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कनाडा का फर्जी वीजा लगाने वाले काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Mon, 29 Jun 2015 10:05 PM IST
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कनाडा का फर्जी वीजा लगाकर लोगों को ठगने वाले तीन ट्रेवल एजेंटों को
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जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने काबू किया है। आरोपियों की
पहचान ध्यान सिंह उर्फ गुरजीत सिंह निवासी गांव धालीवाल नकोदर, कुलदीप सिंह
उर्फ बॉबी निवासी दिल्ली और कमलजीत सिंह उर्फ हैप्पी निवासी तरनतारन के
रूप में हुई है। पुलिस ने रविवार आरोपियों को अदालत में पेश किया। इसके बाद
उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
एसीपी पीसीआर जसबीर सिंह राय और स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंद्रजीत सिंह ने बताया कि तीनों आरोपी घर पर बैठकर कनाडा का फर्जी वीजा लगा युवकों से 20 से 25 लाख रुपये लेते थे। पुलिस ने आरोपियों से 13 पासपोर्ट, अलग-अलग स्टीकर वीजा की छह कापियां, दो मोहरें और एक जाली ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया है। उन्होंने अब तक 150 से ज्यादा लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगा है।
तीनों आरोपी लोगों को फर्जी वीजा लगाकर देते थे। एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन के समय लोग पकड़े जाते थे। फर्जी वीजा के मामले में इमीग्रेशन वाले लोेगों पर केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज देते थे। उन्होंने कहा कि जालंधर, शाहकोट और पटियाला के कुछ लोगों ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ ट्रेवल एजेंटों ने उन्हें कनाडा भेजने के नाम पर ठगी की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पुलिस ने पहले आरोपी ध्यान सिंह को पकड़ा। बाद में उसके दो साथी आरोपी बॉबी और हैप्पी को गिरफ्तार किया।
इन तीनों में आरोपी ध्यान सिंह गिरोह का मुख्य सरगना है। उन्होंने कहा कि पूछताछ में तीनों आरोपियों ने माना है कि वे कनाडा भेजने के लिए लोगों से 20 से 25 लाख रुपये लेते थे। साथ ही घर पर कंप्यूटर के जरिये फर्जी वीजा तैयार कर देते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को खिलाफ केस दर्ज कर दिया है।
तीनों पर चल रहे हैं करीब पंद्रह केस
जसबीर सिंह राय और इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आरोपियों ने जिन-जिन लोगों को लूटा है, पुलिस उनकी लिस्ट बना रही है। इन ठगों को गिरफ्तार करने के लिए टेक्निकल सैल का भी सहयोग लिया है। उन्होंने कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी पंजाब और राज्य के बाहरी थानों में ठगी करने संबंधी करीब 15 केस चल रहे हैं। कई मामलों में इन आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
गिरोह के कई राज्यों से भी जुड़े हैं तार
जसबीर सिंह राय और इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इस ठग गिरोह का संबंध दिल्ली, मुंबई और अन्य कई बड़े शहरों के एजेंटों के साथ है। उन्होंने कहा इस मामले में मुंबई के किसी कलाकार का नाम भी सामने आ रहा है। इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है।
एसीपी पीसीआर जसबीर सिंह राय और स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंद्रजीत सिंह ने बताया कि तीनों आरोपी घर पर बैठकर कनाडा का फर्जी वीजा लगा युवकों से 20 से 25 लाख रुपये लेते थे। पुलिस ने आरोपियों से 13 पासपोर्ट, अलग-अलग स्टीकर वीजा की छह कापियां, दो मोहरें और एक जाली ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया है। उन्होंने अब तक 150 से ज्यादा लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगा है।
तीनों आरोपी लोगों को फर्जी वीजा लगाकर देते थे। एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन के समय लोग पकड़े जाते थे। फर्जी वीजा के मामले में इमीग्रेशन वाले लोेगों पर केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज देते थे। उन्होंने कहा कि जालंधर, शाहकोट और पटियाला के कुछ लोगों ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ ट्रेवल एजेंटों ने उन्हें कनाडा भेजने के नाम पर ठगी की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पुलिस ने पहले आरोपी ध्यान सिंह को पकड़ा। बाद में उसके दो साथी आरोपी बॉबी और हैप्पी को गिरफ्तार किया।
इन तीनों में आरोपी ध्यान सिंह गिरोह का मुख्य सरगना है। उन्होंने कहा कि पूछताछ में तीनों आरोपियों ने माना है कि वे कनाडा भेजने के लिए लोगों से 20 से 25 लाख रुपये लेते थे। साथ ही घर पर कंप्यूटर के जरिये फर्जी वीजा तैयार कर देते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को खिलाफ केस दर्ज कर दिया है।
तीनों पर चल रहे हैं करीब पंद्रह केस
जसबीर सिंह राय और इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आरोपियों ने जिन-जिन लोगों को लूटा है, पुलिस उनकी लिस्ट बना रही है। इन ठगों को गिरफ्तार करने के लिए टेक्निकल सैल का भी सहयोग लिया है। उन्होंने कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी पंजाब और राज्य के बाहरी थानों में ठगी करने संबंधी करीब 15 केस चल रहे हैं। कई मामलों में इन आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
गिरोह के कई राज्यों से भी जुड़े हैं तार
जसबीर सिंह राय और इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इस ठग गिरोह का संबंध दिल्ली, मुंबई और अन्य कई बड़े शहरों के एजेंटों के साथ है। उन्होंने कहा इस मामले में मुंबई के किसी कलाकार का नाम भी सामने आ रहा है। इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है।