनियर अमृत लाल (मुख्यालय पठानकोट) का फोन आया कि उनके किसी परिजन की बच्ची जिसकी आयु करीब 9 वर्ष है, गलती से गाड़ी संख्या 22430 में चढ़ गई है।
सूचना मिलते ही गौरव कुमार तथा विकास कुमार ने गाड़ी में जांच की। इस दौरान गाड़ी के कोच संख्या डी-6 में उस बच्ची को बरामद कर लिया। उसके बाद दोनों टिकट चेकिंग स्टाफ ने बच्ची के परिजनों से संपर्क किया और बच्ची की बात भी उनसे करवाई। बात करने के उपरांत अभिभावकों तथा बच्ची ने राहत की सांस ली। गौरव कुमार तथा विकास कुमार ने उचित कार्रवाई करते हुए बच्ची को गुरदासपुर रेलवे स्टेशन पर उसके माता-पिता से मिलाने के लिए स्टेशन अधीक्षक को सुपुर्द कर दिया। दोनों टिकट चेकिंग स्टाफ ने बच्चे को बचाने के लिए जो अद्भुत कार्य किया है।
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फिरोजपुर। पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन में अकेली सफर कर रही बच्ची (9) को टिकट चेकिंग स्टाफ ने उसे स्टेशन मास्टर के हवाले किया है। रेल डिवीजन फिरोजपुर के सीनियर कमर्शियल मैनेजर परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि सीनियर सीसीटीसी गौरव कुमार शर्मा तथा विकास कुमार सीसीटीसी को सीनियर सेक्शन इंजीनियर अमृत लाल (मुख्यालय पठानकोट) का फोन आया कि उनके किसी परिजन की बच्ची जिसकी आयु करीब 9 वर्ष है, गलती से गाड़ी संख्या 22430 में चढ़ गई है।
सूचना मिलते ही गौरव कुमार तथा विकास कुमार ने गाड़ी में जांच की। इस दौरान गाड़ी के कोच संख्या डी-6 में उस बच्ची को बरामद कर लिया। उसके बाद दोनों टिकट चेकिंग स्टाफ ने बच्ची के परिजनों से संपर्क किया और बच्ची की बात भी उनसे करवाई। बात करने के उपरांत अभिभावकों तथा बच्ची ने राहत की सांस ली। गौरव कुमार तथा विकास कुमार ने उचित कार्रवाई करते हुए बच्ची को गुरदासपुर रेलवे स्टेशन पर उसके माता-पिता से मिलाने के लिए स्टेशन अधीक्षक को सुपुर्द कर दिया। दोनों टिकट चेकिंग स्टाफ ने बच्चे को बचाने के लिए जो अद्भुत कार्य किया है।
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