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पंजाब में नया कप्तान : चन्नी की टीम को तीन महीने में करना होगा सूबे का कायाकल्प

Mon, 27 Sep 2021 02:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 27 Sep 2021 02:39 AM IST
सार

जिन मुद्दों पर पूर्व सीएम कैप्टन को घेरते थे, अब जवाबदेही का वक्त।

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Channi's team will have to resolve the pending issues of the state in three months
चरणजीत सिंह चन्नी - फोटो : Social Media

विस्तार

पंजाब सरकार का कार्यकाल पूरा होने वाला है और सूबे की कमान चरणजीत सिंह चन्नी के पास है। चन्नी की नई टीम के पास महज 90 दिन का ही वक्त है और इसके बाद आचार संहिता किसी भी वक्त लागू हो सकती है। टीम चन्नी को अब उन मुद्दों पर काम करके परिणाम जनता के बीच लाना सबसे बड़ी चुनौती होगी, जिसको लेकर वह कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बरसते रहे हैं। 

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पंजाब में तीन बड़े मुद्दे हैं, जिनका जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है, जिसमें ड्रग, बेअदबी और बिजली समझौते हैं। इन तीन मुद्दों पर पीपीसीसी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, परगट सिंह टवीट् के जरिये कैप्टन अमरिंदर सिंह को आए दिन घेरते थे।
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सिद्धू तो दावा करते थे कि पहली कैबिनेट में ही ड्रग्स, बेअदबी और बिजली समझौते के मुद्दे पर फैसला कर देंगे। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के करीबी परगट सिंह वही विधायक हैं, जिन्होंने कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अब परगट सिंह मंत्री हैं और उनके कंधों पर विभाग की जिम्मेदारी के साथ-साथ उन टवीट् की जवाबदेही भी है, जो लगातार वह कैप्टन सरकार के खिलाफ करते रहे हैं। 
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करीब ढाई साल से परगट सिंह लगातार कैप्टन को चिट्ठी लिखते रहे। हर बार वह पंजाब में बड़े ड्रग्स तस्करों पर कार्रवाई न होने और बेअदबी मामलों में इंसाफ न मिलने का मुद्दा उठाते रहे। उनकी चिट्ठियों में भी यही बात प्रमुखता से रहती थी कि इन पर कार्रवाई की जाए। चुनावी घोषणा पत्र में कांग्रेस ने वादा किया था कि उनकी सरकार बनती है तो हेलीकॉप्टर प्रयोग नहीं किया जाएगा और वीआईपी कल्चर खत्म होगा, लेकिन पिछले साढ़े चार साल कांग्रेस वीआईपी कल्चर को खत्म नहीं कर पाई। 

घर विहीन व गरीब लोगों के लिए पांच रुपये में खाना रेडक्रॉस सोसाइटी की तरफ से दिया जाएगा, कांग्रेस का यह वादा भी अधर में है। किसानों के कर्ज माफी का बड़ा वादा भी अधर में है। काफी किसान अब भी कर्ज के बोझ में दबे हैं। बिजली 5 रुपये प्रति यूनिट, 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ते के वादे भी चन्नी सरकार को पूरे करने पड़ेंगे। 


2017 में कैप्टन ने गुटका साहिब की सौगंध खाकर कहा था कि वह चार सप्ताह में नशे का सफाया कर देंगे, लेकिन पंजाब में नशे की जड़ें काफी मजबूत हो चुकी हैं। घर-घर रोजगार के तहत परिवार के कम से कम एक सदस्य को नौकरी मुहैया करवाने का वादा था, जो पूरा न होने पर युवाओं में खासा रोष है। इन वादों के साथ चन्नी की नई वजारत को जूझना पड़ेगा और 2017 के चुनावी घोषणा पत्र को पूरा करना चन्नी की नई टीम के कंधों पर होगा।

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