{"_id":"6a8edb49db3b33a2d606615a","slug":"irrigation-project-worth-rs-161-crore-started-in-garhshankar-hoshiarpur-news-c-70-1-spkl1012-105315-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalandhar News: गढ़शंकर में 1.61 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalandhar News: गढ़शंकर में 1.61 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना शुरू
Wed, 26 Aug 2026 05:55 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Wed, 26 Aug 2026 05:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़शंकर। पंजाब के जल संसाधन, भूमि एवं जल संरक्षण और खनन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को गढ़शंकर में 1.61 करोड़ रुपये की परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उपचारित 3 एमएलडी पानी से करीब 125 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी।
परियोजना के तहत खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए 7,059 मीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें 250 एमएम व्यास की पाइपलाइन के साथ 60 आउटलेट शामिल हैं। यह परियोजना भूमि एवं जल संरक्षण विभाग ने आरआईडीएफ-25 के तहत तैयार की है। मंत्री गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार नहर के पानी की उपलब्धता बढ़ाने और भूजल बचाने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि उपचारित पानी के उपयोग से किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी और बिजली की बचत होगी।
मंत्री ने गांव डेरों में नहरी सिंचाई से जुड़े कार्यों का भी उद्घाटन किया। बिस्त दोआब नहर के तहत 8.60 किलोमीटर लाइनिंग वाले वाटरकोर्स पर 1.99 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं, 16.93 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन पर 1.74 करोड़ रुपये लगाए गए। इन कार्यों से 18 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। नहरी सिंचाई का क्षेत्र 2,658 एकड़ से बढ़कर 3,880 एकड़ हो गया है। मोहनवाल और मेहंदीपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के टेल पर दो भूजल रिचार्ज योजनाओं से 328 घन मीटर पानी भूजल में पहुंचाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गढ़शंकर। पंजाब के जल संसाधन, भूमि एवं जल संरक्षण और खनन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को गढ़शंकर में 1.61 करोड़ रुपये की परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उपचारित 3 एमएलडी पानी से करीब 125 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी।
परियोजना के तहत खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए 7,059 मीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें 250 एमएम व्यास की पाइपलाइन के साथ 60 आउटलेट शामिल हैं। यह परियोजना भूमि एवं जल संरक्षण विभाग ने आरआईडीएफ-25 के तहत तैयार की है। मंत्री गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार नहर के पानी की उपलब्धता बढ़ाने और भूजल बचाने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि उपचारित पानी के उपयोग से किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी और बिजली की बचत होगी।
विज्ञापन
मंत्री ने गांव डेरों में नहरी सिंचाई से जुड़े कार्यों का भी उद्घाटन किया। बिस्त दोआब नहर के तहत 8.60 किलोमीटर लाइनिंग वाले वाटरकोर्स पर 1.99 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं, 16.93 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन पर 1.74 करोड़ रुपये लगाए गए। इन कार्यों से 18 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। नहरी सिंचाई का क्षेत्र 2,658 एकड़ से बढ़कर 3,880 एकड़ हो गया है। मोहनवाल और मेहंदीपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के टेल पर दो भूजल रिचार्ज योजनाओं से 328 घन मीटर पानी भूजल में पहुंचाया गया है।
विज्ञापन