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कैबिनेट मंत्री के निवास स्थान पर रोष प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sun, 28 Jun 2015 09:33 PM IST
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राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन की सांझी एक्शन कमेटी के बैनर तले रविवार को
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मजदूरों ने कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल के निवास स्थान पर रोष प्रदर्शन
किया। जालंधर और कपूरथला के मजदूरों ने आदर्श नगर पार्क में इकट्ठा होकर
पार्क सेे कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाला के घर तक विशाल रोष मार्च
निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
की।
एक्शन कमेटी के कनवीनर राजे थापा ने कहा कि श्रम विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। किसी भी फैक्टरी में मजदूरों की सहूलियतों के लिए बने श्रम कानून को लागू नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जालंधर की करीब 90 फीसदी फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी तक नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल ने मजदूरों को आ रही परेशानियों को कभी जानने की कोशिश नहीं की। श्रम विभाग में इंस्पेक्टर पर की कमी है।
इसका नुकसान मजदूरों को हो रहा है, क्योंकि उनकी शिकायतों को हल नहीं किया जाता। प्रदर्शनकारी मजदूरों को कम से कम 15000 रुपये मासिक वेतन देने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मजदूरों को पांच-पांच मरले के प्लॉट और मकान बनाने के लिए 3 लाख रुपये दिए जाएं। मजदूरों के अधिकार खत्म करने वाला बील वापस लिया जाए। मजदूरों के नीले कार्ड बनाए जाएं। श्रम विभाग में काम करने वाले चाइल्ड लेबर के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह को हटाया जाए। इस दौरान रवि वाधवन, केएल कौशल, जगतार सिंह, प्रकाश जस्सल और जीत राज मौजूद रहे।
एक्शन कमेटी के कनवीनर राजे थापा ने कहा कि श्रम विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। किसी भी फैक्टरी में मजदूरों की सहूलियतों के लिए बने श्रम कानून को लागू नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जालंधर की करीब 90 फीसदी फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी तक नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल ने मजदूरों को आ रही परेशानियों को कभी जानने की कोशिश नहीं की। श्रम विभाग में इंस्पेक्टर पर की कमी है।
इसका नुकसान मजदूरों को हो रहा है, क्योंकि उनकी शिकायतों को हल नहीं किया जाता। प्रदर्शनकारी मजदूरों को कम से कम 15000 रुपये मासिक वेतन देने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मजदूरों को पांच-पांच मरले के प्लॉट और मकान बनाने के लिए 3 लाख रुपये दिए जाएं। मजदूरों के अधिकार खत्म करने वाला बील वापस लिया जाए। मजदूरों के नीले कार्ड बनाए जाएं। श्रम विभाग में काम करने वाले चाइल्ड लेबर के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह को हटाया जाए। इस दौरान रवि वाधवन, केएल कौशल, जगतार सिंह, प्रकाश जस्सल और जीत राज मौजूद रहे।